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मथुरा: मां कात्यायनी मंदिर के शताब्दी समारोह की तैयारियां शुरू
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वृंदावन (मथुरा)। 51 शक्तिपीठों में शामिल मां कात्यायनी पीठ के शताब्दी समारोह की तैयारियां प्रारंभ हो गईं हैं। शताब्दी समारोह देवी में शामिल होने के लिए देश भर के लोग आ रहे हैं। कात्यायनी ट्रस्ट ने मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए कई सुविधाएं प्रारंभ की हैं। योजना यह है कि आने वाले समय में कात्यायनी मंदिर परिसर में 51 शक्तिपीठों की स्थापना कर मंदिर को नए स्वरूप में तैयार किया जाए।
कात्यायनी ट्रस्ट के अध्यक्ष विष्णु प्रकाश और सचिव रविदयाल ने बताया कि पांच फरवरी (माघी पूर्णिमा) को मां कात्यायनी मंदिर के सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसलिए 29 जनवरी से पांच फरवरी तक शताब्दी वर्ष उत्सव 2023 मनाया जा रहा है। उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में ही ठाकुर राधारमण मंदिर के सेवायत एवं विश्व प्रसिद्ध कथा व्यास श्रीवत्स गोस्वामी महाराज 29 जनवरी से चार फरवरी तक प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से सायं 6:30 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मां कात्यायनी और उनके भक्तों को कराएंगे।
इस दौरान ही मंदिर परिसर में शतचंडी महायज्ञ भी शुरू होगा। उन्होंने बताया कि पांच फरवरी को सुबह 10 से 11:30 बजे तक विशेष चार आरती होंगी। कात्यायनी ट्रस्ट के पूर्व सचिव नरेश दयाल ने बताया कि मंदिर में दोपहर को भोग आरती के बाद रोजाना देवी भक्तों के प्रसाद, सायं को चना हलुवा प्रसाद और खीर प्रसाद का वितरण होता है। उन्होंने बताया कि मथुरा और वृंदावन के लोगों का पूरी सहयोग मिल रहा है।
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कात्यायनी ट्रस्ट के अध्यक्ष विष्णु प्रकाश और सचिव रविदयाल ने बताया कि पांच फरवरी (माघी पूर्णिमा) को मां कात्यायनी मंदिर के सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसलिए 29 जनवरी से पांच फरवरी तक शताब्दी वर्ष उत्सव 2023 मनाया जा रहा है। उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में ही ठाकुर राधारमण मंदिर के सेवायत एवं विश्व प्रसिद्ध कथा व्यास श्रीवत्स गोस्वामी महाराज 29 जनवरी से चार फरवरी तक प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से सायं 6:30 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मां कात्यायनी और उनके भक्तों को कराएंगे।
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इस दौरान ही मंदिर परिसर में शतचंडी महायज्ञ भी शुरू होगा। उन्होंने बताया कि पांच फरवरी को सुबह 10 से 11:30 बजे तक विशेष चार आरती होंगी। कात्यायनी ट्रस्ट के पूर्व सचिव नरेश दयाल ने बताया कि मंदिर में दोपहर को भोग आरती के बाद रोजाना देवी भक्तों के प्रसाद, सायं को चना हलुवा प्रसाद और खीर प्रसाद का वितरण होता है। उन्होंने बताया कि मथुरा और वृंदावन के लोगों का पूरी सहयोग मिल रहा है।
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