{"_id":"6064736f8ebc3ed3d535f25e","slug":"mathura-one-hanged-in-triple-murder-case-three-life-imprisonment-mathura-news-agr4867207113","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: तिहरे हत्याकांड में एक को फांसी, तीन को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: तिहरे हत्याकांड में एक को फांसी, तीन को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। तीन वर्ष पूर्व राया के गांव भरऊ में हुए तिहरे हत्याकांड में गवाह और साक्ष्यों को आधार मानते हुए अपर जिला जज दशम ने बुधवार को पांच में से एक को फांसी की सजा, तीन को आजीवन कारावास व महिला अभियुक्त को बरी कर दिया। हत्या जमीनी विवाद को लेकर की गई थी। वारदात के बाद से ही अभियुक्त जेल में थे। सजा पाने वालों में दो सगे भाई, एक पुत्र व एक अन्य ग्रामीण शामिल है।
राया गांव भरुऊ में 18 जून 2018 की रात को सनसनीखेज वारदात में सत्यप्रकाश, भंवर सिंह फौजी व सुंदर सिंह की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह अलग-अलग स्थानों पर सो रहे थे। तिहरे हत्याकांड से गांव में सनसनी फैल गई थी। मृतक सत्यप्रकाश के भतीजे जितेंद्र ने राया थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में हत्या करने वालों के न केवल नाम प्रकाश में आए बल्कि पुलिस ने गांव के ही गजराज पुत्र गुलाब सिंह, चंदन सिंह पुत्र छीतर सिंह, काली चरन उर्फ करूआ पुत्र छीतर सिंह, अनिल कुमार पुत्र कालीचरण तथा महिला भगवती देवी उर्फ भागो को गिरफ्तार कर लिया। बाद में भगवती देवी की जमानत हो गई लेकिन अन्य अभियुक्त जेल में ही रहे।
केस की सुनवाई एडीजे-दशम अमर सिंह ने की। उनके द्वारा भगवती देवी को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। चंदन पुत्र छीतर सिंह को मृत्युदंड तथा उसके भाई कालीचरन, भतीजे अनिल कुमार तथा अन्य ग्रामीण गजराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजीसी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि एक को मृत्युदंड तीन को दोष सिद्ध होने के बाद आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राया गांव भरुऊ में 18 जून 2018 की रात को सनसनीखेज वारदात में सत्यप्रकाश, भंवर सिंह फौजी व सुंदर सिंह की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह अलग-अलग स्थानों पर सो रहे थे। तिहरे हत्याकांड से गांव में सनसनी फैल गई थी। मृतक सत्यप्रकाश के भतीजे जितेंद्र ने राया थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में हत्या करने वालों के न केवल नाम प्रकाश में आए बल्कि पुलिस ने गांव के ही गजराज पुत्र गुलाब सिंह, चंदन सिंह पुत्र छीतर सिंह, काली चरन उर्फ करूआ पुत्र छीतर सिंह, अनिल कुमार पुत्र कालीचरण तथा महिला भगवती देवी उर्फ भागो को गिरफ्तार कर लिया। बाद में भगवती देवी की जमानत हो गई लेकिन अन्य अभियुक्त जेल में ही रहे।
विज्ञापन
केस की सुनवाई एडीजे-दशम अमर सिंह ने की। उनके द्वारा भगवती देवी को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। चंदन पुत्र छीतर सिंह को मृत्युदंड तथा उसके भाई कालीचरन, भतीजे अनिल कुमार तथा अन्य ग्रामीण गजराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजीसी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि एक को मृत्युदंड तीन को दोष सिद्ध होने के बाद आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन