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मथुरा: अब हाईवे से सटी कॉलोनियों के लिए सिरदर्द बने बंदर
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मथुरा। बंदरों के उत्पात से मथुरा-वृंदावन के लोगों को तो राहत नहीं मिल सकी, पर अब हाईवे से सटी कॉलोनियों के लिए यह बंदर सिरदर्द बनने लगे हैं। हाईवे से सटी तत्वदर्शी और आनंदवन कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने शहर से बंदरों को पकड़कर हाईवे की कॉलोनियों के पास छुड़वा दिया है, जबकि एक सप्ताह पूर्व इन कॉलोनियों में बंदर नहीं थे। महापौर आरोपों को निराधार बताते हुए बंदरों को चंबल में छोड़ने का दावा कर रहे हैं।
मथुरा-वृंदावन में बंदरों का उत्पात किसी से छुपा नहीं है। मथुरा के बंदर हमलावर होते हैं तो वृंदावन में बंदर चेहरे से चश्मा उतारकर भागने में माहिर हैं। नगर निगम ने इन बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया। हाईवे से सटी कॉलोनी आनंदवन और तत्वदर्शी वाटिका के मनोज वर्मा, हरेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह प्रधान, रम्मो सेठ, राकेश मिश्रा, मुकेश अग्रवाल और नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि एक सप्ताह पूर्व कॉलोनियों में बंदर नहीं थे।
अचानक बंदर आ गए। बंदराें के चलते लोग परेशान हैं। महिलाएं व बच्चे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सभी की नगर निगम से मांग है कि इन बंदरों को कॉलोनियों से पकड़वाकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए।
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शहर में अभियान के वक्त पकड़े गए बंदरों को चंबल में छुड़वाया गया है। अगर कोई यह आरोप लगा रहा है कि हाईवे पर बंदर छोड़े गए तो यह सब निराधार है। अभी तक मथुरा और वृंदावन में करीब 2 हजार बंदर पकड़े गए हैं। अब बंदरों पर ऐसा रंग डाला जाएगा, जिससे कि लौटकर आने पर उसकी निशानी साफ दिख जाए।
- डॉ. मुकेश आर्य बंधु, महापौर
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मथुरा-वृंदावन में बंदरों का उत्पात किसी से छुपा नहीं है। मथुरा के बंदर हमलावर होते हैं तो वृंदावन में बंदर चेहरे से चश्मा उतारकर भागने में माहिर हैं। नगर निगम ने इन बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया। हाईवे से सटी कॉलोनी आनंदवन और तत्वदर्शी वाटिका के मनोज वर्मा, हरेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह प्रधान, रम्मो सेठ, राकेश मिश्रा, मुकेश अग्रवाल और नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि एक सप्ताह पूर्व कॉलोनियों में बंदर नहीं थे।
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अचानक बंदर आ गए। बंदराें के चलते लोग परेशान हैं। महिलाएं व बच्चे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सभी की नगर निगम से मांग है कि इन बंदरों को कॉलोनियों से पकड़वाकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए।
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शहर में अभियान के वक्त पकड़े गए बंदरों को चंबल में छुड़वाया गया है। अगर कोई यह आरोप लगा रहा है कि हाईवे पर बंदर छोड़े गए तो यह सब निराधार है। अभी तक मथुरा और वृंदावन में करीब 2 हजार बंदर पकड़े गए हैं। अब बंदरों पर ऐसा रंग डाला जाएगा, जिससे कि लौटकर आने पर उसकी निशानी साफ दिख जाए।
- डॉ. मुकेश आर्य बंधु, महापौर