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मथुरा: भ्रष्टाचार में फंसा गोवर्धन थाने में तैनात दरोगा
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गोवर्धन (मथुरा)। थाने से राजस्थान के डीग क्षेत्र में 12 मई को दबिश की कहकर गए दरोगा सोनू सिंह भाटी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप में फंस गया है। उसके खिलाफ राजस्थान जयपुर की एंटी करप्शन टीम ने भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
12 मई दोपहर को गोवर्धन थाने में तैनात दरोगा सोनू सिंह भाटी कार से छैलबिहारी नाम के व्यक्ति के साथ राजस्थान के डीग क्षेत्र में दबिश की कहकर गए थे। उसके बाद उन्होंने जो वहां किया वह वर्दी को शर्मसार कर देने वाली कहानी है। आरोप है कि दरोगा ने दबिश के बहाने वहां एक व्यक्ति से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत के लिए। उस व्यक्ति ने पहले ही एंटी करप्शन से पकड़वाने का जाल बिछा रखा था। दरोगा सोनू सिंह ने जिस व्यक्ति से रुपये लिए उस समय वहां से कुछ दूरी पर एंटी करप्शन टीम थी।
सोनू सिंह भाटी को जैसे ही इसकी भनक लगी तो वह कार लेकर गोवर्धन की ओर भाग निकले, एंटी करप्शन टीम की हड़बड़ाहट में सोनू सिंह की कार कुछ दूर जाकर अनियंत्रित हो गई और खाई में जा गिरी। सोनू सिंह व छैल बिहारी को गंभीर चोेटें आईं। पुलिस ने घायलों को मथुरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
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अस्पताल में पुलिस ने आरोपी की जेब से 1.40 लाख रुपये बरामद किए थे। उस समय प्रभारी थानाध्यक्ष गोवर्धन रवींद्र बाबू ने दरोगा को बचाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए और पत्रकारों को एक्सीडेंट की घटना बताकर गुमराह किया था। इस बीच राजस्थान से एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों की एक टीम गोवर्धन थाने पहुंची थी। हालांकि इस संबंध में अभी राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
राजस्थान में मुकदमा दर्ज की जानकारी मिली है, पर कोई कॉपी अभी तक नहीं मिली। फिलहाल पूरे मामले की जानकारी की जा रही है।
- एसपी देहात श्रीश्चंद
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12 मई दोपहर को गोवर्धन थाने में तैनात दरोगा सोनू सिंह भाटी कार से छैलबिहारी नाम के व्यक्ति के साथ राजस्थान के डीग क्षेत्र में दबिश की कहकर गए थे। उसके बाद उन्होंने जो वहां किया वह वर्दी को शर्मसार कर देने वाली कहानी है। आरोप है कि दरोगा ने दबिश के बहाने वहां एक व्यक्ति से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत के लिए। उस व्यक्ति ने पहले ही एंटी करप्शन से पकड़वाने का जाल बिछा रखा था। दरोगा सोनू सिंह ने जिस व्यक्ति से रुपये लिए उस समय वहां से कुछ दूरी पर एंटी करप्शन टीम थी।
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सोनू सिंह भाटी को जैसे ही इसकी भनक लगी तो वह कार लेकर गोवर्धन की ओर भाग निकले, एंटी करप्शन टीम की हड़बड़ाहट में सोनू सिंह की कार कुछ दूर जाकर अनियंत्रित हो गई और खाई में जा गिरी। सोनू सिंह व छैल बिहारी को गंभीर चोेटें आईं। पुलिस ने घायलों को मथुरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
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अस्पताल में पुलिस ने आरोपी की जेब से 1.40 लाख रुपये बरामद किए थे। उस समय प्रभारी थानाध्यक्ष गोवर्धन रवींद्र बाबू ने दरोगा को बचाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए और पत्रकारों को एक्सीडेंट की घटना बताकर गुमराह किया था। इस बीच राजस्थान से एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों की एक टीम गोवर्धन थाने पहुंची थी। हालांकि इस संबंध में अभी राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
राजस्थान में मुकदमा दर्ज की जानकारी मिली है, पर कोई कॉपी अभी तक नहीं मिली। फिलहाल पूरे मामले की जानकारी की जा रही है।
- एसपी देहात श्रीश्चंद