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मथुरा: २० जनवरी से दांपत्य सूत्र में बंधेंगे नवयुगल दंपती, बजेगी शहनाई
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मथुरा। 14 जनवरी को सूर्य भगवान मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं। सूर्य भगवान अपने पुत्र शनि के साथ मकर राशि पर एक महीना तक रहेंगे, उसके बाद सूर्य भगवान शनि का साथ छोड़कर देव गुरु बृहस्पति के साथ में पहुंच जाएंगे। वर्तमान में सूर्य के उत्तरायण होने पर शहनाई बजने जा रही हैं। नवयुगल दंपती वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ दांपत्य सूत्र में अब २० जनवरी से बंधेंगे।
दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व हो जाने से उत्तरायण का प्रारंभ हो गया है। इसी के साथ निरयण शिशिर ऋतु की शुरुआत हो गई है। विवाह, यज्ञोपवीत मुंडन, गृह प्रवेश, गृहारंभ, वधू प्रवेश, द्विरागमन आदि सभी मुहूर्त प्रारंभ हो रहे हैं जो अपने नक्षत्र और रेखाओं के आधार पर अलग-अलग तिथियों में बनते हैं।
शुभ वैवाहिक मुहूर्त विक्रम संवत 2078 जनवरी 20, 22, 23, 27, 29, 30, फरवरी 4, 5, 6, 7, 10, 18, 19, 20 के हैं। 23 फरवरी को बृहस्पति ग्रह अस्त हो जाएंगे। इसी के साथ विवाह आदि मांगलिक कार्य एक बार फिर बंद हो जाएंगे। नया विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ 2 अप्रैल से होगा। नए पंचांग से विवाह के मुहूर्त प्रारंभ होंगे।
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कोरोना का रहेगा ख्याल
वैवाहिक कार्यक्रमों में आयोजकों ने कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की भी तैयारी कर ली है। कार्यक्रम के दौरान एक साथ लोगों को नहीं बुलाया जा रहा है। किसी को दोपहर तो किसी को शाम को बुलाया जा रहा है। रात के कार्यक्रम के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। इसके लिए तीन अलग-अलग तिथियों वाले कार्ड छपवाए जा रहे हैं।
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दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व हो जाने से उत्तरायण का प्रारंभ हो गया है। इसी के साथ निरयण शिशिर ऋतु की शुरुआत हो गई है। विवाह, यज्ञोपवीत मुंडन, गृह प्रवेश, गृहारंभ, वधू प्रवेश, द्विरागमन आदि सभी मुहूर्त प्रारंभ हो रहे हैं जो अपने नक्षत्र और रेखाओं के आधार पर अलग-अलग तिथियों में बनते हैं।
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शुभ वैवाहिक मुहूर्त विक्रम संवत 2078 जनवरी 20, 22, 23, 27, 29, 30, फरवरी 4, 5, 6, 7, 10, 18, 19, 20 के हैं। 23 फरवरी को बृहस्पति ग्रह अस्त हो जाएंगे। इसी के साथ विवाह आदि मांगलिक कार्य एक बार फिर बंद हो जाएंगे। नया विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ 2 अप्रैल से होगा। नए पंचांग से विवाह के मुहूर्त प्रारंभ होंगे।
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वैवाहिक कार्यक्रमों में आयोजकों ने कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की भी तैयारी कर ली है। कार्यक्रम के दौरान एक साथ लोगों को नहीं बुलाया जा रहा है। किसी को दोपहर तो किसी को शाम को बुलाया जा रहा है। रात के कार्यक्रम के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। इसके लिए तीन अलग-अलग तिथियों वाले कार्ड छपवाए जा रहे हैं।