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मथुरा: गमगीन माहौल में करबला में ताजिए किए सुपुर्द-ए-खाक
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मथुरा (वृंदावन)। मोहर्रम का त्योहार शुक्रवार को मनाया गया। इस मौके पर मोहर्रम कमेटी शहर व सदर मथुरा के तत्वावधान में यौमे आशूरा के दिन सभी ताजिएदारों ने 4 दर्जन से अधिक छोटे बड़े ताजियों को कब्रिस्तान करबला में कोविड-19 के अनुपालन में सुपुर्द-ए-खाक किया।
मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद यूनुस गाजी ने बताया कि हजरत मुहम्मद साहब के प्यारे नवासे हजरत इमाम हुसैन ने अपने जमाने के सबसे बड़े जालिम और ताकतवर बादशाह यजीद के खिलाफ बहादुरी और सब्र के साथ अपने काफिले के 72 लोगों ने जिसमें औरतें और बच्चे भी शामिल थे, उन्होंने जमकर मुकाबला किया। उसे दुनिया कभी भूला नहीं सकती। यजीद ने अपनी खिलाफत का एलान कर और हजरत इमाम हुसैन को भी खलीफा बनाने के लिए कहा लेकिन हजरत इमाम हुसैन ने जालिम बादशाह की खिलाफत लेने से इनकार कर दिया।
इनकार करने की वजह से करबला में जंग का मंजर हो गया। जंग के दौरान हजरत इमाम हुसैन ने शहादत का जाम पी लिया और आज यौमे आशूरा को गमगीन माहौल में मनाया जाता है। सचिव अबरार खान वारसी ने सभी ताजिएदारों, अलमदार व अखाड़ेदारों एवं छोटा दुलदुल व बड़ा दुलदुल वालों का शुक्रिया करते हुए कहा कि कोविड-19 के अनुपालन में घरों व इमामबाड़ों में सादगी के साथ मुहर्रम मनाया। निशांत अहमद, डॉ. शबनम कुरैशी, शहजाद वेग, राजू फारूखी, याशीन शाह, आरिफ कुरैशी, कदीर खान, बंटी कुरैशी, नईम अब्बासी, शौकत अब्बासी, अली अब्बास, शाहिद कुरैशी, बबलू कुरैशी, गुड्डू खान, सदान वारसी थे। इधर, वृंदावन में भी मोहर्रम का त्योहार मनाया गया। जहां गमगीन माहौल में ताजिए सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
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मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद यूनुस गाजी ने बताया कि हजरत मुहम्मद साहब के प्यारे नवासे हजरत इमाम हुसैन ने अपने जमाने के सबसे बड़े जालिम और ताकतवर बादशाह यजीद के खिलाफ बहादुरी और सब्र के साथ अपने काफिले के 72 लोगों ने जिसमें औरतें और बच्चे भी शामिल थे, उन्होंने जमकर मुकाबला किया। उसे दुनिया कभी भूला नहीं सकती। यजीद ने अपनी खिलाफत का एलान कर और हजरत इमाम हुसैन को भी खलीफा बनाने के लिए कहा लेकिन हजरत इमाम हुसैन ने जालिम बादशाह की खिलाफत लेने से इनकार कर दिया।
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इनकार करने की वजह से करबला में जंग का मंजर हो गया। जंग के दौरान हजरत इमाम हुसैन ने शहादत का जाम पी लिया और आज यौमे आशूरा को गमगीन माहौल में मनाया जाता है। सचिव अबरार खान वारसी ने सभी ताजिएदारों, अलमदार व अखाड़ेदारों एवं छोटा दुलदुल व बड़ा दुलदुल वालों का शुक्रिया करते हुए कहा कि कोविड-19 के अनुपालन में घरों व इमामबाड़ों में सादगी के साथ मुहर्रम मनाया। निशांत अहमद, डॉ. शबनम कुरैशी, शहजाद वेग, राजू फारूखी, याशीन शाह, आरिफ कुरैशी, कदीर खान, बंटी कुरैशी, नईम अब्बासी, शौकत अब्बासी, अली अब्बास, शाहिद कुरैशी, बबलू कुरैशी, गुड्डू खान, सदान वारसी थे। इधर, वृंदावन में भी मोहर्रम का त्योहार मनाया गया। जहां गमगीन माहौल में ताजिए सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
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