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मथुरा: श्रीजी मंदिर में अब नहीं चलेगी सेवायतों की मनमानी
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बरसाना (मथुरा)। विश्व प्रसिद्ध श्रीजी मंदिर में अब सेवा के लिए दैनिक समय सारिणी निर्धारित कर दी गई है। समय सारिणी के विपरीत यदि कोई सेवायत मनमानी करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। सेवाक्रम को सुधारने के लिए दो माह पूर्व सेवायतों की बैठक हुई थी। इसमें गोस्वामीजनों ने प्रस्ताव रखा था कि राधारानी मंदिर को खोलने व बंद करने का समय निर्धारित किया जाए, ताकि देश के कौने-कौने व विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
मंदिर रिसीवर कृष्णमुरारी गोस्वामी ने बताया कि सेवायतों की बैठक की कार्रवाई पर आज से अमली जामा पहनाना सेवायतों व प्रबंधक ने शुरू कर दिया है। इसके तहत अब राधा रानी मंदिर की राजभोग आरती प्रतिदिन दोपहर एक बजे होगी। अभी तक मंदिर की राजभोग आरती दो से ढाई बजे तक हुआ करती थी।
ग्रीष्म के समय शयन आरती रात 9 बजे और शीत में रात 8 बजे होगी। मंगला आरती ग्रीष्म में सुबह 5 बजे और शीत में साढ़े पांच बजे, शृंगार आरती रोजना सुबह 8 बजे होगी। जो सेवायत इन नियमों को नहीं मानेगा, उनके विरुद्ध मंदिर रिसीवर व सेवायत मिल कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा मंदिर परिसर में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना प्रारंभ कर दिया गया है। भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों को भी चेतावनी दे दी गई है।
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मंदिर रिसीवर कृष्णमुरारी गोस्वामी ने बताया कि सेवायतों की बैठक की कार्रवाई पर आज से अमली जामा पहनाना सेवायतों व प्रबंधक ने शुरू कर दिया है। इसके तहत अब राधा रानी मंदिर की राजभोग आरती प्रतिदिन दोपहर एक बजे होगी। अभी तक मंदिर की राजभोग आरती दो से ढाई बजे तक हुआ करती थी।
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ग्रीष्म के समय शयन आरती रात 9 बजे और शीत में रात 8 बजे होगी। मंगला आरती ग्रीष्म में सुबह 5 बजे और शीत में साढ़े पांच बजे, शृंगार आरती रोजना सुबह 8 बजे होगी। जो सेवायत इन नियमों को नहीं मानेगा, उनके विरुद्ध मंदिर रिसीवर व सेवायत मिल कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा मंदिर परिसर में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना प्रारंभ कर दिया गया है। भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों को भी चेतावनी दे दी गई है।
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