{"_id":"61016b598ebc3e58571bef9d","slug":"mathura-3-93-lakh-cusecs-of-water-released-from-hathnikund-mathura-news-agr5016023118","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: हथनीकुंड से छोड़ा 3.93 लाख क्यूसेक पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: हथनीकुंड से छोड़ा 3.93 लाख क्यूसेक पानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बरसात का असर अब यमुना में देखने को मिलेगा। बुधवार को हथनीकुंड बैराज से 3.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। इसका असर चार दिन बाद मथुरा में देखने को मिलेगा। फिलहाल प्रयाग घाट पर यमुना का जल स्तर 164.36 मीटर पर पहुंच गया है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में निरंतर बरसात हो रही है। इससे बैराजों पर दबाव आने के बाद नदियों में पानी छोड़ने का क्रम शुरू हो गया है। इसी प्रक्रिया में बुधवार को हथनीकुंड बैराज से यमुना में 3.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें दोपहर दो बजे 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके दो घंटे बाद शाम चार बजे 1.20 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, जबकि इसके दो घंटे और बाद शाम छह बजे फिर 1.43 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया।
हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए इस पानी का प्रभाव चार दिन बाद जनपद में देखने को मिलेगा। फिलहाल प्रयाग घाट पर शाम चार बजे यमुना का जल स्तर 164.36 मीटर था। दो दिन से जलस्तर पर इजाफा हो रहा है। 24 घंटे के दौरान यमुना का जलस्तर 6 सेंटीमीटर बढ़ गया है। ऐसे में गोकुल बैराज से आगरा के लिए यमुना में 14342 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि यमुना में हथनीकुंड से छोड़े गए पानी की मात्रा को चिंताजनक नहीं माना जा रहा है। फिलहाल क्षेत्र में बरसात कम होने से आसपास खाली गड्ढों में उक्त पानी भरेगा। इससे पानी की मात्रा में गिरावट आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले कई दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में निरंतर बरसात हो रही है। इससे बैराजों पर दबाव आने के बाद नदियों में पानी छोड़ने का क्रम शुरू हो गया है। इसी प्रक्रिया में बुधवार को हथनीकुंड बैराज से यमुना में 3.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें दोपहर दो बजे 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके दो घंटे बाद शाम चार बजे 1.20 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, जबकि इसके दो घंटे और बाद शाम छह बजे फिर 1.43 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया।
विज्ञापन
हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए इस पानी का प्रभाव चार दिन बाद जनपद में देखने को मिलेगा। फिलहाल प्रयाग घाट पर शाम चार बजे यमुना का जल स्तर 164.36 मीटर था। दो दिन से जलस्तर पर इजाफा हो रहा है। 24 घंटे के दौरान यमुना का जलस्तर 6 सेंटीमीटर बढ़ गया है। ऐसे में गोकुल बैराज से आगरा के लिए यमुना में 14342 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि यमुना में हथनीकुंड से छोड़े गए पानी की मात्रा को चिंताजनक नहीं माना जा रहा है। फिलहाल क्षेत्र में बरसात कम होने से आसपास खाली गड्ढों में उक्त पानी भरेगा। इससे पानी की मात्रा में गिरावट आएगी।
विज्ञापन