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मथुरा: जोधपुर झाल पर मिले 54 प्रजातियों के 1758 जलीय पक्षी
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मथुरा। जोधपुर झाल में विचरण करते पक्षी।
- फोटो : VRINDAVAN
फरह (मथुरा)। जोधपुर झाल पर शुक्रवार को एशियन वाटरबर्ड सेंसस-23 के अंतर्गत जलीय पक्षियों की गणना की गई। वेटलैंड्स इंटरनेशनल के इस गणना कार्यक्रम में बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने जलीय पक्षियों की गणना 2 समूहों में 8 विशेषज्ञ सदस्यों द्वारा करीब साढे़ तीन घंटे में पूरी की गई।
लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गणना के दौरान वेटलैंड्स इंटरनेशनल के टीके रॉय और बीआरडीएस के डॉ. केपी सिंह के निर्देशन में जलीय पक्षियों की 54 प्रजातियां पाई गईं। इसमें 32 प्रवासी व 22 स्थानीय प्रजातियां शामिल थीं, जिनके पक्षियों की संख्या १७५८ रही। इसमें सेंट्रल एशियन फ्लाई-वे के अंतर्गत दर्ज 7 संकटग्रस्त प्रजातियां मिली हैं।
वेटलैंड्स इंटरनेशनल के ईकोलोजिस्ट टीके रॉय ने बताया कि जोधपुर झाल वेटलैंड सेंट्रल एशियन फ्लाईवे के अंतर्गत प्रवासी पक्षियों के लिए आदर्श वेटलैंड है, जिसमें साल भर विभिन्न श्रेणी के प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं। यहां 1500 से अधिक विदेशी पक्षियों की मौजूदगी मिली है। बीआरडीएस के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने बताया कि इस साल जोधपुर झाल वेटलैंड पर पक्षियों की प्रजातियों व जनसंख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। इसका कारण वर्षा जल का अधिक संचय होना है।
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जोधपुर झाल पर गणना का आंकड़ा
- 2021 में 47 प्रजातियों के 1179 पक्षी
- 2022 में 51 प्रजाति के 1347 पक्षी
- 2023 में 54 प्रजाति के 1758 पक्षी
संकटग्रस्त पक्षियों की 7 प्रजातियां
गणना में 1 वल्नरेविल और 6 नियर थ्रेटेन्डेड प्रजातियों की पहचान की गई। इनमें सारस क्रेन, पेंटेड स्टार्क, ब्लैक हेडेड आईबिश, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, बूली-नेक्ड स्टॉर्क व ग्रेटर स्पॉटेड ईगल शामिल हैं।
सर्वाधिक नोर्दन पिनटेल, बार हेडेड गूज व कॉमन टील
गणना के दौरान जोधपुर झाल पर नोर्दन पिनटेल 401, बार हेडेड गूज 359, कॉमन टील 302, नाब-बिल्ड डक 158, टैमिनिक स्टिंट 88 और गेडवाल 72, नोर्दन शोवलर 42, वेगटेल 62 सहित रफ, पाइड एवोसेट, स्पून-बिल, ब्राउन क्रेक, ग्रेलैग गूज, कॉमन शेल्डक, रूडी शेल्डक व ब्लैक टेल्ड गोडविट भी रिकार्ड किए गए हैं।
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लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गणना के दौरान वेटलैंड्स इंटरनेशनल के टीके रॉय और बीआरडीएस के डॉ. केपी सिंह के निर्देशन में जलीय पक्षियों की 54 प्रजातियां पाई गईं। इसमें 32 प्रवासी व 22 स्थानीय प्रजातियां शामिल थीं, जिनके पक्षियों की संख्या १७५८ रही। इसमें सेंट्रल एशियन फ्लाई-वे के अंतर्गत दर्ज 7 संकटग्रस्त प्रजातियां मिली हैं।
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वेटलैंड्स इंटरनेशनल के ईकोलोजिस्ट टीके रॉय ने बताया कि जोधपुर झाल वेटलैंड सेंट्रल एशियन फ्लाईवे के अंतर्गत प्रवासी पक्षियों के लिए आदर्श वेटलैंड है, जिसमें साल भर विभिन्न श्रेणी के प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं। यहां 1500 से अधिक विदेशी पक्षियों की मौजूदगी मिली है। बीआरडीएस के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने बताया कि इस साल जोधपुर झाल वेटलैंड पर पक्षियों की प्रजातियों व जनसंख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। इसका कारण वर्षा जल का अधिक संचय होना है।
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जोधपुर झाल पर गणना का आंकड़ा
- 2021 में 47 प्रजातियों के 1179 पक्षी
- 2022 में 51 प्रजाति के 1347 पक्षी
- 2023 में 54 प्रजाति के 1758 पक्षी
संकटग्रस्त पक्षियों की 7 प्रजातियां
गणना में 1 वल्नरेविल और 6 नियर थ्रेटेन्डेड प्रजातियों की पहचान की गई। इनमें सारस क्रेन, पेंटेड स्टार्क, ब्लैक हेडेड आईबिश, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, बूली-नेक्ड स्टॉर्क व ग्रेटर स्पॉटेड ईगल शामिल हैं।
सर्वाधिक नोर्दन पिनटेल, बार हेडेड गूज व कॉमन टील
गणना के दौरान जोधपुर झाल पर नोर्दन पिनटेल 401, बार हेडेड गूज 359, कॉमन टील 302, नाब-बिल्ड डक 158, टैमिनिक स्टिंट 88 और गेडवाल 72, नोर्दन शोवलर 42, वेगटेल 62 सहित रफ, पाइड एवोसेट, स्पून-बिल, ब्राउन क्रेक, ग्रेलैग गूज, कॉमन शेल्डक, रूडी शेल्डक व ब्लैक टेल्ड गोडविट भी रिकार्ड किए गए हैं।