{"_id":"6a1c821db4489fd4b500d1f4","slug":"massive-crowds-swarm-shri-banke-bihari-temple-mathura-news-c-161-1-mt11010-102964-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: श्रीबांकेबिहारी मंदिर में उमड़ा सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: श्रीबांकेबिहारी मंदिर में उमड़ा सैलाब
विज्ञापन
वृंदावन। अधिकमास की पूर्णिमा पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर सहित वृंदावन में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि समूची व्यवस्थाएं बिखर गईं। भीड़ में एक महिला व युवक बेहोश हो गए। वहीं अनेक श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही लौट गए।
हर तीन वर्ष में आने वाले पुरुषोत्तम मास में दर्शन, पूजन और दान-पुण्य का महत्व है। रविवार की छुट्टी और स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के चलते सुबह से ही मंदिर की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। आस्था का आलम यह था कि भक्त अपने आराध्य की झलक पाने के लिए भीषण गर्मी के बीच एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी कतारों में घंटों इंतजार करते नजर आए।
भीड़ के कारण मंदिर को जोड़ने वाली सभी संकरी गलियां और मुख्य रास्ते पूरी तरह चोक नजर आए। गेट संख्या 5 पर हालात इस कदर हो गए कि दूर तक की गलियों में केवल लोगों के सिर दिखाई दे रहे थे। भीड़ के भारी दबाव के चलते कई श्रद्धालुओं, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की चीखें निकल गईं। त्रस्त होकर हजारों श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही लौट गए।
विज्ञापन
मंदिर परिसर में बने रेलिंग चक्र के भीतर भीड़ के अत्यधिक दबाव और उमस के कारण एक महिला श्रद्धालु बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला के अचेत होते ही परिसर में खलबली मच गई। इस दौरान महिला को उठाने या त्वरित प्राथमिक चिकित्सा देने के लिए मौके पर कोई स्वास्थ्यकर्मी या प्रशासनिक अधिकारी उपलब्ध नहीं था। परिजन ने किसी तरह भीड़ के बीच ही उसे संभाला और ठंडा पानी पिलाकर होश में लाने का प्रयास किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वहीं शाम का मंदिर मार्ग पर एक युवक बेहोश गया। परिजन ने उसे किसी तरह संभाला।
अव्यवस्थाओं को लेकर बोले लोग
श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों का कहना है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन को पहले से पुख्ता योजना बनानी चाहिए थी। भीषण गर्मी को देखते हुए न तो रास्तों में पर्याप्त पानी के टैंकरों की व्यवस्था थी और न ही जगह-जगह मेडिकल कैंप लगाए गए थे। अलीगढ़ से आए विवेक ने कहा है कि वह तो भीड़ से परेशान होकर लौटकर जा रहे हैं।
विज्ञापन
हर तीन वर्ष में आने वाले पुरुषोत्तम मास में दर्शन, पूजन और दान-पुण्य का महत्व है। रविवार की छुट्टी और स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के चलते सुबह से ही मंदिर की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। आस्था का आलम यह था कि भक्त अपने आराध्य की झलक पाने के लिए भीषण गर्मी के बीच एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी कतारों में घंटों इंतजार करते नजर आए।
विज्ञापन
भीड़ के कारण मंदिर को जोड़ने वाली सभी संकरी गलियां और मुख्य रास्ते पूरी तरह चोक नजर आए। गेट संख्या 5 पर हालात इस कदर हो गए कि दूर तक की गलियों में केवल लोगों के सिर दिखाई दे रहे थे। भीड़ के भारी दबाव के चलते कई श्रद्धालुओं, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की चीखें निकल गईं। त्रस्त होकर हजारों श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही लौट गए।
विज्ञापन
मंदिर परिसर में बने रेलिंग चक्र के भीतर भीड़ के अत्यधिक दबाव और उमस के कारण एक महिला श्रद्धालु बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला के अचेत होते ही परिसर में खलबली मच गई। इस दौरान महिला को उठाने या त्वरित प्राथमिक चिकित्सा देने के लिए मौके पर कोई स्वास्थ्यकर्मी या प्रशासनिक अधिकारी उपलब्ध नहीं था। परिजन ने किसी तरह भीड़ के बीच ही उसे संभाला और ठंडा पानी पिलाकर होश में लाने का प्रयास किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वहीं शाम का मंदिर मार्ग पर एक युवक बेहोश गया। परिजन ने उसे किसी तरह संभाला।
अव्यवस्थाओं को लेकर बोले लोग
श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों का कहना है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन को पहले से पुख्ता योजना बनानी चाहिए थी। भीषण गर्मी को देखते हुए न तो रास्तों में पर्याप्त पानी के टैंकरों की व्यवस्था थी और न ही जगह-जगह मेडिकल कैंप लगाए गए थे। अलीगढ़ से आए विवेक ने कहा है कि वह तो भीड़ से परेशान होकर लौटकर जा रहे हैं।