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Mathura News: वीआईपी के लिए मंगला आरती रही मंगल, मंदिर के बाहर दंगल

Fri, 08 Sep 2023 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Updated Fri, 08 Sep 2023 11:02 PM IST
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Mangala Aarti remained auspicious for VIP, riots outside the temple
वृंदावन। श्रीबांके बिहारी की साल में एक बार होने वाली मंगला आरती के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालु रात 10 बजे से ही इंतजार में थे, मंदिर के आसपास जुट गए थे, लेकिन आरती का निर्धारित समय 1.55 बजते ही मंदिर के द्वार बंद कर दिए गए। बाहर गलियों में खचाखच भरी भीड़ परेशान हो रही थी और अंदर वीआईपी के साथ पुलिसकर्मी और आरएएफ के जवान बिहारीजी के दर्शन कर खुश हो रहे थे।
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मंदिर के अंदर करीब 400 लोग थे। इनमें डीएम व एडीजी से लेकर थानाधिकारी तक ही नहीं, ड्यूटी पर तैनात जवान भी वीआईपी बनकर पहुंचे थे। इनके अलावा सेवायतों के यजमान थे। करीब आठ मिनट आरती चली। इसके बाद बाहर खड़ी भीड़ को अंदर आने दिया और यह सिलसिला तड़के तक चला। हालांकि बीती जन्माष्टमी की तरह हादसा नहीं होने से पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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बृहस्पतिवार रात 1.55 बजते ही सेवायत-गोस्वामियों ने ठाकुरजी की आरती उतार उनसे जग के मंगल की कामना की। इस दौरान प्रभु की छठा देखते ही बन रही थी। मंदिर परिसर को भी जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य रूप से सजाया गया। इससे पहले रात एक बजे आरती की तैयारियों को पूरा कर लिया गया था। सेवायत आनंद गोस्वामी ने आरती उतारी।
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दिनेश गोस्वामी सहित अन्य ने मंत्रोच्चार किया। बीते साल हुए हादसे को ध्यान में रखते हुए पुलिस-प्रशासन ने आरती को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी योजना बना ली थी। आरती के समय सिर्फ मंदिर के सेवायत, गोस्वामी, उनके परिवार और एडीजी जोन आगरा, डीएम, एसएसपी व पुलिस फोर्स मौजूद रही। आम भक्तों को प्रवेश नहीं दिया गया।


पुलिस-प्रशासन सेवायतों का रहा कब्जा
मंगला आरती देखने की आस लेकर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को काफी निराशा हुई। मंगला आरती के समय मंदिर के द्वार बंद कर दिए गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा गोस्वामी, सेवायत और उनके परिवार के लोगों को ही प्रवेश पास जारी किए गए। आरती संपन्न होने पर ही मंदिर के द्वार खोले गए। ऐसे में भक्त प्रशासन को कोसते नजर आए। लोगों ने कहा कि अधिकारियों ने पूरी तरह से आरती को सरकारी कार्यक्रम बना दिया। मंदिर परिसर के फोटो सोशल मीडिया पर देखे, जिसमें वर्दीधारी ही वर्दीधारी दिख रहे थे। जब आम जनता को प्रवेश दिया ही नहीं गया तो वर्दीधारी आखिर किसकी सुरक्षा में इतनी संख्या में मौजूद थे। प्रशासन मंदिर की क्षमता के अनुरूप तो कम से कम भक्तों को प्रवेश दे सकता था।


आराध्य बांकेबिहारी की मंगला आरती का विशेष महत्व होता है क्योंकि यह वर्ष में एक बार होती है। इसके दर्शन के लिए करीब डेढ़ माह पहले से योजना बनाकर आए, लेकिन आरती के दर्शन नहीं हुए।
- अभिषेक त्रिपाठी, इलाहाबाद


ठाकुरजी के द्वार पर भी भक्तों के साथ अन्याय हुआ है। मंगला आरती की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन आरती दर्शन नहीं हो सके। कुछ लोगों को तो प्रवेश दिया ही जा सकता था।

- खुशबू गौरव, भोपाल


आस्था के साथ भेदभाव न्यायोचित नहीं है। भगवान के द्वार पर सभी बराबर हैं, लेकिन गोस्वामी और अफसरों ने मंगला आरती के दर्शन नहीं होने दिए। पुलिसवाले सभी वीआईपी बने हुए थे।
- शिवांश तोमर, मुरैना
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