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ठाकुर जी को पंचमेवा की खिचड़ी का भोग लगाया
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मथुरा। वृंदावन में मकर संक्रांति सजाए गए ठाकुर बांकेबिहारी जी के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं
- फोटो : VRINDAVAN
वृंदावन (मथुरा)। वृंदावन में बुधवार को मकर संक्रांति के त्योहार की धूम रही। मंदिरों में उत्सव देखने को मिला। दिन भर दान पुण्य का दौर चला। कहीं खिचड़ी का वितरण किया गया तो कहीं तिल से बने खाद्य पदार्थ बांटे गए। श्रीबांकेबिहारी जी को पंचमेवा से बनी खिचड़ी भोग लगाया गया।
मकर संक्रांति के पर्व पर तीर्थनगरी में बड़ी संख्या में लोग यमुना स्नान के लिए पहुंचे। वहीं, मंदिरों में दर्शन करने वाले भक्तों की भी कतार लग रही। इस मौके पर लोगों ने श्रद्धा के साथ दान-पुण्य भी किया। कहीं वस्त्र बांटे तो कहीं खाने का सामान बांटा। इसमें भी खिचड़ी का वितरण तो जगह-जगह हुआ। अनेक स्थानों पर तिल से बना खाने का सामान भी बांटा गया।
भक्तों ने की वृंदावन की परिक्रमा
मकर संक्रांति के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वृंदावन की परिक्रमा की। सुबह से शुरू हुआ परिक्रमा का दौर देर शाम तक चला। परिक्रमा करने वालों में विदेशी भक्त भी शामिल हुए। इस दौरान राधे-राधे के स्वर गूंजते रहे।
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आश्रमों में गोदान की परंपरा
वृंदावन के आश्रमों में मकर संक्रांति के दिन गोदान की भी परंपरा निभाई गई। दूर दराज से यहां दर्शन को आए भक्तों ने गो का दान किया। गो दान के कार्यक्रम आश्रमों में हुए।
महाआरती का अद्भुत नजारा देख भाव विभोर हुए भक्त
मकर संक्रांति पर लोगों ने यमुना में डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर सुबह की शुरुआत की तो सायं को केशीघाट, आरती घाट पर यमुना महारानी की महाआरती की गई। आरती का अद्भुत नजारा देख भक्त भी भाव विभोर हो गए।
महाआरती के अवसर पर संत आनंद स्वरूप गंगा बाबा ने यमुना भक्तों से संकल्प कराया। वे यमुना को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए पूरे तन-मन से कार्य करेंगे। गंगा बाबा ने भक्तों को समझाया कि यमुना महारानी के दो भाई हैं, यमराज और शनिदेव। यदि किसी की बहन की कोई दुर्दशा करेगा तो क्या भाई सहन कर पाएंगे।
यमुना भक्तों ने संकल्प लिया कि वे यमुना को न गंदा करेंगे और करने देंगे। इस मौके पर श्याम सुंदर भंडारी बाबा, राजकुमार शर्मा युवराज, किशन महाराज, बच्चा स्वरुप, आकाश सोनी, मनीष वर्मा, सौरभ चौधरी एवं विक्की व्यास आदि उपस्थित रहेे।
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मकर संक्रांति के पर्व पर तीर्थनगरी में बड़ी संख्या में लोग यमुना स्नान के लिए पहुंचे। वहीं, मंदिरों में दर्शन करने वाले भक्तों की भी कतार लग रही। इस मौके पर लोगों ने श्रद्धा के साथ दान-पुण्य भी किया। कहीं वस्त्र बांटे तो कहीं खाने का सामान बांटा। इसमें भी खिचड़ी का वितरण तो जगह-जगह हुआ। अनेक स्थानों पर तिल से बना खाने का सामान भी बांटा गया।
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भक्तों ने की वृंदावन की परिक्रमा
मकर संक्रांति के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वृंदावन की परिक्रमा की। सुबह से शुरू हुआ परिक्रमा का दौर देर शाम तक चला। परिक्रमा करने वालों में विदेशी भक्त भी शामिल हुए। इस दौरान राधे-राधे के स्वर गूंजते रहे।
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आश्रमों में गोदान की परंपरा
वृंदावन के आश्रमों में मकर संक्रांति के दिन गोदान की भी परंपरा निभाई गई। दूर दराज से यहां दर्शन को आए भक्तों ने गो का दान किया। गो दान के कार्यक्रम आश्रमों में हुए।
महाआरती का अद्भुत नजारा देख भाव विभोर हुए भक्त
मकर संक्रांति पर लोगों ने यमुना में डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर सुबह की शुरुआत की तो सायं को केशीघाट, आरती घाट पर यमुना महारानी की महाआरती की गई। आरती का अद्भुत नजारा देख भक्त भी भाव विभोर हो गए।
महाआरती के अवसर पर संत आनंद स्वरूप गंगा बाबा ने यमुना भक्तों से संकल्प कराया। वे यमुना को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए पूरे तन-मन से कार्य करेंगे। गंगा बाबा ने भक्तों को समझाया कि यमुना महारानी के दो भाई हैं, यमराज और शनिदेव। यदि किसी की बहन की कोई दुर्दशा करेगा तो क्या भाई सहन कर पाएंगे।
यमुना भक्तों ने संकल्प लिया कि वे यमुना को न गंदा करेंगे और करने देंगे। इस मौके पर श्याम सुंदर भंडारी बाबा, राजकुमार शर्मा युवराज, किशन महाराज, बच्चा स्वरुप, आकाश सोनी, मनीष वर्मा, सौरभ चौधरी एवं विक्की व्यास आदि उपस्थित रहेे।