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महंत नृत्यगोपाल दास और ब्रज को प्रतिनिधित्व न मिलने से संत नाराज
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मथुरा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन से नाराज संत रामा आश्रम में बैठक करते हुए।
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन में केंद्र सरकार द्वारा रामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास सहित ब्रज को प्रतिनिधित्व न दिए जाने का वृंदावन के संतों ने विरोध किया है। इसके खिलाफ संतों ने रामा आश्रम में बैठक के दौरान अपना विरोध जाहिर किया।
बृहस्पतिवार को शाम चार बजे आचार्य देवमुरारी बाबू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संतों ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए नवगठित ट्रस्ट की खिलाफत में स्वर मुखर किए। कहा कि श्रीराम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास आदि प्रमुख संतों के ट्रस्ट का बहिष्कार किया है। इस पर वृंदावन के संत भी अपना समर्थन देते हैं। केंद्र सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में ब्रज को भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। ब्रज में निमोही अखाड़ा, महंत धर्मदास अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरी को शामिल किया जाना चाहिए था। सरकार ने ट्रस्ट के गठन में मनमानी की है।
बैठक में दिगंबर कुणाल गिरी, महामंडलेश्वर भक्तानंद महाराज, बालक दास त्यागी, अनुराग दास शास्त्री, आचार्य रामविहोर महाराज, महामंडलेश्वर अंविकादास त्यागी, मनोहरदास त्यागी, महंत प्रेमानंद, कृष्ण प्रेम योगी, मौसम शास्त्री, ब्रह्मचारी श्रीराम चेतन्य, आचार्य शिवम दास, महंत गोपाल दास, रमेश जी, अनुरुध्य शास्त्री, ब्रजेंद्र लक्ष्मी यादव, स्वमी स्वरूप, रामचरण दास आदि मौजूद रहे।
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महंत नृत्यगोपाल दास की को मिले स्थान
श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को केंद्र सरकार द्वारा गठित किए गए ट्रस्ट में स्थान मिलना चाहिए। उनका इस आंदोलन से पुराना नाता रहा है। वे लंबे समय से सेवा का दायित्व भी संभाले हुए हैं। यह सही है कि ट्रस्ट में सीमित सदस्य होने के कारण सभी को प्रतिनिधित्व नहीं मिल सकता है।
- रामदेवानंद महाराज
अहम जिम्मेदारी देगी सरकार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सरकार महंत नृत्यगोपाल दास को अहम स्थान देगी। इसमें कोई परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अब सिर्फ मंदिर के निर्माण की शुरूआत होनी चाहिए।
- फूलडोल बिहारीदास महाराज
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बृहस्पतिवार को शाम चार बजे आचार्य देवमुरारी बाबू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संतों ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए नवगठित ट्रस्ट की खिलाफत में स्वर मुखर किए। कहा कि श्रीराम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास आदि प्रमुख संतों के ट्रस्ट का बहिष्कार किया है। इस पर वृंदावन के संत भी अपना समर्थन देते हैं। केंद्र सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में ब्रज को भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। ब्रज में निमोही अखाड़ा, महंत धर्मदास अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरी को शामिल किया जाना चाहिए था। सरकार ने ट्रस्ट के गठन में मनमानी की है।
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बैठक में दिगंबर कुणाल गिरी, महामंडलेश्वर भक्तानंद महाराज, बालक दास त्यागी, अनुराग दास शास्त्री, आचार्य रामविहोर महाराज, महामंडलेश्वर अंविकादास त्यागी, मनोहरदास त्यागी, महंत प्रेमानंद, कृष्ण प्रेम योगी, मौसम शास्त्री, ब्रह्मचारी श्रीराम चेतन्य, आचार्य शिवम दास, महंत गोपाल दास, रमेश जी, अनुरुध्य शास्त्री, ब्रजेंद्र लक्ष्मी यादव, स्वमी स्वरूप, रामचरण दास आदि मौजूद रहे।
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महंत नृत्यगोपाल दास की को मिले स्थान
श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को केंद्र सरकार द्वारा गठित किए गए ट्रस्ट में स्थान मिलना चाहिए। उनका इस आंदोलन से पुराना नाता रहा है। वे लंबे समय से सेवा का दायित्व भी संभाले हुए हैं। यह सही है कि ट्रस्ट में सीमित सदस्य होने के कारण सभी को प्रतिनिधित्व नहीं मिल सकता है।
- रामदेवानंद महाराज
अहम जिम्मेदारी देगी सरकार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सरकार महंत नृत्यगोपाल दास को अहम स्थान देगी। इसमें कोई परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अब सिर्फ मंदिर के निर्माण की शुरूआत होनी चाहिए।
- फूलडोल बिहारीदास महाराज