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वृंदावन: प्रेमानंद महाराज की शरण में पहुंचे सबसे बड़े जादूगर, आग से ऐसा खेल...संत भी रह गए अचंभित
Mon, 27 Jan 2025 07:03 PM IST
अरुन पाराशर
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 27 Jan 2025 07:03 PM IST
सार
जादूगर के करतब देख संत प्रेमानंद की हंसी नहीं रुक रही थी। जादूगर ने एक कटोरी चावल को कई कटोरी बना दिया। जादूगर ने संत को मथुरा में अपने शो में आने के लिए भी आमंत्रित किया।
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प्रेमानंद महाराज
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में जादूगर जूनियर ओपी शर्मा (सत्यप्रकाश शर्मा) पहुंचे। उन्होंने गणतंत्र दिवस पर खाली थैले से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा निकालकर दिखाया और लंबी छड़ी निकाली तो संत की हंसी का ठिकाना नहीं रहा। वह बोले, भारत का तिरंगा ध्वज है और आज देश का गणतंत्र दिवस है।
जादूगर सत्यप्रकाश ने पात्र में आग को मिठाई में बदल दिया। खाली हाथों से रज निकाली। इसके बाद जादूगर ने पीले कपड़े से लकड़ी की छह फीट लंबी छड़ी बना दी और कहा कि जो मैं चाहूंगा वही होगा। जो मैं दिखाऊंगा वही देखेंगे और जो मैं बोलूंगा और वही सुनेंगे तो संत भी अचंभित हो गए और ध्यान से देखकर हंसने लगे। इसके बाद जादूगर ने एक कटोरी चावल को कई कटोरी बना दिया। इसे जादू को देख संत जोर से हंसे।
इस बीच जादूगर ने उन्हें मथुरा में चल रहे शो में आमंत्रित किया और कहा कि यदि संभव हो तो वह उनके शो में आएं, लेकिन संत प्रेमानंद ने कहा कि वह वृंदावन से बाहर नहीं जाते। वह आराध्य की कृपा से यहीं रहकर भजन करते हैं।
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इससे पहले जादूगर ने संत को पुष्प माला अर्पित की। उसके बाद संत के सामने एक के बाद एक जादूई करतब दिखाए। जादूगर सत्यप्रकाश शर्मा ने कहा कि यह भी एक वैज्ञानिक कला है, जिससे वह लोगों का मनोरंजन करते हैं।
संत प्रेमानंद ने कहा कि भगवान सबसे बड़े जादूगर हैं। एक को अनंत रूप में, अनंत को एक रूप में कर देते हैं। संत ने जादूगर को बताया कि कुछ सत्य नहीं है फिर भी सब है। सत्य एक परमात्मा है। वह भ्रम को सत्य कर देते हैं। वह कितना बड़ा जादूगर है। आखिर में संत ने जादूगर को राधारानी का प्रसादी पटुका प्रदान कर आशीर्वाद दिया।
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जादूगर सत्यप्रकाश ने पात्र में आग को मिठाई में बदल दिया। खाली हाथों से रज निकाली। इसके बाद जादूगर ने पीले कपड़े से लकड़ी की छह फीट लंबी छड़ी बना दी और कहा कि जो मैं चाहूंगा वही होगा। जो मैं दिखाऊंगा वही देखेंगे और जो मैं बोलूंगा और वही सुनेंगे तो संत भी अचंभित हो गए और ध्यान से देखकर हंसने लगे। इसके बाद जादूगर ने एक कटोरी चावल को कई कटोरी बना दिया। इसे जादू को देख संत जोर से हंसे।
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इस बीच जादूगर ने उन्हें मथुरा में चल रहे शो में आमंत्रित किया और कहा कि यदि संभव हो तो वह उनके शो में आएं, लेकिन संत प्रेमानंद ने कहा कि वह वृंदावन से बाहर नहीं जाते। वह आराध्य की कृपा से यहीं रहकर भजन करते हैं।
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इससे पहले जादूगर ने संत को पुष्प माला अर्पित की। उसके बाद संत के सामने एक के बाद एक जादूई करतब दिखाए। जादूगर सत्यप्रकाश शर्मा ने कहा कि यह भी एक वैज्ञानिक कला है, जिससे वह लोगों का मनोरंजन करते हैं।
संत प्रेमानंद ने कहा कि भगवान सबसे बड़े जादूगर हैं। एक को अनंत रूप में, अनंत को एक रूप में कर देते हैं। संत ने जादूगर को बताया कि कुछ सत्य नहीं है फिर भी सब है। सत्य एक परमात्मा है। वह भ्रम को सत्य कर देते हैं। वह कितना बड़ा जादूगर है। आखिर में संत ने जादूगर को राधारानी का प्रसादी पटुका प्रदान कर आशीर्वाद दिया।