{"_id":"62386adf35ba75347b642440","slug":"lord-ranganath-seated-on-the-golden-sun-gave-darshan-to-the-devotees-mathura-news-mtr5148228106","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवान रंगनाथ ने स्वर्ण सूर्य प्रभा पर विराजमान हो भक्तों को दिए दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवान रंगनाथ ने स्वर्ण सूर्य प्रभा पर विराजमान हो भक्तों को दिए दर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। रंगनाथ मंदिर के ब्रह्मोत्सव के तहत सोमवार सुबह भगवान गोदारंगमन्नार ने स्वर्ण निर्मित सूर्य प्रभा पर आरूढ़ होकर भक्तों को दर्शन दिए। शाम को चांदी के हंस पर भगवान की शोभायात्रा निकाली गई।
श्री रंगनाथ मंदिर के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को ठाकुर गोदारंगमन्नार भगवान स्वर्ण निर्मित सूर्यप्रभा पर विराजित हुए। ठाकुर जी की इस अद्भुत छवि को निहारने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। ठाकुर जी के विराजमान होने से पूर्व दक्षिण भारतीय वेदपाठी विद्वानों ने वैदिक पद्धति से पूजा कराई। इसके बाद रंगनाथ भगवान की जयजयकार के साथ ठाकुरजी भक्तों को दर्शन देने निकले।
स्थान-स्थान पर आल्हादित भक्तों ने कपूर आरती उतारकर स्वागत किया। मंदिर परिसर में मनमोहक रंगोलियां सजाईं गईं। सवारी मंदिर से बड़ा बागीचा पहुंची। वहां विश्राम के बाद दोबारा मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर परिसर में ठाकुरजी के चल विग्रह का तिरुमन्जन कर प्रसाद निवेदित किया गया। शाम को मंदिर परिसर से चांदी के हंस पर भगवान गोदारंगमन्नार की शोभायात्रा निकाली गई।
विज्ञापन
ब्रह्मोत्सव में आज
वृंदावन। धार्मिक नगरी के प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में निर्धारित मुहूर्तानुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि से प्रारंभ होकर आगामी दस दिनों तक जारी रहता है। ब्रह्मोत्सव में 22 मार्च मंगलवार को भगवान गोदारंगमन्नार सुबह गरुणजी पर और शाम को हनुमानजी पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। वहीं शाम को छोटी आतिशबाजी का आयोजन होगा। संवाद
विज्ञापन
श्री रंगनाथ मंदिर के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को ठाकुर गोदारंगमन्नार भगवान स्वर्ण निर्मित सूर्यप्रभा पर विराजित हुए। ठाकुर जी की इस अद्भुत छवि को निहारने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। ठाकुर जी के विराजमान होने से पूर्व दक्षिण भारतीय वेदपाठी विद्वानों ने वैदिक पद्धति से पूजा कराई। इसके बाद रंगनाथ भगवान की जयजयकार के साथ ठाकुरजी भक्तों को दर्शन देने निकले।
विज्ञापन
स्थान-स्थान पर आल्हादित भक्तों ने कपूर आरती उतारकर स्वागत किया। मंदिर परिसर में मनमोहक रंगोलियां सजाईं गईं। सवारी मंदिर से बड़ा बागीचा पहुंची। वहां विश्राम के बाद दोबारा मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर परिसर में ठाकुरजी के चल विग्रह का तिरुमन्जन कर प्रसाद निवेदित किया गया। शाम को मंदिर परिसर से चांदी के हंस पर भगवान गोदारंगमन्नार की शोभायात्रा निकाली गई।
विज्ञापन
ब्रह्मोत्सव में आज
वृंदावन। धार्मिक नगरी के प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में निर्धारित मुहूर्तानुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि से प्रारंभ होकर आगामी दस दिनों तक जारी रहता है। ब्रह्मोत्सव में 22 मार्च मंगलवार को भगवान गोदारंगमन्नार सुबह गरुणजी पर और शाम को हनुमानजी पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। वहीं शाम को छोटी आतिशबाजी का आयोजन होगा। संवाद