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भगवान गोदारंगमन्नार ने भक्तों संग खेली होली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 09:18 PM IST
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Lord Godarangamannar played Holi with the devotees
वृंदावन (मथुरा)। रंगनाथ मंदिर के ब्रह्मोत्सव के तहत शुक्रवार शाम को भगवान गोदारंगमन्नार ने भक्तों संग होली खेली। भक्तों में ठाकुरजी के प्रसाद रूपी रंग और गुलाल को लेने की होड़ रही। माना जाता है कि रंगजी मंदिर की इस होली के साथ ही वृंदावन में चली चालीस दिवसीय होली महोत्सव का भी समापन हो गया। होली महोत्सव में पुजारियों ने पिचकारियों से भक्तों पर रंग और गुलाल की बौछार की।
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शुक्रवार शाम करीब ४ बजे मंदिर प्रांगण में वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य भगवान गोदारंगमन्नार को कांच के विमान में विराजमान कराया गया। इसके बाद भगवान गोदारंगमन्नार भक्तों के साथ होली खेलने के लिए शोभायात्रा के माध्यम से नगर भ्रमण के लिए निकले। मंदिर से निकाली गई शोभायात्रा में रंगजी का बगीचा जाते और लौटते हुए भगवान गोदारंगमन्नार ने श्रद्धालुओं के साथ गुलाल और रंगों की होली खेली।
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होली महोत्सव में पुजारियों ने चांदी की पिचकारियों से भगवान गोदारंगमन्नार का प्रसादी रंग भक्तों पर डाला जा रहा था। भक्त होली के रंग में सराबोर हो अपने को कृतार्थ मान रहे थे। भक्त भगवान गोदारंगमन्नार के जयकारे लगाए गए। इधर, भगवान गोदारंगमन्नार की सवारी आने से पूर्व जगह-जगह रंगोली सजाई गईं।
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नौ वर्षों से रंगोली सजा रहे हैं शुभम राजपूत
रंगनाथ मंदिर के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव में भक्ति के नित नये रंग दिखाई दे रहे हैं। कोई श्रद्धावश रंगोली सजा रहा है। तो कोई ठाकुरजी को अपनी नृत्य भंगिमाओं से रिझा रहा है। महोत्सव में वैदिक परंपराओं के निर्वहन के साथ सांस्कृतिक अनुष्ठानों का भी समावेश किया जा रहा है। भगवान गोदारंगमन्नार की होली के अवसर पर कोई रंगोली सजाकर अपनी आस्था जता रहा था, तो कोई नृत्य कर भक्ति भाव अर्पित कर रहा था। इनमें से एक है शुभम राजपूत जो पिछले नौ वर्षों से लगातार ठाकुरजी की सवारी के मार्ग पर रंगोलियां उकेरते हैं। इसकी खासियत है कि भगवान जिस वाहन पर विराजित होते हैं। वहीं दृश्य विविध रंगों से सजाया जाता है। शुभम अपनी कला को ठाकुरजी का ही कृपा प्रसाद बताते हैं। कुछ इसी तरह का भाव दक्षिण भारत के ख्यातिलब्ध नर्तक वासुदेवन में भी दिखाई दिया। उन्होंने भरतनाटॺम शैली में अपनी अनूठी भाव भंगिमाओं से ठाकुरजी को जमकर रिझाया।
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