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Mathura News: बाढ़ में फंसी जिंदगानी, भगवान भरोसे लोग
Thu, 20 Jul 2023 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Thu, 20 Jul 2023 12:08 AM IST
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मथुरा। यमुना में आई बाढ़ के कारण तटीय इलाकों में बसे लोगों की नींद उड़ चुकी है और दिन में भी चैन नहीं है। बाढ़ प्रभावित वार्डो में घरों के 4-5 फीट तक पानी भरा है। अधिकतर लोग सुरक्षित स्थलों पर चले गए हैं और अनेक राहत शिविरों में है। जो घरों में है, उनका दिन-रात छतों पर कट रहा है।
आवागमन के रास्ते बाधित है और जरूरत का सामान भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा। बिजली कटौती के साथ ही पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन सहारा किसी का नहीं है। लोगों में रोष इस बात का है कि दो माह पहले जब चुनाव थे तो पार्षद प्रत्याशी पूरा ख्याल रखने के वादे कर रहे थे, लेकिन जीतने वाले नदारद हैं। कुछ समाजसेवी लोग और प्रशासन की मदद मिल रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों को जैसे कोई सरोकार नहीं है।
करीब एक सप्ताह तक यमुना ने वृंदावन से लेकर कोयला अलीपुर तक खादर में बसी दो सौ से ज्यादा कॉलोनियों में रोद्र रूप दिखा रखा है। छह वार्ड में फैले इन क्षेत्रों से बाढ़ के चलते हजारों लोगों को घर छाड़ना पड़ा। गलियां लबालब है। खंभे, नालियां पानी में डूबी है। जहां पानी उतरा है, वहां कीचड़ फैला है। हर तरफ दुर्गंध फैली है। बिजली कटौती और पेयजल किल्लत से भारी परेशानी झेल रहे हैं। यह सब देखकर बाशिंंदे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। घर में राशन व अन्य सामान खराब हो गया है।
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सुबह तक सड़क पर रह रहे थे, अब पानी हटने के बाद घर पहुंचे तो यहां का हाल देख हतप्रभ रह गए। सबकुछ बर्बाद हो गया। घर में रखा अनाज और पशुओं का भूसा सब खराब हो गया। इतने दिनों तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली।
- राजवीर सिंह, निवासी चिरंजी नगला
अब तक तो सड़क पर ही भोजन की व्यवस्था की गई है, लेकिन अब संकट नजर आ रहा है। इसी इलाके में ईशापुर वार्ड भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। जनप्रतिनिधियों को कोई सरोकार नहीं है।
- सतेंद्र कुमार, निवासी चिरंजी नगला
अधिकांश हिस्सा पूरी तरह से पानी में है। लोगों ने नाव से आवागमन किया है। जरूरत का सामान लेकर जा रहे हैं। अचानक आए पानी के चलते सब कुछ बर्बाद हो गया। असदर इलाके के दो वार्ड भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
- डॉ. सीएल धनगर, निवासी ईशापुर
महादेव घाट रोड पर तीन मकानों में दरारें आईं हैं। बंगलिया कॉलोनी निवासी प्रेमवती यादव के मकान की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इन्हीं के निकट बेबी गोला के मकान की दीवार भी चटक गई है। संजीव सारस्वत का मकान भी प्रभावित हुआ है।
- संजय अग्रवाल, पार्षद सदर
अभी 70 प्रतिशत क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है। अनेक मकानों में दरारे आ गईं हैं। बाढ़ से यह क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हुआ है।
- नीरज रावत, निवासी जयसिंहपुरा
यमुना में जल स्तर इतनी तेजी के साथ बढ़ा कि लोग घरों से सामान भी नहीं ले जा सके। पानी उतरने बाद घरों का हाल बहुत बुरा है। कीचड़ जमा हो गई है। टाउनशिप की ओर वार्ड कोयला अलीपुर और रांची बांगर इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
राकेश भाटिया, पार्षद जयसिंह पुरा
आबादी के साथ फसल भी बर्बाद हो गई है। सब्जियाें की फसल चौपट हो गई है। बाढ़ ने बुरा हाल कर दिया है। कोई सुध लेने वाला नहीं है।
डिप्टी राम, निवासी कोयला अलीपुर
रात एक बजे अचानक घर में पानी घुस गया। इसका पता ही नहीं चला। आनन-फानन में परिवार के सदस्यों को बचाकर बाहर ले जाना पड़ा। अभी भी इस क्षेत्र में पानी भरा है। खाने-पीने की व्यवस्था भी चौपट हो गई है।
अमर चंद, निवासी रांची बांगर
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आवागमन के रास्ते बाधित है और जरूरत का सामान भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा। बिजली कटौती के साथ ही पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन सहारा किसी का नहीं है। लोगों में रोष इस बात का है कि दो माह पहले जब चुनाव थे तो पार्षद प्रत्याशी पूरा ख्याल रखने के वादे कर रहे थे, लेकिन जीतने वाले नदारद हैं। कुछ समाजसेवी लोग और प्रशासन की मदद मिल रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों को जैसे कोई सरोकार नहीं है।
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करीब एक सप्ताह तक यमुना ने वृंदावन से लेकर कोयला अलीपुर तक खादर में बसी दो सौ से ज्यादा कॉलोनियों में रोद्र रूप दिखा रखा है। छह वार्ड में फैले इन क्षेत्रों से बाढ़ के चलते हजारों लोगों को घर छाड़ना पड़ा। गलियां लबालब है। खंभे, नालियां पानी में डूबी है। जहां पानी उतरा है, वहां कीचड़ फैला है। हर तरफ दुर्गंध फैली है। बिजली कटौती और पेयजल किल्लत से भारी परेशानी झेल रहे हैं। यह सब देखकर बाशिंंदे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। घर में राशन व अन्य सामान खराब हो गया है।
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सुबह तक सड़क पर रह रहे थे, अब पानी हटने के बाद घर पहुंचे तो यहां का हाल देख हतप्रभ रह गए। सबकुछ बर्बाद हो गया। घर में रखा अनाज और पशुओं का भूसा सब खराब हो गया। इतने दिनों तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली।
- राजवीर सिंह, निवासी चिरंजी नगला
अब तक तो सड़क पर ही भोजन की व्यवस्था की गई है, लेकिन अब संकट नजर आ रहा है। इसी इलाके में ईशापुर वार्ड भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। जनप्रतिनिधियों को कोई सरोकार नहीं है।
- सतेंद्र कुमार, निवासी चिरंजी नगला
अधिकांश हिस्सा पूरी तरह से पानी में है। लोगों ने नाव से आवागमन किया है। जरूरत का सामान लेकर जा रहे हैं। अचानक आए पानी के चलते सब कुछ बर्बाद हो गया। असदर इलाके के दो वार्ड भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
- डॉ. सीएल धनगर, निवासी ईशापुर
महादेव घाट रोड पर तीन मकानों में दरारें आईं हैं। बंगलिया कॉलोनी निवासी प्रेमवती यादव के मकान की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इन्हीं के निकट बेबी गोला के मकान की दीवार भी चटक गई है। संजीव सारस्वत का मकान भी प्रभावित हुआ है।
- संजय अग्रवाल, पार्षद सदर
अभी 70 प्रतिशत क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है। अनेक मकानों में दरारे आ गईं हैं। बाढ़ से यह क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हुआ है।
- नीरज रावत, निवासी जयसिंहपुरा
यमुना में जल स्तर इतनी तेजी के साथ बढ़ा कि लोग घरों से सामान भी नहीं ले जा सके। पानी उतरने बाद घरों का हाल बहुत बुरा है। कीचड़ जमा हो गई है। टाउनशिप की ओर वार्ड कोयला अलीपुर और रांची बांगर इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
राकेश भाटिया, पार्षद जयसिंह पुरा
आबादी के साथ फसल भी बर्बाद हो गई है। सब्जियाें की फसल चौपट हो गई है। बाढ़ ने बुरा हाल कर दिया है। कोई सुध लेने वाला नहीं है।
डिप्टी राम, निवासी कोयला अलीपुर
रात एक बजे अचानक घर में पानी घुस गया। इसका पता ही नहीं चला। आनन-फानन में परिवार के सदस्यों को बचाकर बाहर ले जाना पड़ा। अभी भी इस क्षेत्र में पानी भरा है। खाने-पीने की व्यवस्था भी चौपट हो गई है।
अमर चंद, निवासी रांची बांगर