फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   lathamar holi in nandgao

नंदगांव में बरसाना के हुरियारों पर बरसीं प्रेम पगी लाठियां

Sat, 19 Mar 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 19 Mar 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
lathamar holi in nandgao
लठामार होली
बरसाना की रंगीली होली के अगले ही दिन श्रीराधारानी और उनकी सखियां होली का फगुवा (नेग) मांगने नंदभवन (नंदगांव) में पहुंच गई। बहाना फगुवा और मन में लालसा कन्हैया से एक बार और होली खेलने की थी। इधर नंदगांव के हुरियारे भी बरसाने में हार का बदला लेने की मंशा लिए थे।
विज्ञापन


होली के लिए दोनों ही तरफ बेताबी रही। शाम होते-होते होली का ये उल्लास अपने शिखर पर पहुंच गया। प्रेम पगी लाठियों ने अलौकिक प्रेम बरसाया।

दोपहर के ढाई बजे नंदभवन में एक हाथ में पिचकारी लिए और गले में पीला पटुका लपेटे गोस्वामी बालक पहुंचा और खबर दी कि बरसाने वाले यशोदाकुंड स्थित गोशाला में आ चुके हैं। रंग-बिरंगी पागों और दुपट्टों से हुरियारों का सिर सजा हुआ है।
विज्ञापन


नंदगांव के गोप-ग्वाले बरसाना से आए हुरियारों को टेसू के फूलों के रंग से सराबोर करने लगते हैं। होली के पदों के साथ अबीर-गुलाल हवाओं में तैरने लगता है।
सभी समाजी एकत्रित होते हैं और पारंपरिक वेशभूषा से सुसज्जित नंदगांव, बरसाना के ग्वालवालों के मध्य अष्टछाप के कवियों के पदों का संयुक्त समाज गायन शुरू करते हैं। समाज गायन में ठाकुरजी को अनुराग युक्त गालियां भी सुनाई जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इधर महिलाएं सितारे जड़े लहंगा-चुनरी पहन लंबा घूंघट काढ़कर अपने-अपने दरवाजे पर खड़ी होने लगीं। वहीं नंदभवन में करीब एक घंटे तक रंगों से सराबोर होने के बाद बरसाने के हुरियारे नंदगांव की गोपियोें से हंसी-मजाक करते हुए रंगीली गली से निकलने लगे।

गोपियों के साथ होली के रसियों का गायन कर नृत्य किया। सोलह शृंगार से सजी ग्वालिन लाठी लिए तैयार थीं। इत आईं ब्रजबाल, मृगनैनी गज गामिनी, टेके हैं मदन गुपाल, घन घेरयौ जनौं दामिनी।

गोपियों को उकसाने के लिए हुरियारे उनको प्रेम पगी गालियां सुनाते हुए होली चौक पर एकत्र होने लगे। समाज का इशारा मिलते ही हुरियारिनों ने जमकर लाठियां बरसाईं और प्रेम में मगन हुरियारे उनको फूलों की टहनियां मान, मार खा-खाकर निहाल हुए।

सांझ ढलने लगी। समाज का आदेश हुआ कि सूर्यदेव छिप गए हैं, लठामार बंद की जाए। बरसाना के हुरियारे गोपियों के चरणस्पर्श कर बरसाने को कूच कर गए।

रंग और गुलाल से सराबोर हुई गलियां
नंदगांव। विश्व प्रसिद्ध लठामार होली के लिए सुबह से ही हजारोें श्रद्धालु पहुंच गए थे। उन्होंने रंग, गुलाल, अबीर लगा, होली के रसिया गाकर कान्हा के दर्शन किए। चारों ओर रंग और गुलाल से मले हुए गुलाबी, हरे और पीले चेहरे थे, राधे-राधे गूंज सुनाई दे रही थी।

होली के रसिया पर नाचे श्रद्धालु
 नंदभवन में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने नंद परिवार के दर्शन पाकर निहाल हुए। जब बरसाना के हुरियारे नंदभवन में पहुंचे तो मस्ती का आलम सातवें आसमान पर पहुंच गया। अबीर-गुलाल का उड़ना और रंगों की बरसात अचानक तेज हो गई। कोई भी इस बरसात में भीगने से अपने को रोक न सका। जिस पर यह रंग पड़ा वह धन्य हो उठा।


दिल्ली से पहली बार होली में शामिल होने आईं प्रेमवती रंग में पूरी तरह सराबोर हो गईं। कंपकंपी छूट रही थी लेकिन अलौकिक आनंद को छोड़ने को राजी नहीं हुईं। उन्हीं के साथ आईं रश्मि भी प्रेम के इस अद्भुत मेले को देखकर भावविभोर हो गईं। उन्होंने बताया वो अपने परिवार के साथ इस होली को देखने आई हैं। अनुपम लोक लीला का सभी ने आनंद उठाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed