फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Lack of water in pregnant women is increasing the risk of delivery

Mathura News: गर्भवती महिलाओं में पानी की कमी प्रसव में बढ़ा रही खतरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 12:50 AM IST
विज्ञापन
Lack of water in pregnant women is increasing the risk of delivery
मथुरा। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी, उमस और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से अधिक गर्भवती महिलाएं उपचार के लिए पहुंच रही हैं। इनमें से अधिकांश को शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी पाई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार यह स्थिति न सिर्फ मां के लिए, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी घातक साबित हो सकती है। इसलिए चिकित्सक गर्भवती महिलाओं के उपचार के साथ ही उन्हें ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन

महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार पुर्वानी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बने रहना बहुत जरूरी है। पानी की कमी से डिहाइड्रेशन, हाई ब्लड प्रेशर, मांसपेशियों में खिंचाव और समय से पहले प्रसव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे शिशु का विकास प्रभावित होता है और कई मामलों में जन्म के समय शिशु का वजन भी सामान्य से कम रहता है।
विज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वालीं अधिकांश महिलाएं पोषण की दृष्टि से भी बेहद कमजोर हैं। उन्होंने बताया कि कई महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सिर्फ दो समय भोजन करती हैं और दिनभर में पानी की मात्रा भी बेहद कम रहती है। इसके अलावा पर्याप्त आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड न लेने से शरीर में आवश्यक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे शिशु के अंगों का विकास बाधित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चिकित्सक की सलाह
गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ भी पीने चाहिए। इससे भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा संतुलित आहार, आयरन, कैल्शियम सप्लीमेंट्स का नियमित सेवन बहुत जरूरी है।



स्वास्थ्य विभाग चला रहा जागरूकता अभियान
सीएमओ डॉ. संजीव कुमार यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं को पोषक तत्व लेने के प्रति जागरूक करने में लगा है। बावजूद इसके गर्भवती महिलाएं अपने खान-पान में सुधार नहीं कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed