मथुरा।वर्ष 2025 तक देश को क्षय रोग मुक्ति के संकल्प को तय समय सीमा से पहले पूरा करने को लेकर कई नई योजनायें और कार्यक्रम शुरू किये जा रहे हैं । 1 मई से टीबी मरीजो का सैम्पल लैब तक पहुँचाने का काम अब डाकिये करेंगे । इससे पहले यह सैम्पल कोरियर से भेजे जाते थे, जिससे रोगियों की पहचान और इलाज शूरू होने में विलम्ब होता था। स्वास्थ्य व डाक विभाग मे करार हुआ है। बताया जाता है कि मथुरा सहित प्रदेश के करीब 2300 अधिकृत टीबी जाँच केन्द्रों (डीएसटी) से 24 घंटे के अन्दर 142 सीबीनाट मशीन सेंटर तक सैम्पल पहुंचाने का काम डाक विभाग करेगा। मथुरा में एक दर्जन केंद्र हैं। यूपी में 142 सीबीनाट मशीन सेंटर से प्रदेश के आठ जिलों लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, बरेली, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर और इटावा में स्थित ड्रग कल्चर सेंसटिविटी टेस्ट सेंटर तक 48 घंटे के अन्दर सैम्पल पहुंचाने का काम करेगा। ये माना जाता है कि एक टीबी मरीज अनजाने में न जाने कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है । इस करार के बाद सैम्पल की जाँच में तेजी आएगी और जाँच रिपोर्ट आते ही जल्द से जल्द उनका इलाज शुरू कर दिया जाएगा । इससे संक्रमण का खतरा कम रहेगा। डॉ. शेर सिंह सीएमओ,मथुरा