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Mathura News: दिन तो कहीं आधी रात में मनेगा कान्हा का जन्मोत्सव
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वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर सहित नगर के सभी मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिरों में कहीं आधी रात तो कहीं दिन में भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक किया जाएगा। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और दर्शन का समय निर्धारित करने के साथ ही ठाकुरजी के लिए खास पकवान एवं अभिषेक के लिए दूध, दही, शहद, घी, शक्कर एवं जड़ी-बूटियों की व्यवस्था की जा रही है।
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में 4 सितंबर की मध्य रात्रि (12 बजे) ठाकुरजी का महाअभिषेक किया जाएगा। इस दौरान मंदिर के पट बंद रहेंगे। इससे पहले सेवायत गोस्वामियों द्वारा भक्तों को मंदिर के चबूतरे पर श्रीकृष्ण जन्म की कथा श्रवण कराई जाएगी। इसके बाद वर्ष में केवल एक बार मंदिर में होने वाली मंगला आरती देर रात मंदिर के सेवायत फ्रेंकी गोस्वामी एवं गौरव गोस्वामी द्वारा की जाएगी। इसके बाद सुबह तक श्रद्धालु को ठाकुरजी के दर्शन हो सकेंगे।
प्रेम मंदिर में रात 12 बजे होगा जन्माभिषेक
मंदिर के व्यवस्थापक अजय त्रिपाठी ने बताया कि मध्य रात्रि 12 बजे शंखध्वनि के साथ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। पुजारियों द्वारा गर्भगृह में दूध, दही, घी, शहद, शक्कर एवं जड़ी-बूटियों से महाअभिषेक के बाद शृंगार आरती होगी। इससे पहले शाम से रात 12 बजे तक मंदिर परिसर में रासलीला व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। श्रद्धालुओं को मुठिया के लड्डू प्रसाद में वितरण किया जाएगा। ठाकुरजी के लिए खास पकवान खरबूजे के बीज का पाग, धनिया की पंजीरी भी तैयार की जा रही हैं।
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इस्कॉन मंदिर में लगेगा छप्पन भोग
इस्कॉन मंदिर के पीआरओ रविलोचन दास ने बताया कि 4 सितंबर की रात लगभग 9 बजे भक्तों द्वारा ठाकुरजी का अभिषेक शुरू होगा। मंत्रोच्चार के मध्य अभिषेक निरंतर चलेगा। रात 12 बजे मंदिर के पुजारियों द्वारा कान्हा का जन्माभिषेक शंख में पंचामृत भरकर किया जाएगा। इसके बाद पुष्पों से आकर्षक शृंगार कर छप्पन भोग लगाया जाएगा। वहीं ठाकुर राधादामोदर मंदिर में ठाकुरजी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक महाअभिषेक एवं हरिनाम संकीर्तन होगा। शाम 5 बजे फूलबंगला, छप्पन भोग और विशेष दर्शन होंगे। मंदिर के सेवायत कृष्णबलराम गोस्वामी ने बताया कि इस अवसर पर वर्ष में एक बार भक्तों को ठाकुरजी के चरण शिला के महाभिषेक के दर्शन होंगे।
औषधियों से होगा ठाकुर राधारमण का महाभिषेक
प्राचीन सप्त देवालयों में शामिल ठाकुर राधारमण मंदिर में सुबह नौ बजे से दोपहर 12:00 बजे तक जड़ी-बूटी, दूध, दही, मेवा एवं औषधि से भगवान के श्रीविग्रहों का महाअभिषेक किया जाएगा। मंदिर के सेवायत अनुराग गोस्वामी ने बताया कि कान्हा के जन्मोत्सव पर मंदिर को प्रवेश द्वार से जगमोहन तक सजाया जाएगा। ठाकुरजी का दिन में विधि-विधान से महाभिषेक होगा। भक्तों को चरणामृत एवं प्रसाद वितरित किया जाएगा।
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ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में 4 सितंबर की मध्य रात्रि (12 बजे) ठाकुरजी का महाअभिषेक किया जाएगा। इस दौरान मंदिर के पट बंद रहेंगे। इससे पहले सेवायत गोस्वामियों द्वारा भक्तों को मंदिर के चबूतरे पर श्रीकृष्ण जन्म की कथा श्रवण कराई जाएगी। इसके बाद वर्ष में केवल एक बार मंदिर में होने वाली मंगला आरती देर रात मंदिर के सेवायत फ्रेंकी गोस्वामी एवं गौरव गोस्वामी द्वारा की जाएगी। इसके बाद सुबह तक श्रद्धालु को ठाकुरजी के दर्शन हो सकेंगे।
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प्रेम मंदिर में रात 12 बजे होगा जन्माभिषेक
मंदिर के व्यवस्थापक अजय त्रिपाठी ने बताया कि मध्य रात्रि 12 बजे शंखध्वनि के साथ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। पुजारियों द्वारा गर्भगृह में दूध, दही, घी, शहद, शक्कर एवं जड़ी-बूटियों से महाअभिषेक के बाद शृंगार आरती होगी। इससे पहले शाम से रात 12 बजे तक मंदिर परिसर में रासलीला व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। श्रद्धालुओं को मुठिया के लड्डू प्रसाद में वितरण किया जाएगा। ठाकुरजी के लिए खास पकवान खरबूजे के बीज का पाग, धनिया की पंजीरी भी तैयार की जा रही हैं।
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इस्कॉन मंदिर में लगेगा छप्पन भोग
इस्कॉन मंदिर के पीआरओ रविलोचन दास ने बताया कि 4 सितंबर की रात लगभग 9 बजे भक्तों द्वारा ठाकुरजी का अभिषेक शुरू होगा। मंत्रोच्चार के मध्य अभिषेक निरंतर चलेगा। रात 12 बजे मंदिर के पुजारियों द्वारा कान्हा का जन्माभिषेक शंख में पंचामृत भरकर किया जाएगा। इसके बाद पुष्पों से आकर्षक शृंगार कर छप्पन भोग लगाया जाएगा। वहीं ठाकुर राधादामोदर मंदिर में ठाकुरजी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक महाअभिषेक एवं हरिनाम संकीर्तन होगा। शाम 5 बजे फूलबंगला, छप्पन भोग और विशेष दर्शन होंगे। मंदिर के सेवायत कृष्णबलराम गोस्वामी ने बताया कि इस अवसर पर वर्ष में एक बार भक्तों को ठाकुरजी के चरण शिला के महाभिषेक के दर्शन होंगे।
औषधियों से होगा ठाकुर राधारमण का महाभिषेक
प्राचीन सप्त देवालयों में शामिल ठाकुर राधारमण मंदिर में सुबह नौ बजे से दोपहर 12:00 बजे तक जड़ी-बूटी, दूध, दही, मेवा एवं औषधि से भगवान के श्रीविग्रहों का महाअभिषेक किया जाएगा। मंदिर के सेवायत अनुराग गोस्वामी ने बताया कि कान्हा के जन्मोत्सव पर मंदिर को प्रवेश द्वार से जगमोहन तक सजाया जाएगा। ठाकुरजी का दिन में विधि-विधान से महाभिषेक होगा। भक्तों को चरणामृत एवं प्रसाद वितरित किया जाएगा।