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‘ग्रह शांति के साथ मेहनत और कर्म भी आवश्यक’
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 29 Nov 2015 11:57 PM IST
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राजलक्ष्मी ज्योतिष वास्तु एवं हस्तरेखा शोध संस्थान की ओर से दो दिवसीय ज्योतिष सम्मेलन का रविवार को समापन हो गया। श्रीजी बाबा आश्रम में आयोजित सम्मेलन में दूसरे दिन भी सभी ज्योतिषियों ने ग्रहों की भूमिका पर मंथन किया।
कार्यक्रम में सर्व ग्रह गोचर के आधार पर ज्योतिष क्षेत्र में ग्रहों की भूमिका पर चर्चा में वक्ताओं ने कहा कि ग्रहों की शांति बिना देश-दुनिया का कल्याण नहीं हो सकता।
इसके अलावा जीवन में मेहनत और कर्म भी आवश्यक है। सम्मेलन में संत राजा, पंकज बाबा गोकुल वाले, डॉ. अच्चुतलाल भट्ट, अरुण बंसल, ब्रजकिशोर ब्रजवासी, गजेंद्र शर्मा,
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अजय कुमार तैलंग, राधाबिहारी गोस्वामी, अमित भारद्वाज, अर्पित तैलंग, दुर्गेश, पूनम उज्ज्वल, आदित्य गोस्वामी, डॉ. मनोज मोहन शास्त्री, कामेश्वर चतुर्वेदी आदि ने संबोधित किया। बनवारी लाल गौड़ ने आभार व्यक्त किया।
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कार्यक्रम में सर्व ग्रह गोचर के आधार पर ज्योतिष क्षेत्र में ग्रहों की भूमिका पर चर्चा में वक्ताओं ने कहा कि ग्रहों की शांति बिना देश-दुनिया का कल्याण नहीं हो सकता।
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इसके अलावा जीवन में मेहनत और कर्म भी आवश्यक है। सम्मेलन में संत राजा, पंकज बाबा गोकुल वाले, डॉ. अच्चुतलाल भट्ट, अरुण बंसल, ब्रजकिशोर ब्रजवासी, गजेंद्र शर्मा,
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अजय कुमार तैलंग, राधाबिहारी गोस्वामी, अमित भारद्वाज, अर्पित तैलंग, दुर्गेश, पूनम उज्ज्वल, आदित्य गोस्वामी, डॉ. मनोज मोहन शास्त्री, कामेश्वर चतुर्वेदी आदि ने संबोधित किया। बनवारी लाल गौड़ ने आभार व्यक्त किया।