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Jawahar Bagh Case: आर्म्स एक्ट के 40 केस अधर में लटके, हत्या का केस सीबीआई कोर्ट में स्थानांतरित
Sat, 31 Dec 2022 10:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Dec 2022 10:16 AM IST
सार
20 दिसंबर को हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया है कि जिन अधिकारी कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही की है उनकी रिपोर्ट मुख्य सचिव के पास भेजी जाए।
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जवाहर बाग कांड (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा में जिन हथियारों को प्रयोग कर जवाहर बाग पर कब्जा करने वाले लोगों ने तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष फरह संतोष यादव को मौत के घाट उतार दिया। उन असलाहधारियों के केस सीबीआई ने मथुरा की अदालत में ही छोड़ दिए हैं। जबकि उनकी हत्या संबंधी केस सीबीआई अदालत गाजियाबाद में स्थानातंरित हो गया है। अधिवक्ता के मुताबिक यह दोनों केस साथ-साथ चलने चाहिए।
जवाहर बाग पर कब्जा करने वालों के पास बहुतायत में असलाह थे। वारदात के बाद पुलिस ने इनको बरामद होना भी दिखाया था। इस संबंध में हत्या के साथ 40 केस आर्म्स एक्ट के भी दर्ज हुए। यह सभी एडीजे षष्टम अभिषेक पांडे की अदालत में चल रहे थे। हाईकोर्ट ने 19 और 20 दिसंबर को आदेश कर मथुरा में चल रहे हत्या के मुकदमे को सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद में स्थानातंरित करने का न केवल आदेश दिया बल्कि केस का ट्रायल शुरू करने का आदेश भी किया। जानकारी रहे हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच पूरी होने तक केस की सुनवाई पर मथुरा मेें रोक लगा दी थी। हत्या के मुकदमे के साथ साथ इसी अदालत में 40 केस आर्म्स एक्ट के भी चल रहे थे। यह मुकदमें अभी मथुरा में ही चल रहे हैं।
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जवाहर बाग पर कब्जा करने वालों के पास बहुतायत में असलाह थे। वारदात के बाद पुलिस ने इनको बरामद होना भी दिखाया था। इस संबंध में हत्या के साथ 40 केस आर्म्स एक्ट के भी दर्ज हुए। यह सभी एडीजे षष्टम अभिषेक पांडे की अदालत में चल रहे थे। हाईकोर्ट ने 19 और 20 दिसंबर को आदेश कर मथुरा में चल रहे हत्या के मुकदमे को सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद में स्थानातंरित करने का न केवल आदेश दिया बल्कि केस का ट्रायल शुरू करने का आदेश भी किया। जानकारी रहे हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच पूरी होने तक केस की सुनवाई पर मथुरा मेें रोक लगा दी थी। हत्या के मुकदमे के साथ साथ इसी अदालत में 40 केस आर्म्स एक्ट के भी चल रहे थे। यह मुकदमें अभी मथुरा में ही चल रहे हैं।
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अधिकारियों की भी दी है रिपोर्ट
तत्कालीन एसएसपी, डीएम सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के सीबीआई की रिपोर्ट में नपने की आशंका है। जो रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी है उसमें इनका जिक्र है। 20 दिसंबर को हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया है कि जिन अधिकारी कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही की है उनकी रिपोर्ट मुख्य सचिव के पास भेजी जाए। आदेश पर इस रिपोर्ट को सीबीआई ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के पास भेजा है।
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