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पति को सात साल की साज, पांच हजार का अर्थदंड
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मथुरा। एफटीसी कोर्ट प्रथम ने दहेज की खातिर पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित किए जाने के मामले में पति को सात वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
एडीजीसी भगत सिंह के अनुसार सुरीर के गांव जगरुपा निवासी लांगुरिया पुत्र गैंदा सिंह की बेटी सुनीता की शादी लेखराज और छोटी बेटी ममता की शादी ओमवीर पुत्रगण शिवचरन निवासी गांव बाटी, वृंदावन के संग सात मार्च-2011 को हुई। शादी के बाद से ममता को पति ओमवीर और ससुराल वाले दहेज के लिए मारपीट करने लगे।
22 अगस्त 2011 को ममता झुलस गई। 28 अगस्त को ममता की मौत हो गई। दहेज की खातिर आत्महत्या को प्रेरित करने के मामले में विवेचक ने आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया है। 11 जनवरी-2012 में आरोप सही पाए गए। एडीजीसी के अनुसार इस मामले में 11 गवाहों के बयान हुए।
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एफटीसी कोर्ट ने पति ओमवीर को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में सात साल कैद और पांच हजार रुपये का अर्थदंड, धारा-498 ए के तहत तीन वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये का अर्थदंड, दहेज प्रथा एक्ट दो साल की सजा और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह सभी सजा एक साथ चलेंगी।
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एडीजीसी भगत सिंह के अनुसार सुरीर के गांव जगरुपा निवासी लांगुरिया पुत्र गैंदा सिंह की बेटी सुनीता की शादी लेखराज और छोटी बेटी ममता की शादी ओमवीर पुत्रगण शिवचरन निवासी गांव बाटी, वृंदावन के संग सात मार्च-2011 को हुई। शादी के बाद से ममता को पति ओमवीर और ससुराल वाले दहेज के लिए मारपीट करने लगे।
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22 अगस्त 2011 को ममता झुलस गई। 28 अगस्त को ममता की मौत हो गई। दहेज की खातिर आत्महत्या को प्रेरित करने के मामले में विवेचक ने आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया है। 11 जनवरी-2012 में आरोप सही पाए गए। एडीजीसी के अनुसार इस मामले में 11 गवाहों के बयान हुए।
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एफटीसी कोर्ट ने पति ओमवीर को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में सात साल कैद और पांच हजार रुपये का अर्थदंड, धारा-498 ए के तहत तीन वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये का अर्थदंड, दहेज प्रथा एक्ट दो साल की सजा और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह सभी सजा एक साथ चलेंगी।