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दहेज हत्या में पति और सास को आजीवन कारावास
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मथुरा। चार वर्ष पूर्व हुई दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने पति और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जब कि विवेचना में निकाले गए अन्य ससुरालीजन को न्यायालय ने तलब किया है।
घटना के वादी विजय कुमार लवानिया निवासी टैंटीगांव ने अपनी बहिन ममता की शादी घटना से 14 वर्ष पूर्व प्रेमचंद शर्मा निवासी पचहरा मांट के साथ की थी। शादी के समय से ससुरालीजन द्वारा मोटरसाइकिल और एक लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
आठ वर्ष पूर्व मायके पक्ष ने मोटरसाइकिल दे दी परंतु एक लाख रुपये नहीं दिए इस कारण 19 मार्च 2016 पति सहित ससुरालीजन ने ममता को आग लगा दी। इलाज के दौरान ममता की मौत हो गई। भाई विजय कुमार लवानिया नेे पति प्रेम चंद्र, जेठ गंगाप्रसाद, जेठानी कमलेश, सास दयावती, देवर भरतलाल और भुवनेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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मामले की सुनवाई के दौरान एडीजे- एफटीसी प्रथम जहेन्द्र पाल सिंह ने पति प्रेम चंद तथा सास दयावती को आजीवन कारावास की सजा तथा पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। एडीजीसी भगत सिंह आर्य ने बताया कि इस मामले में वसिवेचक ने जेठ, जेठानी, दोनों देवरों को विवेचना के दौरान निकाल दिया था। न्यायालय ने उन्हें पुन: तलब किया है। केस में कुल सात गवाह पेश किए गए।
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घटना के वादी विजय कुमार लवानिया निवासी टैंटीगांव ने अपनी बहिन ममता की शादी घटना से 14 वर्ष पूर्व प्रेमचंद शर्मा निवासी पचहरा मांट के साथ की थी। शादी के समय से ससुरालीजन द्वारा मोटरसाइकिल और एक लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
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आठ वर्ष पूर्व मायके पक्ष ने मोटरसाइकिल दे दी परंतु एक लाख रुपये नहीं दिए इस कारण 19 मार्च 2016 पति सहित ससुरालीजन ने ममता को आग लगा दी। इलाज के दौरान ममता की मौत हो गई। भाई विजय कुमार लवानिया नेे पति प्रेम चंद्र, जेठ गंगाप्रसाद, जेठानी कमलेश, सास दयावती, देवर भरतलाल और भुवनेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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मामले की सुनवाई के दौरान एडीजे- एफटीसी प्रथम जहेन्द्र पाल सिंह ने पति प्रेम चंद तथा सास दयावती को आजीवन कारावास की सजा तथा पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। एडीजीसी भगत सिंह आर्य ने बताया कि इस मामले में वसिवेचक ने जेठ, जेठानी, दोनों देवरों को विवेचना के दौरान निकाल दिया था। न्यायालय ने उन्हें पुन: तलब किया है। केस में कुल सात गवाह पेश किए गए।