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मंदिर हादसे की जांच के लिए फिर वृंदावन पहुंची जांच कमेटी
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वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंगला आरती के दौरान हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री द्वारा बनाई गई जांच कमेटी के अध्यक्ष पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह और सदस्य अलीगढ़ कमिश्नर गौरव दयाल शनिवार को एक बार फिर वृंदावन पहुंचे। सुलखान सिंह ने बांकेबिहारी मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के गोस्वामी समाज की महिलाओं एवं सेवायत गोस्वामियों से अलग-अलग बात की।
विदित हो कि 20 अगस्त की सुबह करीब दो बजे ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंगला आरती के दौरान हुए भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि 70 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हुए थे। इस हादसे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में दो सदस्यीय कमेटी बनाई। इस कमेटी में अध्यक्ष पूर्व डीजीपी के अलावा अलीगढ़ के कमिश्नर गौरव दयाल को सदस्य बनाया गया। बीते माह बांकेबिहारी मंदिर हादसे की जांच के बाद दोनों अधिकारी काशी विश्वनाथ और विंध्याचल कॉरिडोर का निरीक्षण करने गए। वहां से लौटने पर शनिवार को जांच कमेटी के अध्यक्ष सुलखान सिंह और सदस्य गौरव दयाल एक बार फिर वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने बांके बिहारी मंदिर प्रांगण में गोस्वामी समाज की महिलाओं से बात की।
कमेटी के अध्यक्ष सुलखान सिंह ने गोस्वामी समाज की महिलाओं से जहां हादसे के कारणों को जानने का प्रयास किया वहीं श्रद्धालुओं के लिए क्या बेहतर इंतजाम के लिए सुझाव लिए। मंदिर प्रांगण में प्रियंका गोस्वामी, सरोज गोस्वामी, मनीषा गोस्वामी, सुनीता गोस्वामी आदि ने पूर्व डीजीपी को बताया कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि हमें भी मंदिर में आने से रोका जा रहा है, पुलिसकर्मी हमें धक्का देकर लौटा देते हैं। जबकि वीआईपी को बड़ी इज्जत के साथ दर्शन कराए जा रहे हैं। गेट नंबर एक और चार से हमें प्रवेश देने के आदेश दिए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की हठधर्मिता के कारण गलियों में बैरिकेडिंग लगा दीं गईं हैं। बच्चों के स्कूल आने जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। हम अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। पूर्व डीजीपी ने महिलाओं की समस्याओं को सुनकर समाधान का आश्वासन दिया।
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गोस्वामी बोले, हमें ठाकुरजी से दूर न किया जाए
कमेटी के अध्यक्ष और सदस्य ने मंदिर के सेवायत गोस्वामियों से वार्ता की। इस वार्ता के समय गोस्वामियों ने तल्ख शब्दों में कहा कि अगर हमें हमारे आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी से दूर करने का प्रयास किया गया तो ऐसा न हो कि हम मंदिर के पट बंद कर विरोध पर उतर आएं। मंदिर के विकास के लिए हम प्रशासन के साथ हैं लेकिन मर्यादाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस द्वारा हमारे साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है जैसे इस हादसे के लिए हम दोषी हैं। जो अधिकारी इसके लिए दोषी हैं उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मौके पर गोपेश गोस्वामी, दिनेश गोस्वामी, रजत गोस्वामी, बालकिशन गोस्वामी, प्रणव गोस्वामी, ब्रजेंद्र गोस्वामी, देवेंद्र नाथ गोस्वामी, हिमांशु गोस्वामी, विशाल गोस्वामी,ज्ञानेंद्र गोस्वामी, आशीष गोस्वामी के अलावा मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा और उमेश सारस्वत भी थे।
फिर लगे अधिकारियों के वीडियो बनाए जाने के आरोप
बांकेबिहारी मंदिर हादसे की जांच के लिए पहुंचे जांच कमेटी के अध्यक्ष के सामने गोस्वामी समाज की महिलाओं ने प्रशासन व पुलिस अधिकारियों द्वारा मंदिर की ऊपरी मंजिल से फोटो लेने और वीडियो बनाने का आरोप लगाया। सरोज गोस्वामी ने आरोप लगाया कि मंदिर में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है कि ठाकुरजी का फोटो और वीडियो लेना अपराध है, इसके बाद भी अधिकारियों ने फोटो लीं और वीडियो बनाया। आखिर इन अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
गोस्वामी समाज की बहुओं और सेवायतों से वार्ता की है। उनकी बताई समस्याओं के बारे में जिले के अधिकारियों से वार्ता करने के बाद जो भी तथ्य हमें सही लगेंगे, उन्हें अपनी रिपोर्ट में देंगे।
- सुलखान सिंह, टीम प्रमुख पूर्व डीजीपी
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विदित हो कि 20 अगस्त की सुबह करीब दो बजे ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंगला आरती के दौरान हुए भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि 70 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हुए थे। इस हादसे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में दो सदस्यीय कमेटी बनाई। इस कमेटी में अध्यक्ष पूर्व डीजीपी के अलावा अलीगढ़ के कमिश्नर गौरव दयाल को सदस्य बनाया गया। बीते माह बांकेबिहारी मंदिर हादसे की जांच के बाद दोनों अधिकारी काशी विश्वनाथ और विंध्याचल कॉरिडोर का निरीक्षण करने गए। वहां से लौटने पर शनिवार को जांच कमेटी के अध्यक्ष सुलखान सिंह और सदस्य गौरव दयाल एक बार फिर वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने बांके बिहारी मंदिर प्रांगण में गोस्वामी समाज की महिलाओं से बात की।
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कमेटी के अध्यक्ष सुलखान सिंह ने गोस्वामी समाज की महिलाओं से जहां हादसे के कारणों को जानने का प्रयास किया वहीं श्रद्धालुओं के लिए क्या बेहतर इंतजाम के लिए सुझाव लिए। मंदिर प्रांगण में प्रियंका गोस्वामी, सरोज गोस्वामी, मनीषा गोस्वामी, सुनीता गोस्वामी आदि ने पूर्व डीजीपी को बताया कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि हमें भी मंदिर में आने से रोका जा रहा है, पुलिसकर्मी हमें धक्का देकर लौटा देते हैं। जबकि वीआईपी को बड़ी इज्जत के साथ दर्शन कराए जा रहे हैं। गेट नंबर एक और चार से हमें प्रवेश देने के आदेश दिए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की हठधर्मिता के कारण गलियों में बैरिकेडिंग लगा दीं गईं हैं। बच्चों के स्कूल आने जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। हम अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। पूर्व डीजीपी ने महिलाओं की समस्याओं को सुनकर समाधान का आश्वासन दिया।
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गोस्वामी बोले, हमें ठाकुरजी से दूर न किया जाए
कमेटी के अध्यक्ष और सदस्य ने मंदिर के सेवायत गोस्वामियों से वार्ता की। इस वार्ता के समय गोस्वामियों ने तल्ख शब्दों में कहा कि अगर हमें हमारे आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी से दूर करने का प्रयास किया गया तो ऐसा न हो कि हम मंदिर के पट बंद कर विरोध पर उतर आएं। मंदिर के विकास के लिए हम प्रशासन के साथ हैं लेकिन मर्यादाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस द्वारा हमारे साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है जैसे इस हादसे के लिए हम दोषी हैं। जो अधिकारी इसके लिए दोषी हैं उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मौके पर गोपेश गोस्वामी, दिनेश गोस्वामी, रजत गोस्वामी, बालकिशन गोस्वामी, प्रणव गोस्वामी, ब्रजेंद्र गोस्वामी, देवेंद्र नाथ गोस्वामी, हिमांशु गोस्वामी, विशाल गोस्वामी,ज्ञानेंद्र गोस्वामी, आशीष गोस्वामी के अलावा मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा और उमेश सारस्वत भी थे।
फिर लगे अधिकारियों के वीडियो बनाए जाने के आरोप
बांकेबिहारी मंदिर हादसे की जांच के लिए पहुंचे जांच कमेटी के अध्यक्ष के सामने गोस्वामी समाज की महिलाओं ने प्रशासन व पुलिस अधिकारियों द्वारा मंदिर की ऊपरी मंजिल से फोटो लेने और वीडियो बनाने का आरोप लगाया। सरोज गोस्वामी ने आरोप लगाया कि मंदिर में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है कि ठाकुरजी का फोटो और वीडियो लेना अपराध है, इसके बाद भी अधिकारियों ने फोटो लीं और वीडियो बनाया। आखिर इन अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
गोस्वामी समाज की बहुओं और सेवायतों से वार्ता की है। उनकी बताई समस्याओं के बारे में जिले के अधिकारियों से वार्ता करने के बाद जो भी तथ्य हमें सही लगेंगे, उन्हें अपनी रिपोर्ट में देंगे।
- सुलखान सिंह, टीम प्रमुख पूर्व डीजीपी