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Mathura News: चाइनीज एप से अवैध लेनदेन, तीन गिरफ्तार
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मथुरा। एसटीएफ और हाईवे थाने की पुलिस ने चाइनीज एप चैमेट के जरिये अवैध वित्तीय गतिविधियों में लिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने रविवार तड़के मोतीकुंज स्थित एक कार्यालय से गिरोह के मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस एप से अर्जित धन को चीनी कंपनी के माध्यम से देश के विभिन्न बैंक खातों में भेजा जाता था। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
एसटीएफ के उपनिरीक्षक पंकज कुमार सिंह द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, मथुरा में चाइनीज एप से अवैध वित्तीय गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ टीम ने हाईवे थाने की पुलिस के साथ मिलकर छानबीन शुरू की। रविवार सुबह 5 बजे एसटीएफ और पुलिस ने मोतीकुंज स्थित अर्जुन के कार्यालय पर छापा मारा। वहां से जमुनापार क्षेत्र के सिहोरा गांव निवासी मास्टरमाइंड प्रवीन उर्फ प्रकाश, लक्ष्मीनगर के प्रीती बिहारी कॉलोनी निवासी विपिन और धौलीप्याऊ के मालीपाड़ा निवासी अर्जुन दिवाकर को पकड़ा लिया।
कार्यालय से सात मोबाइल फोन, एक सीपीयू, चेकबुक, पासबुक, डेबिट कार्ड और 58 स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी प्रवीन ने बताया कि वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात हैकर सौरव से हुई थी। हैकर ने उसे चैमेट एप पर पैसे कमाने का तरीका बताया था। इसमें अपनी पहचान छिपाकर दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर आईडी बनानी होती थी। फिर यूपीआई, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से रिचार्ज किया जाता था। 300 रुपये में करीब 10 हजार कॉइन मिलते थे।
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अवैध कमाई का तरीका
चैटिंग और वीडियो कॉलिंग के दौरान युवतियों द्वारा लाइव होस्टिंग की जाती थी। यूजर इन युवतियों को कॉइन गिफ्ट करते थे। गिफ्ट किए गए कॉइन का 50 प्रतिशत होस्ट को और 50 प्रतिशत एप कंपनी को मिलता था। चैटिंग और वीडियो कॉलिंग के लिए युवतियों को 12 से 15 हजार रुपये प्रति माह पर रखा गया था। गिफ्ट में मिले कॉइन एप पर डॉलर के रूप में दिखते थे। इन्हें एरी-पे या एम-पे एप के माध्यम से बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था।
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चीनी कंपनी से मिलता था कमीशन
इसके अलावा, फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड नामक चीनी कंपनी से भी विभिन्न बैंक खातों में कमीशन की रकम आती थी। भुगतान के लिए प्रवीन, विपिन और सोनिया के बैंक खाते एप से जोड़े थे। एसटीएफ इन बैंक खातों की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक शहर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया है।
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आगे की जांच
बरामद किए गए डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। बैंक खातों और धनराशि के लेन-देन का भी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की तलाश में सक्रिय है। यह गिरोह बड़े पैमाने पर अवैध वित्तीय गतिविधियों में लिप्त था। जांच से और भी खुलासे होने की उम्मीद है।
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एसटीएफ के उपनिरीक्षक पंकज कुमार सिंह द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, मथुरा में चाइनीज एप से अवैध वित्तीय गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ टीम ने हाईवे थाने की पुलिस के साथ मिलकर छानबीन शुरू की। रविवार सुबह 5 बजे एसटीएफ और पुलिस ने मोतीकुंज स्थित अर्जुन के कार्यालय पर छापा मारा। वहां से जमुनापार क्षेत्र के सिहोरा गांव निवासी मास्टरमाइंड प्रवीन उर्फ प्रकाश, लक्ष्मीनगर के प्रीती बिहारी कॉलोनी निवासी विपिन और धौलीप्याऊ के मालीपाड़ा निवासी अर्जुन दिवाकर को पकड़ा लिया।
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कार्यालय से सात मोबाइल फोन, एक सीपीयू, चेकबुक, पासबुक, डेबिट कार्ड और 58 स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी प्रवीन ने बताया कि वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात हैकर सौरव से हुई थी। हैकर ने उसे चैमेट एप पर पैसे कमाने का तरीका बताया था। इसमें अपनी पहचान छिपाकर दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर आईडी बनानी होती थी। फिर यूपीआई, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से रिचार्ज किया जाता था। 300 रुपये में करीब 10 हजार कॉइन मिलते थे।
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अवैध कमाई का तरीका
चैटिंग और वीडियो कॉलिंग के दौरान युवतियों द्वारा लाइव होस्टिंग की जाती थी। यूजर इन युवतियों को कॉइन गिफ्ट करते थे। गिफ्ट किए गए कॉइन का 50 प्रतिशत होस्ट को और 50 प्रतिशत एप कंपनी को मिलता था। चैटिंग और वीडियो कॉलिंग के लिए युवतियों को 12 से 15 हजार रुपये प्रति माह पर रखा गया था। गिफ्ट में मिले कॉइन एप पर डॉलर के रूप में दिखते थे। इन्हें एरी-पे या एम-पे एप के माध्यम से बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था।
चीनी कंपनी से मिलता था कमीशन
इसके अलावा, फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड नामक चीनी कंपनी से भी विभिन्न बैंक खातों में कमीशन की रकम आती थी। भुगतान के लिए प्रवीन, विपिन और सोनिया के बैंक खाते एप से जोड़े थे। एसटीएफ इन बैंक खातों की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक शहर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया है।
आगे की जांच
बरामद किए गए डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। बैंक खातों और धनराशि के लेन-देन का भी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की तलाश में सक्रिय है। यह गिरोह बड़े पैमाने पर अवैध वित्तीय गतिविधियों में लिप्त था। जांच से और भी खुलासे होने की उम्मीद है।