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अब एक कॉल पर दौड़ेगा मोबाइल आईसीयू
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 30 May 2013 01:35 PM IST
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अब यमुना एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त लोगों को तत्काल उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
इतना ही नहीं मामला गंभीर हुआ तो मरीज को तत्काल, पीजीआई, मेडिकल कॉलेज या फिर अस्पताल में भर्ती कराया जा सकेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की पहल पर ये हाईटेकट एंबुलेंस (मोबाइल आईसीयू) महर्षि दयानंद अस्पताल को मिली है। प्रदेश में ये मात्र सात एंबुलेंस आई हैं, इनमें जिला अस्पतालों में फैजाबाद, बस्ती और मथुरा अस्पताल को मिली हैं।
वातानुकूलित एंबुलेंस में मरीज को आईसीयू से संबंधित सभी सुविधाएं जैसे कार्डिक मॉनिटरिंग, ऑक्सीजन, सर्जरी की व्यवस्था, आरामदायक बेड उपलब्ध रहेगा।
घटना के शिकार लोगों की कॉल पर एंबुलेंस पर तैनात स्टॉफ तत्काल दुर्घटना स्थल पहुंचेगा। एंबुलेंस में चिकित्सक, स्टॉफ नर्स, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय भी मौजूद रहेगा। ये सुविधा मरीज को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
स्टॉफ की कमी न बन जाए रोड़ा
मोबाइल आईसीयू में तैनाती के लिए चिकित्सक अन्य स्टॉफ की आवश्यकता पड़ेगी। जबकि महर्षि दयानंद अस्पताल पहले ही स्टॉफ की कमी से जूझ रहा है। यहां कि स्टॉफ की कमी के चलते ब्लड बैंक, बर्न यूनिट तक चालू नहीं हो पा रही है। ऐसे में स्टॉफ की कमी इस महत्वाकांक्षी योजना में भी रोड़ा साबित हो सकती है।
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तो वापस ले ली जाएगी एंबुलेंस
मोबाइल आईसीयू के संचालन की जिम्मेदारी महर्षि दयानंद अस्पताल प्रशासन को सौंपी गई है। ये सेवा स्टॉफ सहित 24 घंटे उपलब्ध करानी है। वाहन का रजिस्ट्रेशन भी अस्पताल प्रशासन को ही कराना है। उक्त सुविधा के लिए शर्तें भी कड़ी हैं, इसमें उल्लेख है कि अगर संचालन ठीक से नहीं होता है तो उक्त एंबुलेंस वापस ले ली जाएगी।
‘उक्त हाईटेक एंबुलेंस मोबाइल आईसीयू की तर्ज पर कार्य करेगी। इसका मिलना अस्पताल प्रशासन के लिए उपलब्धि है। मानव संसाधन के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, महानिदेशक स्वास्थ्य से बात की गई है। जल्द ही स्टॉफ मिलने के बाद लोगों को इसकी सुविधा मिलने लगेगी।’
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इतना ही नहीं मामला गंभीर हुआ तो मरीज को तत्काल, पीजीआई, मेडिकल कॉलेज या फिर अस्पताल में भर्ती कराया जा सकेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की पहल पर ये हाईटेकट एंबुलेंस (मोबाइल आईसीयू) महर्षि दयानंद अस्पताल को मिली है। प्रदेश में ये मात्र सात एंबुलेंस आई हैं, इनमें जिला अस्पतालों में फैजाबाद, बस्ती और मथुरा अस्पताल को मिली हैं।
वातानुकूलित एंबुलेंस में मरीज को आईसीयू से संबंधित सभी सुविधाएं जैसे कार्डिक मॉनिटरिंग, ऑक्सीजन, सर्जरी की व्यवस्था, आरामदायक बेड उपलब्ध रहेगा।
घटना के शिकार लोगों की कॉल पर एंबुलेंस पर तैनात स्टॉफ तत्काल दुर्घटना स्थल पहुंचेगा। एंबुलेंस में चिकित्सक, स्टॉफ नर्स, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय भी मौजूद रहेगा। ये सुविधा मरीज को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
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स्टॉफ की कमी न बन जाए रोड़ा
मोबाइल आईसीयू में तैनाती के लिए चिकित्सक अन्य स्टॉफ की आवश्यकता पड़ेगी। जबकि महर्षि दयानंद अस्पताल पहले ही स्टॉफ की कमी से जूझ रहा है। यहां कि स्टॉफ की कमी के चलते ब्लड बैंक, बर्न यूनिट तक चालू नहीं हो पा रही है। ऐसे में स्टॉफ की कमी इस महत्वाकांक्षी योजना में भी रोड़ा साबित हो सकती है।
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तो वापस ले ली जाएगी एंबुलेंस
मोबाइल आईसीयू के संचालन की जिम्मेदारी महर्षि दयानंद अस्पताल प्रशासन को सौंपी गई है। ये सेवा स्टॉफ सहित 24 घंटे उपलब्ध करानी है। वाहन का रजिस्ट्रेशन भी अस्पताल प्रशासन को ही कराना है। उक्त सुविधा के लिए शर्तें भी कड़ी हैं, इसमें उल्लेख है कि अगर संचालन ठीक से नहीं होता है तो उक्त एंबुलेंस वापस ले ली जाएगी।
‘उक्त हाईटेक एंबुलेंस मोबाइल आईसीयू की तर्ज पर कार्य करेगी। इसका मिलना अस्पताल प्रशासन के लिए उपलब्धि है। मानव संसाधन के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, महानिदेशक स्वास्थ्य से बात की गई है। जल्द ही स्टॉफ मिलने के बाद लोगों को इसकी सुविधा मिलने लगेगी।’