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बसंतर की लड़ाई के वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 17 Dec 2015 12:23 AM IST
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वर्ष 1971 में भारत पाक संग हुई लड़ाई में विजय हासिल करने पर मनाए गए बसंतर दिवस पर लड़ाई में शहीद हुए वीर जवानों के शौर्य को याद किया गया। स्ट्राइक वन कोर के शहीद स्थल पर लेफ्टिनेंट जनरल शौकीन चौहान, युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, जनरल ऑफिसर कमांडिग स्ट्राइक वन और मथुरा गैरिजन के सभी सैन्य अधिकारियों ने युद्ध स्मारक पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
1971 में बसंतर नदी के किनारे पाकिस्तान के शकरगढ़ इलाके में भारत से भीषण लड़ाई हुई थी। इसमें स्ट्राइक वन कोर अग्रज भूमिका में रही। इसमें लेफ्टिनेंट जनरल केके सिंह, महावीर चक्र, पदम भूषण के नेतृत्व में शकरगढ़ सेक्टर में रक्षक और आक्रामक ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई थी। कई ऐतिहासिक युद्धों में बसंतर के युद्ध को इसकी उग्रता और स्ट्राइक वन कोर की अद्भुत कामयाबी को संजो कर रखा गया है।
देश की सर्वोत्तम टैंक रेजीमेंटों द्वारा लड़े गए प्रसिद्ध टैंक युद्धों में से एक बसंतर युद्ध में 17 हॉंर्स और 4 हॉंर्स, हड़सनद्ध ने दुश्मन के 46 पैटर्न टैंकों को नष्ट किया था। 17 हॉर्स के सेकेंड लेप्टिनेंट अरुण खेत्रपाल को युद्ध के दौरान उनके अदम्य साहसिक कार्य के लिए परमवीर चक्र, मरणोपरांत से सम्मानित किया गया।
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3 ग्रेनेडियर के मेजर बाद में कर्नल होशियार सिंह को उनके अदम्य साहस और दुश्मन की सफलता और दुश्मन के हमलों को रोकने के लिए किए गए नेतृत्व के लिए परमवीर चक्र प्रदान किया गया। विजय दिवस पर स्ट्राइक वन के योद्धा शहीदों के सम्मान में कोर और सभी सैनिकों, अधिकारियों ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
देश और सेना के लिए गौरव का दिन: शौकीन चौहान
स्ट्राइक वन कोर के लेफ्टिनेंट जनरल शौकीन चौहान ने कहा कि बसंतर की लड़ाई जीतना और भारतीय सेना के सामने पाकिस्तान के 90 हजार सैनिकों का समर्पण कर देना गौरव की बात है। वह दिन सेना और देश के लिए गौरव का दिन था। इस महत्वपूर्ण काम में स्ट्राइक वन कोर भी अहम भूमिका में रही थी।
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1971 में बसंतर नदी के किनारे पाकिस्तान के शकरगढ़ इलाके में भारत से भीषण लड़ाई हुई थी। इसमें स्ट्राइक वन कोर अग्रज भूमिका में रही। इसमें लेफ्टिनेंट जनरल केके सिंह, महावीर चक्र, पदम भूषण के नेतृत्व में शकरगढ़ सेक्टर में रक्षक और आक्रामक ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई थी। कई ऐतिहासिक युद्धों में बसंतर के युद्ध को इसकी उग्रता और स्ट्राइक वन कोर की अद्भुत कामयाबी को संजो कर रखा गया है।
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देश की सर्वोत्तम टैंक रेजीमेंटों द्वारा लड़े गए प्रसिद्ध टैंक युद्धों में से एक बसंतर युद्ध में 17 हॉंर्स और 4 हॉंर्स, हड़सनद्ध ने दुश्मन के 46 पैटर्न टैंकों को नष्ट किया था। 17 हॉर्स के सेकेंड लेप्टिनेंट अरुण खेत्रपाल को युद्ध के दौरान उनके अदम्य साहसिक कार्य के लिए परमवीर चक्र, मरणोपरांत से सम्मानित किया गया।
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3 ग्रेनेडियर के मेजर बाद में कर्नल होशियार सिंह को उनके अदम्य साहस और दुश्मन की सफलता और दुश्मन के हमलों को रोकने के लिए किए गए नेतृत्व के लिए परमवीर चक्र प्रदान किया गया। विजय दिवस पर स्ट्राइक वन के योद्धा शहीदों के सम्मान में कोर और सभी सैनिकों, अधिकारियों ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
देश और सेना के लिए गौरव का दिन: शौकीन चौहान
स्ट्राइक वन कोर के लेफ्टिनेंट जनरल शौकीन चौहान ने कहा कि बसंतर की लड़ाई जीतना और भारतीय सेना के सामने पाकिस्तान के 90 हजार सैनिकों का समर्पण कर देना गौरव की बात है। वह दिन सेना और देश के लिए गौरव का दिन था। इस महत्वपूर्ण काम में स्ट्राइक वन कोर भी अहम भूमिका में रही थी।