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होली ने भरा विधवाओं के जीवन में रंग
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वृंदावन (मथुरा)। वृंदावन के राधा गोपीनाथ मंदिर में विधवा माताओं ने होली खेल कर अपनी बेरंग जिंदगी में रंग भरे। कोविड -19 के प्रकोप के कारण कुछ वर्षों के विराम के बाद उन्होंने इस बार फिर पूरे उल्लास के साथ होली मनाई।
सुलभ होप फाउंडेशन के तत्वावधान में दोपहर को शुरू हुई फूलों और गुलाल से खेली गई इस होली के दौरान विधवा माताओं का उत्साह उनकी खुशी का इजहार कर रहा था। होली के गीतों की धुन पर नृत्य करतीं माताओं को देखकर ऐसा लग रहा था मानो उन्होंने अपनी अतीत की जिंदगी के काले कल को पीछे छोड़ दिया है।
होली में कई क्विंटल विभिन्न प्रकार के फूलों के साथ-साथ सैंकड़ों किलो रंग बिरंगे गुलाल का प्रयोग हुआ। वृंदावन के सप्त देवालयों में से एक राधा गोपीनाथ मंदिर प्रांगण इस फूलों और गुलाल की होली महोत्सव का गवाह बना। राधा गोपीनाथ मंदिर के सेवायत राजा गोस्वामी ने कहा कि इस दिव्य आयोजन का उनका मंदिर साक्षी बना है।
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सुलभ मूवमेंट के मेंटर बिंदेश्वर पाठक ने एक बयान में कहा, होली में विधवा माताओं की भागीदारी रूढ़िवादी परंपरा से एक विराम का प्रतीक है जो एक विधवा को रंगीन साड़ी पहनने से मना कर रही थीं। यह विशेष उत्सव ब्रज में होली के उत्सव में एक नया रंग जोड़ रहा है जो भारतीय और विदेशी दोनों पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। अमेरिका स्थित सेलिब्रिटी मास्टर शेफ विकास खन्ना और उनके सहियोगियों ने भी होली समारोह का समर्थन किया।
आराध्य को समर्पित होली
महिला आश्रय सदन में रह रहीं माताओं ने बताया कि यह बहुत ही अच्छा अनुभव है। नए आध्यात्मिक अंदाज में होली का आनंद लिया। सुमित्रादासी वर्षों से वृंदावन में रहकर अपने प्रभु की भक्ति कर रहीं है, वे कहतीं हैं कि वर्षों तक उन्होंने कभी होली नहीं मनाई, त्योहार का मतलब ही वह भूल चुकी थीं लेकिन अब अपने आराध्य को समर्पित कर होली खेली।
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यह बहुत ही अच्छा और अलग अनुभव है। हमारी बेरंग हो चुके जीवन में यह उत्सव खुशी देने वाला है। - रेणुका मंडल
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हर वर्ष वे अपने तरीके से होली खेलती थी, लेकिन इस बार एक नए आध्यात्मिक अंदाज में होली का आनंद लिया। -विप्रादासी।
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पिछले दो दशकों से वृंदावन में रहकर अपने प्रभु भक्ति कर रही हूं। राधा गोपीनाथ के आंगन में होली मनाने का आनंद ही कुछ और है। - अधूरी मंडल।
त्योहार का मतलब ही मैं भूल गई थी। इस बार अपने आराध्य को समर्पित कर होली खेली। मेरे साथी भी थे। इसका आनंद आया। - शोभादासी
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सुलभ होप फाउंडेशन के तत्वावधान में दोपहर को शुरू हुई फूलों और गुलाल से खेली गई इस होली के दौरान विधवा माताओं का उत्साह उनकी खुशी का इजहार कर रहा था। होली के गीतों की धुन पर नृत्य करतीं माताओं को देखकर ऐसा लग रहा था मानो उन्होंने अपनी अतीत की जिंदगी के काले कल को पीछे छोड़ दिया है।
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होली में कई क्विंटल विभिन्न प्रकार के फूलों के साथ-साथ सैंकड़ों किलो रंग बिरंगे गुलाल का प्रयोग हुआ। वृंदावन के सप्त देवालयों में से एक राधा गोपीनाथ मंदिर प्रांगण इस फूलों और गुलाल की होली महोत्सव का गवाह बना। राधा गोपीनाथ मंदिर के सेवायत राजा गोस्वामी ने कहा कि इस दिव्य आयोजन का उनका मंदिर साक्षी बना है।
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सुलभ मूवमेंट के मेंटर बिंदेश्वर पाठक ने एक बयान में कहा, होली में विधवा माताओं की भागीदारी रूढ़िवादी परंपरा से एक विराम का प्रतीक है जो एक विधवा को रंगीन साड़ी पहनने से मना कर रही थीं। यह विशेष उत्सव ब्रज में होली के उत्सव में एक नया रंग जोड़ रहा है जो भारतीय और विदेशी दोनों पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। अमेरिका स्थित सेलिब्रिटी मास्टर शेफ विकास खन्ना और उनके सहियोगियों ने भी होली समारोह का समर्थन किया।
आराध्य को समर्पित होली
महिला आश्रय सदन में रह रहीं माताओं ने बताया कि यह बहुत ही अच्छा अनुभव है। नए आध्यात्मिक अंदाज में होली का आनंद लिया। सुमित्रादासी वर्षों से वृंदावन में रहकर अपने प्रभु की भक्ति कर रहीं है, वे कहतीं हैं कि वर्षों तक उन्होंने कभी होली नहीं मनाई, त्योहार का मतलब ही वह भूल चुकी थीं लेकिन अब अपने आराध्य को समर्पित कर होली खेली।
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यह बहुत ही अच्छा और अलग अनुभव है। हमारी बेरंग हो चुके जीवन में यह उत्सव खुशी देने वाला है। - रेणुका मंडल
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हर वर्ष वे अपने तरीके से होली खेलती थी, लेकिन इस बार एक नए आध्यात्मिक अंदाज में होली का आनंद लिया। -विप्रादासी।
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पिछले दो दशकों से वृंदावन में रहकर अपने प्रभु भक्ति कर रही हूं। राधा गोपीनाथ के आंगन में होली मनाने का आनंद ही कुछ और है। - अधूरी मंडल।
त्योहार का मतलब ही मैं भूल गई थी। इस बार अपने आराध्य को समर्पित कर होली खेली। मेरे साथी भी थे। इसका आनंद आया। - शोभादासी