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सोने-चांदी की पिचकारी से होली खेलेंगे लड्डू गोपाल
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मथुरा। लड्डू गोपाल के समीप रखी पिचकारी और बाल्टी।
- फोटो : MATHURA
मथुरा। भक्तों के दुलारे लड्डू गोपाल पर होली का रंग चढ़ रहा है। होली के प्रति उनके प्रेम का भक्तों ने पूरा ख्याल रखा है। भक्त अपने लड्डू गोपाल के लिए सोने-चांदी की पिचकारी, बाल्टी और थाली की खरीद कर रहे हैं ताकि कान्हा होली का पूरा आनंद ले सकें। बाजार भी भक्तों की मांग को पूरा करने में लगा है।
होली का जिक्र कान्हा के बिना अधूरा है। यूं तो ब्रज की होली पूरी दुनिया में विख्यात है, लेकिन भक्तों ने भी अपने लाडले लड्डू गोपाल के लिए अपने तरीके से होली का पूरा इंतजाम किया है। बाजार में सोने और चांदी से बनी छोटी-छोटी पिचकारियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पिचकारी होगी तो रंगों के घोल के लिए बाल्टी भी होनी चाहिए। दुकानों पर सोने और चांदी से बनी बाल्टियां भी मिल रही हैं। होली खेलने के बाद कान्हा को नहाना भी होगा। कान्हा के स्नान के लिए चांदी से बनी थाली भी बजार में उपलब्ध है।
कान्हा की होली भी उनके रुतबे के अनुसार होनी चाहिए। चांदी की पिचकारी की कीमत एक हजार से लेकर आगे वजन के हिसाब से बढ़ती जाती है। बाजार में अलग-अलग डिजाइन की पिचकारी मौजूद हैं। ज्यादा नक्काशी वाली पिचकारी की कीमत अधिक होगी। वहीं बाल्टी की कीमत भी वजन व आकार के हिसाब से कम या ज्यादा होती है। सोने की पिचकारी कुछ महंगी हैं।
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- अजयकांत गर्ग, सराफ कारोबारी
होली पर बिक्री के लिए आईं सोने-चांदी की पिचकारी सहित अन्य सामान से मथुरा के चांदी कारोबार में उछाल आया है। इस बार होली पर लगभग 5 से 7 करोड़ के व्यापार होने की संभावना जताई जा रही है।
- मनोज, दुकानदार
मथुरा और नाथद्वारा में बनी पिचकारी की डिमांड अधिक
सोने-चांदी की पिचकारी मथुरा के साथ ही जयपुर, राजकोट, कोलकाता और नाथद्वारा में बन रही हैं, लेकिन मथुरा और नाथद्वारा की पिचकारियों की नक्कासी और सुंदरता के कारण इनकी डिमांड अधिक है।
- अक्षय गर्ग, सराफा कारोबारी
80 ग्राम से किलोभर की बन रहीं पिचकारी
चांदी की पिचकारी 80 ग्राम से लेकर किलोभर में बनवाई जा रही हैं। वहीं सोने की पिचकारी डिमांड आने के बाद बनाई जातीं हैं। वहीं डायमंड लगी पिचकारी भी डिमांड आने पर बनाई जा रहीं हैं।
- चेतन अग्रवाल, सराफा कारोबारी
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होली का जिक्र कान्हा के बिना अधूरा है। यूं तो ब्रज की होली पूरी दुनिया में विख्यात है, लेकिन भक्तों ने भी अपने लाडले लड्डू गोपाल के लिए अपने तरीके से होली का पूरा इंतजाम किया है। बाजार में सोने और चांदी से बनी छोटी-छोटी पिचकारियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पिचकारी होगी तो रंगों के घोल के लिए बाल्टी भी होनी चाहिए। दुकानों पर सोने और चांदी से बनी बाल्टियां भी मिल रही हैं। होली खेलने के बाद कान्हा को नहाना भी होगा। कान्हा के स्नान के लिए चांदी से बनी थाली भी बजार में उपलब्ध है।
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कान्हा की होली भी उनके रुतबे के अनुसार होनी चाहिए। चांदी की पिचकारी की कीमत एक हजार से लेकर आगे वजन के हिसाब से बढ़ती जाती है। बाजार में अलग-अलग डिजाइन की पिचकारी मौजूद हैं। ज्यादा नक्काशी वाली पिचकारी की कीमत अधिक होगी। वहीं बाल्टी की कीमत भी वजन व आकार के हिसाब से कम या ज्यादा होती है। सोने की पिचकारी कुछ महंगी हैं।
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- अजयकांत गर्ग, सराफ कारोबारी
होली पर बिक्री के लिए आईं सोने-चांदी की पिचकारी सहित अन्य सामान से मथुरा के चांदी कारोबार में उछाल आया है। इस बार होली पर लगभग 5 से 7 करोड़ के व्यापार होने की संभावना जताई जा रही है।
- मनोज, दुकानदार
मथुरा और नाथद्वारा में बनी पिचकारी की डिमांड अधिक
सोने-चांदी की पिचकारी मथुरा के साथ ही जयपुर, राजकोट, कोलकाता और नाथद्वारा में बन रही हैं, लेकिन मथुरा और नाथद्वारा की पिचकारियों की नक्कासी और सुंदरता के कारण इनकी डिमांड अधिक है।
- अक्षय गर्ग, सराफा कारोबारी
80 ग्राम से किलोभर की बन रहीं पिचकारी
चांदी की पिचकारी 80 ग्राम से लेकर किलोभर में बनवाई जा रही हैं। वहीं सोने की पिचकारी डिमांड आने के बाद बनाई जातीं हैं। वहीं डायमंड लगी पिचकारी भी डिमांड आने पर बनाई जा रहीं हैं।
- चेतन अग्रवाल, सराफा कारोबारी