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Mathura News: हिन्दी कविताएं भी सूर और ब्रजभाषा से प्रभावित
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पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया कवि विष्णु सक्सेना को पुस्तक भेंट करते हुए।
- फोटो : mathura
मथुरा। सुप्रसिद्ध कवि डाॅ. विष्णु सक्सेना ने सोमवार को ज्ञानदीप आकर पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया से हुई भेंट वार्ता में कहा कि ब्रजभाषा आदि काल से काव्य की भाषा रही है। उन्होंने कहा कि कृष्ण की माखन चोरी से लेकर महाभारत की घटना को जिस प्रकार ब्रज भाषा काव्य में पिरोया गया है, वह आज भी प्रेरणास्पद है।
डाॅ. विष्णु सक्सेना ने ज्ञानदीप के छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे महाकवि सूर व तुलसी की रचनाओं में निहित संदेश को वर्तमान से जोड़कर प्रेरणा प्राप्त करें। इसी संदर्भ में उन्होंने माता-पिता को ईश्वर से भी सर्वोच्च बताया।
इस अवसर पर पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया ने डाॅ. विष्णु सक्सेना को आशीर्वाद तथा समर्पण नामक चार अभिनंदन ग्रंथ भेंट किए। इस अवसर पर प्राचार्या रजनी नौटियाल, प्रशासनिक अधिकारी आशीष भाटिया तथा कार्यक्रम समन्वयक अक्ष भाटिया आदि उपस्थित रहे।संवाद
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डाॅ. विष्णु सक्सेना ने ज्ञानदीप के छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे महाकवि सूर व तुलसी की रचनाओं में निहित संदेश को वर्तमान से जोड़कर प्रेरणा प्राप्त करें। इसी संदर्भ में उन्होंने माता-पिता को ईश्वर से भी सर्वोच्च बताया।
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इस अवसर पर पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया ने डाॅ. विष्णु सक्सेना को आशीर्वाद तथा समर्पण नामक चार अभिनंदन ग्रंथ भेंट किए। इस अवसर पर प्राचार्या रजनी नौटियाल, प्रशासनिक अधिकारी आशीष भाटिया तथा कार्यक्रम समन्वयक अक्ष भाटिया आदि उपस्थित रहे।संवाद
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