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नौहझील में खेत पर नरकंकाल मिला
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नौहझील(मथुरा)। नौहझील के गांव पारसौली में गजराज के खेत में नरकंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। पास ही कपड़े भी मिले। सूचना पर पहुंची नौहझील पुलिस ने नरकंकाल और कपड़ों को कब्जे में लिया है। करीब तीन माह पूर्व लापता हुई किशोरी के पिता ने अपनी बेटी का कंकाल होने का अंदेशा जताया है जबकि पुलिस डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद मामला स्पष्ट करने की बात कह रही है।
थाना नौहझील के गांव पारसौली निवासी भूरा पत्नी आशा और बेटी कविता के साथ खेत पर सरसों की कटाई के लिए गया था। बराबर में गजराज के खेत की मेड़ पर कविता को दुपट्टा दिखा। इसकी जानकारी उसने मां और पिता को दी। दंपती ने दुपट्टा तो अपनी बड़ी बेटी रेखा का होने की बता कही। वह ३१ दिसंबर-२०२१ को खेत से लापता हुई थी। इसके बाद गजराज के खेत में नरकंकाल को देखकर दंग रह गए।
भूरा ने दांतों को देखकर अपनी बेटी का नरकंकाल होने का अंदेशा जताया। सूचना पर पहुंची नौहझील पुलिस ने नरकंकाल को कब्जे में लिया। एसपी देहात श्रीशचंद ने बताया कि प्रथम दृष्टया तो भूरा अपनी लापता बेटी का नरकंकाल होने का अंदेशा जता रहा है। नरकंकाल का डीएनए के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा कि वह उसकी बेटी है।
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कपड़े भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे
फॉरेंसिक टीम ने गजराज के खेत से कपड़े भी कब्जे में लिए हैं। फिलहाल इन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
३१ दिसंबर को लापता हुई थी रेखा
३१ दिसंबर २०२१ को खेत की रखवाली के लिए गई भूरा की १४ साल की बेटी रेखा लापता हो गई थी। किशोरी की तलाश में पुलिस व परिजनों ने कई स्थानों पर छानबीन की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका था। पिता की तहरीर पर अपहरण का मुकदमा थाना नौहझील में दर्ज कर लिया गया। ड्रोन और डॉग स्कॉएड से भी किशोरी की तलाश की गई। शुरूआत में अंदेशा जताया गया था कि कोई जंगली जानवर का शिकार तो नहीं हो गई। पुलिस को कामयाबी नहीं मिली तो थक हारकर बैठ गई, पर २२ मार्च को नरकंकाल मिलने से एक बार यह अंदेशा परिजन रेखा का होना मानकर चल रहे हैं।
बेटी की हत्या हुई, दोषियों को मिले सजा :भूरा
रेखा के पिता भूरा सिंह का मानना है कि उसकी बेटी की निर्मम हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से बेटी के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
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थाना नौहझील के गांव पारसौली निवासी भूरा पत्नी आशा और बेटी कविता के साथ खेत पर सरसों की कटाई के लिए गया था। बराबर में गजराज के खेत की मेड़ पर कविता को दुपट्टा दिखा। इसकी जानकारी उसने मां और पिता को दी। दंपती ने दुपट्टा तो अपनी बड़ी बेटी रेखा का होने की बता कही। वह ३१ दिसंबर-२०२१ को खेत से लापता हुई थी। इसके बाद गजराज के खेत में नरकंकाल को देखकर दंग रह गए।
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भूरा ने दांतों को देखकर अपनी बेटी का नरकंकाल होने का अंदेशा जताया। सूचना पर पहुंची नौहझील पुलिस ने नरकंकाल को कब्जे में लिया। एसपी देहात श्रीशचंद ने बताया कि प्रथम दृष्टया तो भूरा अपनी लापता बेटी का नरकंकाल होने का अंदेशा जता रहा है। नरकंकाल का डीएनए के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा कि वह उसकी बेटी है।
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कपड़े भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे
फॉरेंसिक टीम ने गजराज के खेत से कपड़े भी कब्जे में लिए हैं। फिलहाल इन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
३१ दिसंबर को लापता हुई थी रेखा
३१ दिसंबर २०२१ को खेत की रखवाली के लिए गई भूरा की १४ साल की बेटी रेखा लापता हो गई थी। किशोरी की तलाश में पुलिस व परिजनों ने कई स्थानों पर छानबीन की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका था। पिता की तहरीर पर अपहरण का मुकदमा थाना नौहझील में दर्ज कर लिया गया। ड्रोन और डॉग स्कॉएड से भी किशोरी की तलाश की गई। शुरूआत में अंदेशा जताया गया था कि कोई जंगली जानवर का शिकार तो नहीं हो गई। पुलिस को कामयाबी नहीं मिली तो थक हारकर बैठ गई, पर २२ मार्च को नरकंकाल मिलने से एक बार यह अंदेशा परिजन रेखा का होना मानकर चल रहे हैं।
बेटी की हत्या हुई, दोषियों को मिले सजा :भूरा
रेखा के पिता भूरा सिंह का मानना है कि उसकी बेटी की निर्मम हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से बेटी के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।