{"_id":"22b742ae5f9a2cbebc8fe0266141f7c1","slug":"heart-attack-to-a-farmar-after-loss-in-crop-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात बीघे में 62 मन गेहूं देख किसान को हार्टअटैक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात बीघे में 62 मन गेहूं देख किसान को हार्टअटैक
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 19 Apr 2015 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईवे थाना क्षेत्र के गांव असगरपुर में किराए पर लिए खेत में एक लाख की लागत लगाने के बावजूद जमींदार की अमानत चुकता करने लायक फसल न निकलने का सदमा किसान दुलीचद्र झेल नहीं सके।
लांक कुटवाने के दौरान ही उन्हें खेत पर हार्टअटैक हो गया। परिवारीजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
असगरपुर के 62 वर्षीय किसान दुलीचंद्र ने गांव के जमींदार से 12 बीघा खेत 120 मन गेहूं तय कर किराए पर लिया। इसमें करीब एक लाख रुपये लागत लगाई। बरसात और ओलावृष्टि से खराब हुई फसल को दुलीचंद्र ने जैसे-तैसे समेंटा और गुरुवार दोपहर को लांक कुटवाने गए।
जब सात बीघा का लांक कुट गया तो पता चला कि इस फसल में केवल 62 मन गेहूं ही निकले हैं। इससे तो जमींदार से तय किया गया गेहूं भी नहीं दिया जा सकेगा। यह सोचते-सोचते उन्हें खेत पर ही अटैक पड़ गया। परिवारीजन लांक कुटवाना छोड़ कर उन्हें अस्पताल लेकर आए। उनके पुत्र चंदन ने बताया कि वे तीन भाई हैं और तीनों के बीच तीन बीघा खेत है। परिवार चलाने के लिए वे किराए पर जमींदारों से खेत लेते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
लांक कुटवाने के दौरान ही उन्हें खेत पर हार्टअटैक हो गया। परिवारीजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
असगरपुर के 62 वर्षीय किसान दुलीचंद्र ने गांव के जमींदार से 12 बीघा खेत 120 मन गेहूं तय कर किराए पर लिया। इसमें करीब एक लाख रुपये लागत लगाई। बरसात और ओलावृष्टि से खराब हुई फसल को दुलीचंद्र ने जैसे-तैसे समेंटा और गुरुवार दोपहर को लांक कुटवाने गए।
विज्ञापन
जब सात बीघा का लांक कुट गया तो पता चला कि इस फसल में केवल 62 मन गेहूं ही निकले हैं। इससे तो जमींदार से तय किया गया गेहूं भी नहीं दिया जा सकेगा। यह सोचते-सोचते उन्हें खेत पर ही अटैक पड़ गया। परिवारीजन लांक कुटवाना छोड़ कर उन्हें अस्पताल लेकर आए। उनके पुत्र चंदन ने बताया कि वे तीन भाई हैं और तीनों के बीच तीन बीघा खेत है। परिवार चलाने के लिए वे किराए पर जमींदारों से खेत लेते हैं।
विज्ञापन