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बांकेबिहारी काॅरिडोर: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई..चीफ जस्टिस के पास भेजा गया मामला, 107 लोगों ने लगाई थी याचिका
Tue, 29 Jul 2025 03:33 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 29 Jul 2025 03:33 PM IST
सार
बांकेबिहारी मंदिर काॅरिडोर मामले की सुनवाई अब चीफ जस्टिस के कोर्ट में होगी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई करते हुए केस को रेफर कर दिया।
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बांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित है काॅरिडोर।
- फोटो : mathura
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विस्तार
बांकेबिहारी मंदिर काॅरिडोर को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस संजय कुमार एवं जस्टिस सतीश चंद्र की डबल बेंच में सुनवाई के दाैरान मामले को चीफ जस्टिस की बेंच के यहां भेज दिया गया। अब जल्द ही इस पर सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एपी सिंह ने बताया कि ब्रज के 107 लोगों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिस पर डबल बेंच में सुनवाई हुई। मामले को चीफ जस्टिस की बेंच के लिए रेफर किया गया है। जल्द ही इस पर सुनवाई होगी।
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सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एपी सिंह ने बताया कि ब्रज के 107 लोगों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिस पर डबल बेंच में सुनवाई हुई। मामले को चीफ जस्टिस की बेंच के लिए रेफर किया गया है। जल्द ही इस पर सुनवाई होगी।
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पिछले दिनों के सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा था कि सैकड़ों लोगों के घर तोड़े जा रहे हैं, यह उचित नहीं है। सरकार यह गलत कर रही है। उन्होंने कहा था कि संविधान के आर्टिकल 25 और 26 का उल्लंघन किया जा रहा है। इसके तहत नगारिकों की धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार और धार्मिक संस्थाओं के स्वशासन के अधिकार का हनन हो रहा है।
याचिकाकर्ताओं ने भी रखी थी बात
याचिकाकर्ता राकेश अग्रवाल का कहना है कि मुगलकाल में मंदिर की गरिमा को इन्हीं गलियों के माध्यम से बचाया गया था। नारायणी सेना के उपाध्याक्ष मनीष भारद्वाज ने कहा कि यह कुंज गलियां ब्रजधाम की आत्मा हैं। पंडित सोहनलाल ने कहा कि यह गलियां कृष्णलीला की साक्षी रही हैं।
याचिकाकर्ताओं ने भी रखी थी बात
याचिकाकर्ता राकेश अग्रवाल का कहना है कि मुगलकाल में मंदिर की गरिमा को इन्हीं गलियों के माध्यम से बचाया गया था। नारायणी सेना के उपाध्याक्ष मनीष भारद्वाज ने कहा कि यह कुंज गलियां ब्रजधाम की आत्मा हैं। पंडित सोहनलाल ने कहा कि यह गलियां कृष्णलीला की साक्षी रही हैं।