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सांसद निधि से स्वास्थ्य विभाग ने लगवा दिए निम्न स्तर के उपकरण
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मथुरा। कोरोना की लहर में बच्चों को बचाने के लिए जिला महिला अस्पताल में 20 बेड के बाल सघन चिकित्सा इकाई वार्ड पीकू की स्थापना में निम्न स्तर के उपकरणों को लगाने का मामला प्रकाश में आया है। बताया गया कि इस मामले में आनन-फानन में सांसद निधि आवंटित करने वाली संस्था डीआरडीए ने भुगतान भी रुकवा दिया है।
ज्ञात रहे कि कोरोना काल में बच्चों को बचाने के लिये महिला अस्पताल में बीस बेड के बाल सघन चिकित्सा इकाई वार्ड (पीकू) की स्थापना होनी थी। इस वार्ड को बनाने और इसमें चिकित्सा उपकरणों को सुसज्जित करने के लिये सांसद निधि से हेमा मालिनी ने 45 लाख रुपये की धनराशि दी थी। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सांसद निधि का दुरुपयोग करते हुए इस वार्ड में निम्न स्तर के उपकरण लगाकर रुपये हजम करने की कोशिश की। लेकिन इस मामले के सामने आने के बाद अब डीआरडीए ने आनन-फानन में जांच कर डीएम से भुगतान रुकवा दिया है।
बताया गया कि पीकू वार्ड में सांसद निधि से वेंटिलेटर और उसके उपकरणों के अलावा, टाइल्स, ऑक्सीजन, बेड, मच्छरदानी सहित विभिन्न उपकरण यहां लगवाये जाने हैं। इस मामले में सांसद हेमा मालिनी के प्रतिनिधि जर्नादन शर्मा ने बताया कि पीकू वार्ड का कार्य अभी प्रोसेस में है। उनके संज्ञान में भी गड़बड़ी की बात सामने आई है। अब डीआरडीए और स्वास्थ्य विभाग मिलकर इस पर कार्रवाई करेगा।
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हालांकि अभी लिखित रूप से उनके पास ऐसी जानकारी नहीं है। वहीं सीएमओ डॉ. एके वर्मा ने इस मामले में बताया कि जिलाधिकारी के माध्यम से इसके लिये सत्यापन समिति बनी है जो इसका सत्यापन करेगी। इनके द्वारा स्वास्थ्य विभाग को अभी कोई आख्या नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यह मेरे कार्यकाल से पहले का मामला है, इसीलिये वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
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ज्ञात रहे कि कोरोना काल में बच्चों को बचाने के लिये महिला अस्पताल में बीस बेड के बाल सघन चिकित्सा इकाई वार्ड (पीकू) की स्थापना होनी थी। इस वार्ड को बनाने और इसमें चिकित्सा उपकरणों को सुसज्जित करने के लिये सांसद निधि से हेमा मालिनी ने 45 लाख रुपये की धनराशि दी थी। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सांसद निधि का दुरुपयोग करते हुए इस वार्ड में निम्न स्तर के उपकरण लगाकर रुपये हजम करने की कोशिश की। लेकिन इस मामले के सामने आने के बाद अब डीआरडीए ने आनन-फानन में जांच कर डीएम से भुगतान रुकवा दिया है।
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बताया गया कि पीकू वार्ड में सांसद निधि से वेंटिलेटर और उसके उपकरणों के अलावा, टाइल्स, ऑक्सीजन, बेड, मच्छरदानी सहित विभिन्न उपकरण यहां लगवाये जाने हैं। इस मामले में सांसद हेमा मालिनी के प्रतिनिधि जर्नादन शर्मा ने बताया कि पीकू वार्ड का कार्य अभी प्रोसेस में है। उनके संज्ञान में भी गड़बड़ी की बात सामने आई है। अब डीआरडीए और स्वास्थ्य विभाग मिलकर इस पर कार्रवाई करेगा।
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हालांकि अभी लिखित रूप से उनके पास ऐसी जानकारी नहीं है। वहीं सीएमओ डॉ. एके वर्मा ने इस मामले में बताया कि जिलाधिकारी के माध्यम से इसके लिये सत्यापन समिति बनी है जो इसका सत्यापन करेगी। इनके द्वारा स्वास्थ्य विभाग को अभी कोई आख्या नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यह मेरे कार्यकाल से पहले का मामला है, इसीलिये वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।