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कैंटीन संचालक से धोखाधड़ी, चार करोड़ की जीएसटी का नोटिस
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मथुरा। शराब की मॉडल शॉप में कैंटीन चलाने वाला 4 करोड़ रुपये के जीएसटी का नोटिस मिलने से सदमे में आ गया है। यह नोटिस उसके द्वारा बनाई गई फर्म में हुए लेनदेन के चलते भेजा गया है। उधर, पीड़ित का कहना है कि उसने ऐसी कोई भी फर्म बनाई ही नहीं है। उसने बताया कि कृष्णानगर के रहने वाले एक व्यापारी ने गुमराह करके उसके साथ धोखाधड़ी की है। पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर मामले में शिकायती पत्र दिया है। इसपर एसपी सुरक्षा ने कोतवाली पुलिस को जांच करके कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं।
जयसिंहपुरा की आशानगर कॉलोनी निवासी दिनेश धोबी पुत्र कन्हैयालाल ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि तीन साल पहले कृष्णानगर के डायविल नगर का एक व्यापारी उनकी कैंटीन में शराब पीने आता था। उसने अपने घर पर 15 हजार रुपये महीने पर नौकरी दे दी। तीन महीने तक भुगतान किया, फिर उसकेे मना कर दी। इस बीच दिनेश और उसकी पत्नी पिंकी के नाम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवा दिए।
दिनेश ने बताया कि अगस्त 2019 में उसके गांव सकुईया, दमोह (मध्य-प्रदेश) में जीएसटी इंटेलीजेंस जबलपुर का नोटिस आया। इसमें राधा माधव ट्रेडर्स का प्रोपराइटर उसे बताया गया। वहीं, उसकी पत्नी को महादेव ट्रेडर्स नाम की फर्म से जोड़ा गया। दोनों फर्मों से कई करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया, जिसका जीएसटी चार करोड़ रुपये बनता है। इसका नोटिस भेजा गया है। पीड़ित का कहना है कि उसने कोई फर्म नहीं बनाई। कृष्णानगर के डायविल नगर के व्यापारी ने फर्जी बिलिंग से यह हेरफेर करके उन्हें फंसाया है। शिकायत करने पर व्यापारी और उसके गुर्गे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। एसपी सुरक्षा ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि जांच के लिए कोतवाली को आदेश दिए हैं। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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जयसिंहपुरा की आशानगर कॉलोनी निवासी दिनेश धोबी पुत्र कन्हैयालाल ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि तीन साल पहले कृष्णानगर के डायविल नगर का एक व्यापारी उनकी कैंटीन में शराब पीने आता था। उसने अपने घर पर 15 हजार रुपये महीने पर नौकरी दे दी। तीन महीने तक भुगतान किया, फिर उसकेे मना कर दी। इस बीच दिनेश और उसकी पत्नी पिंकी के नाम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवा दिए।
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दिनेश ने बताया कि अगस्त 2019 में उसके गांव सकुईया, दमोह (मध्य-प्रदेश) में जीएसटी इंटेलीजेंस जबलपुर का नोटिस आया। इसमें राधा माधव ट्रेडर्स का प्रोपराइटर उसे बताया गया। वहीं, उसकी पत्नी को महादेव ट्रेडर्स नाम की फर्म से जोड़ा गया। दोनों फर्मों से कई करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया, जिसका जीएसटी चार करोड़ रुपये बनता है। इसका नोटिस भेजा गया है। पीड़ित का कहना है कि उसने कोई फर्म नहीं बनाई। कृष्णानगर के डायविल नगर के व्यापारी ने फर्जी बिलिंग से यह हेरफेर करके उन्हें फंसाया है। शिकायत करने पर व्यापारी और उसके गुर्गे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। एसपी सुरक्षा ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि जांच के लिए कोतवाली को आदेश दिए हैं। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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