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Mathura News: अब दादी-नानी के नुस्खों से ठीक होगी बच्चों की खांसी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:50 AM IST
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Grandmothers' remedies will now cure children's coughs.
मथुरा। मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से 11 बच्चों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में बच्चों को खांसी की सिरप मिलना बंद हो गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने सभी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा प्रभारियों को इस संबंध में पत्र भी जारी कर दिया है। चिकित्सक अब खांसी, जुकाम से परेशान बच्चों के अभिभावकों को दादी-नानी के घरेलू नुस्खों से ठीक करने की सलाह दे रहे हैं।
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तीन दिन पहले मध्य प्रदेश के भोपाल में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से 11 बच्चों की मौत हो गई थी। हालांकि प्रदेश सरकार ने कफ सिरप बनाने वाली फार्मा कंपनी के सभी प्रोडक्ट पर बैन लगा दिया। मध्य प्रदेश में हुई बच्चों की मौत की गूंज पूरे देश में गूंजी। इससे सबक लेते हुए उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने भी एक से 5 वर्ष तक बच्चों को कफ सिरप देने पर रोक लगा दी है।
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महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि बच्चों को दी जाने वाली खांसी की दवाएं कई बार उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। छोटे बच्चों में सिरप सांस संबंधी परेशानी, नींद या अन्य दुष्प्रभाव पैदा कर सकते हैं। ज्यादातर बच्चों की खांसी वायरल संक्रमण के कारण होती है, जो कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है। ऐसे में खांसी का सिरप देने की जरूरत नहीं होती। इसके बाद भी यदि बच्चे की खांसी ठीक नहीं होती है तो घरेलू उपचार के जरिए उन्हें राहत प्रदान की जा सकती है।
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विशेषज्ञों की राय
अदरक, तुलसी और शहद का सेवन कराएं
बच्चों को गुनगुना पानी या भाप दें
गुनगुना पानी पिलाएं
तरल पदार्थों का सेवन कराएं
बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और आराम कराएं



पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को निर्धारित मात्रा में दें दवा
महानिदेशक के पत्र में साफ लिखा है कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को खांसी जुकाम होने पर औषधियां नहीं दी जानी चाहिए। यहां तक कि 5 साल तक के बच्चों के लिए भी यह नुकसानदायक है। पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी सावधानी पूर्वक और चिकित्सीय सलाह के बाद निर्धारित मात्रा में ही दवा देनी चाहिए। सरकारी अस्पतालों के साथ उन्होंने निजी चिकित्सकों को भी बच्चों को खांसी के सिरप न देने की सलाह दी है। सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि महानिदेशक के आदेश से सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सकों को अवगत करा दिया है। इधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज कुमार अग्रवाल और महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार पुर्वानी ने बताया कि चिकित्सकों ने खांसी का सिरप लिखना बंद कर दिया है।



स्वास्थ्य विभाग की पहल का अभिभावकों ने किया स्वागत
जुकाम-खांसी में बच्चों को सिरप देने पर रोक लगाने संबंधी सरकार के फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है। महाविद्या काॅलोनी निवासी रेखा अग्रवाल ने कहा कि जब बच्चे बिना दवा के ठीक हो सकते हैं तो उन्हें इस तरह की खतरनाक दवा देने की आवश्यकता नहीं है। पहले भी बच्चों को खांसी जुकाम होते थे और घरेलू उपाय से ही बच्चे ठीक हो जाते थे। होलीगेट निवासी महिमा चौधरी ने कहा कि घरेलू उपचार का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।
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