फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   goverdhan, hadsa, neemgano

एक घंटे तक मलबे में दबे रहे मजदूर, फूटा लोगों का गुस्सा

Mon, 24 Aug 2020 12:25 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2020 12:25 AM IST
विज्ञापन
goverdhan, hadsa, neemgano
मलबा हटाने के लिए ग्रामीणों द्वारा बुलाई गई क्रेन। - फोटो : MATHURA
मथुरा/गोवर्धन। तत्कालीन राष्ट्रीय लोकदल के विधायक पूरन प्रकाश की निधि से बने यात्री शेड के नीचे पांच मजदूर एक घंटे तक दबे रहे। इनमें से एक ने दम तोड़ दिया। चार जिंदगी बचाने के लिए जूझते रहे, पर न जनप्रतिनिधि आए और न पुलिस और प्रशासन। ग्रामीणों ने खुद अपने ही बूते मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने में जुट गए। क्रेन मंगाई मलवा हटाकर शव और घायलों को निकाला। करीब एक घंटे बाद ही पुलिस पहुंच सकी।
विज्ञापन

जिस समय हादसा हुआ करीब आठ ग्रामीण मजदूर यात्री शेड के नीचे खड़े थे। जैसे ही शेड गिरा किनारे खड़े लोगों ने तो खुद को बचा लिया। बीच में खड़े लोगों पर शेड की छत गिर गई। वे छत के मलबे मेें दबकर फंस गए। ग्रामीणों ने क्रेन मंगाकर मलबे को हटाया। करीब चार बजे शव निकाला जा सका। पुलिस ने शव को ले जाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
विज्ञापन

उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि शव हटाया तो लाशें बिछ जाएंगी। पहले मृतक व घायलों की मदद को घोषणा की जाए फिर शव ले जाया जाए। करीब छह बजे तक चले ग्रामीण और पुलिस के बीच कई दफा ऐसी स्थिति भी बनी कि पुलिस को लाठी चलानी पड़ेंगी, पंरतु सूझ-बूझ से मामला उस समय निपटा जब गोवर्धन के तहसीलदार पवन प्रकाश पाठक मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजन को मदद का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

करीब एक घंटेे बाद निकाले नीमगांव खेमचंद पुत्र ननगा की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि उसके नीचे दबे घायल तुलसी पुत्र बत्तीराम, ओमवती पत्नी दुल्ली बघेल, कलुआ पुत्र सौदान और अलियां खां निवासीगण नीमगांव को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसमें तुलसी की इलाज के दौरान देर शाम जिला अस्पताल में मौत हो गई।
तीन घंटे तक सड़क पर डटे रहे सैकड़ों लोग
गोवर्धन। सरकारी विभाग द्वारा विधायक निधि से बने यात्री शेड के गिरने से हुई लोगों की मौत पर ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया। पुलिस ने मृतक के शव को उठाना शुरू किया तो देखते ही देखते लोग सड़क पर उतरकर विरोध करने लगे। लोगों ने अवरोधक डालकर जाम लगाने की कोशिश की। बरसाना की ओर से आ रही जेनर्म की बस को रोक दिया। इसके बाद जाम की स्थिति बनने से रुक गई, लेकिन सैकड़ों लोग सड़क पर डटे रहे। प्रभारी निरीक्षक लोकेश सिंह भाटी के बाद आधा दर्जन से अधिक पीआरवी गाड़ियों से पुलिस बल और सीओ गोवर्धन जितेंद्र कुमार पहुंच गये ।
12 साल में टूट गया सरकारी लिंटर का शेड
एक पक्के यात्री शेड को टूटने में 12 ही साल लगे हैं। पिलर के साथ लिंटर से बनाया गया था।
मृतक बेहद गरीबए रो-रोकर बुरा हाल
मृतक खेमचंद बेहद गरीब था। उसके एक पुत्र है। दूसरा मृतक तुलसी के परिवार की स्थिति भी ठीक नहीं है। बताया गया कि दोनों के पास कोई जमीन भी नहीं है। मेहनत मजदूरी करके काम चलाते थे।

जिला अस्पताल पहुंचे विधायक और एसडीएम
शेड के टूटने के हादसे में जिला अस्पताल विधायक कारिंदा सिंह व एसडीएम गोवर्धन राहुल यादव पहुंच गए। एसडीएम राहुल यादव ने बताया कि दो लोगों की मौत हो गई। सरकारी सहायता राशि के रूप में मृतकों के दोनों परिवोारों को चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे। घायलों को बेहतर इलाज किया जा रहा है। शेड गिरने की तकनीकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed