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Mathura News: नवाचार के क्षेत्र में ‘अमिट‘ छाप छोड़ रहा जीएलए न्यूजेन आइईडीसी
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मथुरा। देश के बेहतर विकास के लिए नवाचार की भूमिका को बल देना आवश्यक है। एक उत्कृष्ट नवाचार ही विकास की जड़ को मजबूती प्रदान करता है। इस विकास की भूमिका में आगे बढ़ते हुए जीएलए विश्वविद्यालय ने सराहनीय कार्य किया है। छात्रों द्वारा दिए गए 122 से अधिक आइडिया को प्रोटोटाइप में परिवर्तित करने के लिए विवि के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रायोजन से जीएलए विश्वविद्यालय में स्थापित न्यूजेन आइईडीसी में उपकुलपति प्रो. अनूप गुप्ता एवं न्यूजेन आइईडीसी के चीफ कोआॅर्डिनेटर प्रो. मनोज कुमार के नेतृत्व में नवाचार के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। हाल ही में विश्वविद्यालय के मैकेनिकल, सिविल, कम्प्यूटर साइंस, बायोटेक, एग्रीकल्चर आदि के छात्रों से न्यूजेन आइईडीसी को 122 आइडिया मिले। इनमें से बेहतर आइडिया को प्रोटोटाइप में परिवर्तित करने के लिए छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
चीफ कोऑर्डिनेटर प्रो. मनोज कुमार ने बताया कि न्यूजेन आईईडीसी का लक्ष्य युवा छात्रों के बीच नवाचार और उद्यमिता की भावना पैदा करना, मार्गदर्शन, सलाह और समर्थन के माध्यम से स्टार्ट-अप निर्माण को प्रोत्साहित करना और समर्थन करना है। कोऑर्डिनेटर जितेंद्र कुमार ने बताया कि न्यूजेन आइईडीसी की स्थापना से लेकर अब तक 98 प्रोटोटाइप का निर्माण किया जा चुका है, जिसमें से 41 पेटेंट के लिए फाइल किए जा चुके है, जबकि 10 प्रोटोटाइप का केंद्र सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा ग्रांट किया जा चुका है। कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय के छात्र देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
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केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रायोजन से जीएलए विश्वविद्यालय में स्थापित न्यूजेन आइईडीसी में उपकुलपति प्रो. अनूप गुप्ता एवं न्यूजेन आइईडीसी के चीफ कोआॅर्डिनेटर प्रो. मनोज कुमार के नेतृत्व में नवाचार के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। हाल ही में विश्वविद्यालय के मैकेनिकल, सिविल, कम्प्यूटर साइंस, बायोटेक, एग्रीकल्चर आदि के छात्रों से न्यूजेन आइईडीसी को 122 आइडिया मिले। इनमें से बेहतर आइडिया को प्रोटोटाइप में परिवर्तित करने के लिए छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
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चीफ कोऑर्डिनेटर प्रो. मनोज कुमार ने बताया कि न्यूजेन आईईडीसी का लक्ष्य युवा छात्रों के बीच नवाचार और उद्यमिता की भावना पैदा करना, मार्गदर्शन, सलाह और समर्थन के माध्यम से स्टार्ट-अप निर्माण को प्रोत्साहित करना और समर्थन करना है। कोऑर्डिनेटर जितेंद्र कुमार ने बताया कि न्यूजेन आइईडीसी की स्थापना से लेकर अब तक 98 प्रोटोटाइप का निर्माण किया जा चुका है, जिसमें से 41 पेटेंट के लिए फाइल किए जा चुके है, जबकि 10 प्रोटोटाइप का केंद्र सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा ग्रांट किया जा चुका है। कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय के छात्र देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
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