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Mathura News: देने वाले गिरिराजजी और लेने वाले भी वही
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परिक्रमा मार्ग में सेवा के लिए सजे पांडाल।
परीक्षित कौशिक
गोवर्धन। गुरु पूर्णिमा (मुड़िया मेला) में सेवा सत्कार के लिए सजे पंडालों में हजारों लोग निस्वार्थ भाव से श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जुटने लगे हैं। परिक्रमा मार्ग में भंडारे से लेकर प्याऊ और स्वास्थ्य शिविर लगाकर सेवा की जाती है। अगर सेवा शिविर न लगें तो गर्मी में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सेवा सत्कार में लगे श्रद्धालुओं ने बताया कि गिरिराजजी ही देने वाले हैं और गिरिराजजी ही लेने वाले हैं। सबके कारोबार अलग-अलग हैं, लेकिन यहां सभी अपने कारोबार से अर्जित कमाई का हिस्सा गिरिराजजी की परिक्रमा करने आए श्रद्धालुओं की सेवा में लगाते हैं। उनका कारोबार भी गिरिराजजी की मर्जी से ही चलता है और खर्च भी उनकी मर्जी से हो रहा है। दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब से आकर लोग यहां सेवा में जुटे हैं। उनकी सेवा समितियों के नाम भी गिरिराजजी सेवा मंडल, गिरिराजजी सेवा समिति सरीखे हैं।
प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद भंडारे में पूड़ी, कचौड़ी, सब्जी, पैठा, हलवा, चाय, आम-केला आदि मनुहार के साथ वितरित किए जाएंगे। प्याऊ लगाने वाले मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि कठूमर अलवर से इस बार 14वीं बार प्याऊ लगाने आए हैं। पानी के साथ शरबत, नीबू की शिकंजी वितरित की जा रही है। उनके साथ 7 लोगों ने मिलकर प्याऊ लगाई है। अनिल शुक्ला ने बताया कि मुड़िया मेले का पूरे साल इंतजार रहता है। राजस्थान से आए नंदकिशोर मीणा ने बताया कि उनका शिविर परिक्रमा में लगा हैै। करीब पचास लोग सहायता कर रहे हैं।
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गोवर्धन। गुरु पूर्णिमा (मुड़िया मेला) में सेवा सत्कार के लिए सजे पंडालों में हजारों लोग निस्वार्थ भाव से श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जुटने लगे हैं। परिक्रमा मार्ग में भंडारे से लेकर प्याऊ और स्वास्थ्य शिविर लगाकर सेवा की जाती है। अगर सेवा शिविर न लगें तो गर्मी में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सेवा सत्कार में लगे श्रद्धालुओं ने बताया कि गिरिराजजी ही देने वाले हैं और गिरिराजजी ही लेने वाले हैं। सबके कारोबार अलग-अलग हैं, लेकिन यहां सभी अपने कारोबार से अर्जित कमाई का हिस्सा गिरिराजजी की परिक्रमा करने आए श्रद्धालुओं की सेवा में लगाते हैं। उनका कारोबार भी गिरिराजजी की मर्जी से ही चलता है और खर्च भी उनकी मर्जी से हो रहा है। दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब से आकर लोग यहां सेवा में जुटे हैं। उनकी सेवा समितियों के नाम भी गिरिराजजी सेवा मंडल, गिरिराजजी सेवा समिति सरीखे हैं।
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प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद भंडारे में पूड़ी, कचौड़ी, सब्जी, पैठा, हलवा, चाय, आम-केला आदि मनुहार के साथ वितरित किए जाएंगे। प्याऊ लगाने वाले मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि कठूमर अलवर से इस बार 14वीं बार प्याऊ लगाने आए हैं। पानी के साथ शरबत, नीबू की शिकंजी वितरित की जा रही है। उनके साथ 7 लोगों ने मिलकर प्याऊ लगाई है। अनिल शुक्ला ने बताया कि मुड़िया मेले का पूरे साल इंतजार रहता है। राजस्थान से आए नंदकिशोर मीणा ने बताया कि उनका शिविर परिक्रमा में लगा हैै। करीब पचास लोग सहायता कर रहे हैं।
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