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Mathura News: नीलम, पुखराज जड़ित मोरपंखी धारण करेंगे गिरिराज महाराज
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मथुरा। गिरिराज सेवा समिति द्वारा अनंत चतुर्दशी के अवसर पर 17 सितंबर को गोवर्धन की तलहटी में अलौकिक छप्पन भोग के आयोजन के बीच गिरिराज महाराज नीलम, पुखराज के रत्नों से जड़ी मोरपंखी धारण कराई जाएगी।
कृष्ण सभागार में हुए समारोह में जीएलए यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने नाथद्वारा से बन कर आयी प्रभु को अर्पित की जाने वाली माखन मटकी का अनावरण करते हुए कहा कि कृष्ण ने इंद्र का मान मर्दन कर बृजवासियों की रक्षा की और तभी से बृजवासी प्रभु को छप्पन भोग लगाते हैं। तभी से कृष्ण कृष्ण प्रेम स्नेह सद्भाव के प्रणेता गिरिराज महाराज कहलाए। इससे पहले गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने प्रभु की छवि पर माल्यार्पण किया।
महामंत्री अशोक कुमार आढ़तिया ने बताया कि तीन दिवसीय अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव के लिए कोलकाता और उड़ीसा के कारीगरों ने भव्य राजमहल तैयार किया है। 15 सितंबर को दुग्ध धारा परिक्रमा 16 सितंबर को पंचरत्नम महाभिषेक और स्वामी श्री हरिदास संगीत समारोह में देश के प्रमुख भजन गायक गोविंद भार्गव अपनी प्रस्तुति देंगे। मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग ने बताया कि प्रभु का शृंगार सोने चाँदी सप्त रत्नों हीरा पन्ना मोती नीलम गोमेद पुखराज माणिक मूँगा से होगा। थाईलेंड, मलेशिया, मारीशस से आ रहे फूलों से तलहटी सजाई जाएगी। शास्त्रीय संगीत का वादन होगा। पंचरत्नम महाभिषेक सप्त नदियों गंगा, यमुना, कृष्णा, चिनाव, गोदावरी, नर्मदा, ब्रह्मपुत्र के जलों और गाय के दूध और जड़ी बूटियों से होगा।
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17 सितंबर को सबसे पहले ब्रज के साधू संतों का भोज होगा। उसके बाद दोपहर तीन बजे से रात्रि 12 बजे तक दर्शन होंगे। समारोह में अध्यक्ष दीनानाथ, रामभवन संरक्षक राजेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष भगवान दास खंडेलवाल, मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग, दिनेश, कृष्ण कुमार, कन्नू सर्राफ़, अनमोल बंसल, संजय चौधरी, नीरज गोयल, दिनेश, मंगल, राकेश गर्ग, किशोर सर्राफ़ आदि मौजूद रहे।
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कृष्ण सभागार में हुए समारोह में जीएलए यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने नाथद्वारा से बन कर आयी प्रभु को अर्पित की जाने वाली माखन मटकी का अनावरण करते हुए कहा कि कृष्ण ने इंद्र का मान मर्दन कर बृजवासियों की रक्षा की और तभी से बृजवासी प्रभु को छप्पन भोग लगाते हैं। तभी से कृष्ण कृष्ण प्रेम स्नेह सद्भाव के प्रणेता गिरिराज महाराज कहलाए। इससे पहले गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने प्रभु की छवि पर माल्यार्पण किया।
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महामंत्री अशोक कुमार आढ़तिया ने बताया कि तीन दिवसीय अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव के लिए कोलकाता और उड़ीसा के कारीगरों ने भव्य राजमहल तैयार किया है। 15 सितंबर को दुग्ध धारा परिक्रमा 16 सितंबर को पंचरत्नम महाभिषेक और स्वामी श्री हरिदास संगीत समारोह में देश के प्रमुख भजन गायक गोविंद भार्गव अपनी प्रस्तुति देंगे। मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग ने बताया कि प्रभु का शृंगार सोने चाँदी सप्त रत्नों हीरा पन्ना मोती नीलम गोमेद पुखराज माणिक मूँगा से होगा। थाईलेंड, मलेशिया, मारीशस से आ रहे फूलों से तलहटी सजाई जाएगी। शास्त्रीय संगीत का वादन होगा। पंचरत्नम महाभिषेक सप्त नदियों गंगा, यमुना, कृष्णा, चिनाव, गोदावरी, नर्मदा, ब्रह्मपुत्र के जलों और गाय के दूध और जड़ी बूटियों से होगा।
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17 सितंबर को सबसे पहले ब्रज के साधू संतों का भोज होगा। उसके बाद दोपहर तीन बजे से रात्रि 12 बजे तक दर्शन होंगे। समारोह में अध्यक्ष दीनानाथ, रामभवन संरक्षक राजेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष भगवान दास खंडेलवाल, मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग, दिनेश, कृष्ण कुमार, कन्नू सर्राफ़, अनमोल बंसल, संजय चौधरी, नीरज गोयल, दिनेश, मंगल, राकेश गर्ग, किशोर सर्राफ़ आदि मौजूद रहे।