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Mathura News: सदर ब्लॉक में जगह-जगह सुलग रहे कूड़े के ढेर
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मथुरा। सदर ब्लॉक में परियोजना निदेशक के आवास के सामने जला कूड़ा और सुलगती लकड़ियां।
- फोटो : mathura
मथुरा। जिले के सरकारी कार्यालयों में ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) के नियमों का मजाक बनाया जा रहा है। विकास भवन के बाद मंगलवार को सदर ब्लॉक में जगह-जगह कूड़े के ढेर जलाए गए। एक ढेर तो शाम तक सुलगता रहा। इसके बाद भी बीडीओ या अन्य किसी अधिकारी की नजर नहीं पड़ी।
कलेक्ट्रेट से यमुना नदी के लिए जाने वाली रोड पर सदर ब्लॉक बना है। यहां बीडीओ के साथ एडीओ पंचायत का कार्यालय और परियोजना निदेशक डीआरडीए का आवास भी है, लेकिन इसके बाद भी यहां टीटीजेड के नियमों का पालन कराने वाला कोई नहीं है। मंगलवार को ब्लॉक में आधा दर्जन स्थानों पर कूड़ा जलाया गया। ऐसा भी नहीं कि सफाई कर्मचारियों ने छिपाकर यह कूड़ा जलाया, उन्होंने खुलेआम बीडीओ कार्यालय, एडीओ पंचायत कार्यालय और परियोजना निदेशक के आवास के सामने कूड़ा जलाया, लेकिन अधिकारियों का ध्यान इस पर नहीं गया। परियोजना निदेशक पर ही मथुरा सदर ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी का भी कार्यभार है।
आगरा में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली टीटीजेड की बैठक में कूड़ा न जलाए जाने की बात हर बाई दोहराई जाती है। इसमें मथुरा के अधिकारी भी मौजूद रहते हैं, लेकिन इनका पालन कराना भूल जाते हैं। यहां तक कि सरकारी कार्यालयों में ही कूड़ा जलाया जा रहा है। इससे पूर्व विकास भवन परिसर में कूड़ा जलाया गया था, जिसमें दो पेड़ भी सुलग गए थे।
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दृश्य एक: बीडीओ कार्यालय के ठीक सामने ही सफाई कर्मचारियों ने कूड़े में आग लगा दी। इससे धुआं उठता रहा। कूड़ा जलने के बाद मौके पर पड़ी राख इसकी गवाही दे रही है, लेकिन बीडीओ, एडीओ या अन्य किसी कर्मचारी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
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दृश्य दो: मथुरा ब्लॉक परिसर में ही परियोजना निदेशक डीआरडीए एके उपाध्याय का आवास है। आवास के ठीक सामने एक बड़े कूड़े के ढेर को सफाई कर्मचारियों ने जला दिया। पहले से कटे पड़े एक पेड़ ने भी आग पकड़ ली, जो शाम तक सुलगती रही।
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वर्जन
कूड़ा न जलाए जाने के सख्त आदेश दिए गए हैं। पेड़ों की पत्तियों के लिए एक गड्ढा भी बनवाया गया है। अगर कूड़ा जलाया गया है तो इसकी जानकारी की जाएगी। दोबारा ऐसा न हो ये भी सुनिश्चित किया जाएगा।
-एके उपाध्याय, परियोजना निदेशक/बीडीओ सदर
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कलेक्ट्रेट से यमुना नदी के लिए जाने वाली रोड पर सदर ब्लॉक बना है। यहां बीडीओ के साथ एडीओ पंचायत का कार्यालय और परियोजना निदेशक डीआरडीए का आवास भी है, लेकिन इसके बाद भी यहां टीटीजेड के नियमों का पालन कराने वाला कोई नहीं है। मंगलवार को ब्लॉक में आधा दर्जन स्थानों पर कूड़ा जलाया गया। ऐसा भी नहीं कि सफाई कर्मचारियों ने छिपाकर यह कूड़ा जलाया, उन्होंने खुलेआम बीडीओ कार्यालय, एडीओ पंचायत कार्यालय और परियोजना निदेशक के आवास के सामने कूड़ा जलाया, लेकिन अधिकारियों का ध्यान इस पर नहीं गया। परियोजना निदेशक पर ही मथुरा सदर ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी का भी कार्यभार है।
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आगरा में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली टीटीजेड की बैठक में कूड़ा न जलाए जाने की बात हर बाई दोहराई जाती है। इसमें मथुरा के अधिकारी भी मौजूद रहते हैं, लेकिन इनका पालन कराना भूल जाते हैं। यहां तक कि सरकारी कार्यालयों में ही कूड़ा जलाया जा रहा है। इससे पूर्व विकास भवन परिसर में कूड़ा जलाया गया था, जिसमें दो पेड़ भी सुलग गए थे।
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दृश्य एक: बीडीओ कार्यालय के ठीक सामने ही सफाई कर्मचारियों ने कूड़े में आग लगा दी। इससे धुआं उठता रहा। कूड़ा जलने के बाद मौके पर पड़ी राख इसकी गवाही दे रही है, लेकिन बीडीओ, एडीओ या अन्य किसी कर्मचारी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
दृश्य दो: मथुरा ब्लॉक परिसर में ही परियोजना निदेशक डीआरडीए एके उपाध्याय का आवास है। आवास के ठीक सामने एक बड़े कूड़े के ढेर को सफाई कर्मचारियों ने जला दिया। पहले से कटे पड़े एक पेड़ ने भी आग पकड़ ली, जो शाम तक सुलगती रही।
वर्जन
कूड़ा न जलाए जाने के सख्त आदेश दिए गए हैं। पेड़ों की पत्तियों के लिए एक गड्ढा भी बनवाया गया है। अगर कूड़ा जलाया गया है तो इसकी जानकारी की जाएगी। दोबारा ऐसा न हो ये भी सुनिश्चित किया जाएगा।
-एके उपाध्याय, परियोजना निदेशक/बीडीओ सदर