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Mathura News: विद्युत निगम में जेई से चीफ इंजीनियर तक सवाल का मिलेगा एक ही जवाब
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मथुरा। सावधान। अगर आप विद्युत निगम के कार्यालय में अपनी कोई समस्या लेकर जा रहे हैं तो मानसिक रूप से तैयार होकर जाएं। वहां किसी भी समस्या का जेई से लेकर चीफ इंजीनियर तक से एक ही जवाब मिलेगा। कारण उन्हें निगम मुख्यालय से 40 सवालों की एक बुकलेट थमा दी गई है, इसमें सवाल और उनके उत्तर शामिल हैं, जिन्हें अधिकारियों को इन दिनों रटाया जा रहा है। इससे अब उपभोक्ता को मिलने वाले जवाब में कोई अंतर नहीं आएगा, भले ही उसकी समस्या का समाधान हो या न हो।
उदाहरण के तौर पर एक उपभोक्ता को बिजली का बिल नहीं मिल रहा था, वह जब निगम कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो नीचे से लेकर ऊपर तक एक ही उत्तर मिला यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप, निगम की वेबसाइड www.uppcl.org, व्हाट्सएप नंबर 8010957826 के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल पर बिल का लिंक खोल बिल देख सकते हैं। यह बात अलग थी कि उपभोक्ता ज्यादा पढ़ा लिखा न होने के कारण लंबे-चौड़े जवाब सुनकर लौट आया पर निगम से उसे बिल नहीं मिल सका।
उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से मुख्यालय ने अक्सर पूछे जाने वाले 40 महत्वपूर्ण प्रश्नों और उनके उत्तरों का विस्तृत दस्तावेज (एफएक्यू) तैयार कर अधिकारियों को भेजा है। इन दिनों अधिकारी इस एफएक्यू में लिखे जवाबों का रट्टा मारने में जुटे हैं। इससे उपभोक्ताओं के सवालों के एफएक्यू के हिसाब से उत्तर दे सकें। मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने इस संबंध में अधीनस्थों को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े सामान्य प्रश्नों के उत्तर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ज्ञात होने चाहिए।
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इन समस्याओं के सवाल और उत्तर
एफएक्यू में स्मार्ट मीटर, नया कनेक्शन लेने की प्रक्रिया, कनेक्शन का भार बढ़ाने या घटाने की व्यवस्था, मीटर खराब होने पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, बिल संशोधन, ऑनलाइन भुगतान, बकाया राशि, नाम परिवर्तन, विद्युत आपूर्ति बाधित होने, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, स्मार्ट मीटर, उपभोक्ता सेवा केंद्रों की भूमिका तथा विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े प्रश्न व उनके उत्तर शामिल हैं।
मुख्यालय से आए एफएक्यू में उपभोक्ताओं द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर हैं। एफएक्यू अधीनस्थों को भेज दिया है। अधिकारी एफएक्यू में लिखे जवाब ही उपभोक्ताओं को देंगे। -राजीव गर्ग, मुख्य अभियंता
यह है प्रमुख सवाल और उनके उत्तर
प्रश्न: क्या मेरा स्मार्ट मीटर बदला जाएगा?
उत्तर: जी नहीं। केवल मीटर की कार्यप्रणाली प्रीपेड से पूर्व की भांति मासिक बिलिंग में बदली जा रही है। यह कार्य कंट्रोल रूम से स्वत: किया जा रहा है। इसके लिए उपभोक्ता को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है।
प्रश्न: पोस्टपेड मोड में परिवर्तन होने की सूचना कैसे मिलेगी ?
उत्तर: आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस व्हाट्सएप के माध्यम से प्रीपेड से पोस्टपेड मोड में परिवर्तन की सूचना भेजी जाएगी। इसके लिए मोबाइल नंबर अपडेट जरूरी है।
प्रश्न: पोस्टपेड मोड़ में बिल कब से मिलेगा ?
उत्तर: मई 2020 की ऊर्जा खपत का बिल जून 2026 में पूर्व की भांति मासिक बिलिंग प्रणाली से जारी किया जा रहा है। इसके बाद प्रत्येक माह नियमित रूप से मासिक बिल प्राप्त होगा।
प्रश्न: क्या पुराने बकाए के लिए किश्त सुविधा मिलेगी ?
उत्तर: जी नहीं।
प्रश्न: एक मोबाइल नंबर से कितने विद्युत संयोजन लिंक किए जा सकते हैं?
उत्तर: एक मोबाइल नंबर से तीन विद्युत संयोजन लिंक किए जा सकते हैं।
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उदाहरण के तौर पर एक उपभोक्ता को बिजली का बिल नहीं मिल रहा था, वह जब निगम कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो नीचे से लेकर ऊपर तक एक ही उत्तर मिला यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप, निगम की वेबसाइड www.uppcl.org, व्हाट्सएप नंबर 8010957826 के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल पर बिल का लिंक खोल बिल देख सकते हैं। यह बात अलग थी कि उपभोक्ता ज्यादा पढ़ा लिखा न होने के कारण लंबे-चौड़े जवाब सुनकर लौट आया पर निगम से उसे बिल नहीं मिल सका।
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उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से मुख्यालय ने अक्सर पूछे जाने वाले 40 महत्वपूर्ण प्रश्नों और उनके उत्तरों का विस्तृत दस्तावेज (एफएक्यू) तैयार कर अधिकारियों को भेजा है। इन दिनों अधिकारी इस एफएक्यू में लिखे जवाबों का रट्टा मारने में जुटे हैं। इससे उपभोक्ताओं के सवालों के एफएक्यू के हिसाब से उत्तर दे सकें। मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने इस संबंध में अधीनस्थों को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े सामान्य प्रश्नों के उत्तर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ज्ञात होने चाहिए।
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इन समस्याओं के सवाल और उत्तर
एफएक्यू में स्मार्ट मीटर, नया कनेक्शन लेने की प्रक्रिया, कनेक्शन का भार बढ़ाने या घटाने की व्यवस्था, मीटर खराब होने पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, बिल संशोधन, ऑनलाइन भुगतान, बकाया राशि, नाम परिवर्तन, विद्युत आपूर्ति बाधित होने, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, स्मार्ट मीटर, उपभोक्ता सेवा केंद्रों की भूमिका तथा विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े प्रश्न व उनके उत्तर शामिल हैं।
मुख्यालय से आए एफएक्यू में उपभोक्ताओं द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर हैं। एफएक्यू अधीनस्थों को भेज दिया है। अधिकारी एफएक्यू में लिखे जवाब ही उपभोक्ताओं को देंगे। -राजीव गर्ग, मुख्य अभियंता
यह है प्रमुख सवाल और उनके उत्तर
प्रश्न: क्या मेरा स्मार्ट मीटर बदला जाएगा?
उत्तर: जी नहीं। केवल मीटर की कार्यप्रणाली प्रीपेड से पूर्व की भांति मासिक बिलिंग में बदली जा रही है। यह कार्य कंट्रोल रूम से स्वत: किया जा रहा है। इसके लिए उपभोक्ता को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है।
प्रश्न: पोस्टपेड मोड में परिवर्तन होने की सूचना कैसे मिलेगी ?
उत्तर: आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस व्हाट्सएप के माध्यम से प्रीपेड से पोस्टपेड मोड में परिवर्तन की सूचना भेजी जाएगी। इसके लिए मोबाइल नंबर अपडेट जरूरी है।
प्रश्न: पोस्टपेड मोड़ में बिल कब से मिलेगा ?
उत्तर: मई 2020 की ऊर्जा खपत का बिल जून 2026 में पूर्व की भांति मासिक बिलिंग प्रणाली से जारी किया जा रहा है। इसके बाद प्रत्येक माह नियमित रूप से मासिक बिल प्राप्त होगा।
प्रश्न: क्या पुराने बकाए के लिए किश्त सुविधा मिलेगी ?
उत्तर: जी नहीं।
प्रश्न: एक मोबाइल नंबर से कितने विद्युत संयोजन लिंक किए जा सकते हैं?
उत्तर: एक मोबाइल नंबर से तीन विद्युत संयोजन लिंक किए जा सकते हैं।