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वृंदावन के कलाकारों ने सागर में बिखेरे ब्रज लोक नृत्य के रंग
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मथुरा। सागर मध्य प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में मयूर नृत्य की प्रस्तुति देते
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। संस्कृति मंत्रालय की ओर से मध्य प्रदेश के सागर में आयोजित राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में वृंदावन शोध संस्थान के कलाकार दल ने ब्रज लोक नृत्य संगीत की प्रस्तुति दी। चरकुला, मयूर नृत्य व फूलों की होली खेली।
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की संयुक्त सचिव अमिता प्रसाद साराभाई, सागर के सांसद राजबहादुर सिंह , महापौर अभय दरे व राष्ट्रीय क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र नागपुर के निदेशक दीपक खिरबड़कर की मौजूदगी में ब्रज के कलाकारों ने समां बांध दिया।
कलाकार वंदनाश्री और उनके समूह ने चरकुला की प्रस्तुति में ब्रज विशाल बम्ब की थाप पर सैकड़ों दीपकों से प्रज्ज्वलित चरकुला अपने सर पर उठाकर भावपूर्ण नृत्य किया। मयूर नृत्य के अंतर्गत लगा मानो रंगमंच पर अनेक मयूर राधा कृष्ण के रूप में नृत्य कर रहे हों। अंतिम प्रस्तुति ब्रज होली की रही। इसमें कलाकारों ने राधा कृष्ण और सखियों के रूप में फूलों की होली का मनोहारी और मंत्रमुग्ध करने वाला दृश्य प्रस्तुत किया। वृंदावन शोध संस्थान से रजत शुक्ला, उमाशंकर पुरोहित और करवेंद्र सिंह ने कार्यक्रम की व्यवस्था की।
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संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की संयुक्त सचिव अमिता प्रसाद साराभाई, सागर के सांसद राजबहादुर सिंह , महापौर अभय दरे व राष्ट्रीय क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र नागपुर के निदेशक दीपक खिरबड़कर की मौजूदगी में ब्रज के कलाकारों ने समां बांध दिया।
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कलाकार वंदनाश्री और उनके समूह ने चरकुला की प्रस्तुति में ब्रज विशाल बम्ब की थाप पर सैकड़ों दीपकों से प्रज्ज्वलित चरकुला अपने सर पर उठाकर भावपूर्ण नृत्य किया। मयूर नृत्य के अंतर्गत लगा मानो रंगमंच पर अनेक मयूर राधा कृष्ण के रूप में नृत्य कर रहे हों। अंतिम प्रस्तुति ब्रज होली की रही। इसमें कलाकारों ने राधा कृष्ण और सखियों के रूप में फूलों की होली का मनोहारी और मंत्रमुग्ध करने वाला दृश्य प्रस्तुत किया। वृंदावन शोध संस्थान से रजत शुक्ला, उमाशंकर पुरोहित और करवेंद्र सिंह ने कार्यक्रम की व्यवस्था की।
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