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Mathura: खतरे के निशान के पार यमुना...हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा 3.29 लाख क्यूसेक पानी, डीएम ने बुलाई आपात बैठक
Mon, 01 Sep 2025 09:54 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 01 Sep 2025 09:54 PM IST
सार
मथुरा में पहले से ही खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना का जलस्तर सोमवार को पांच सेंटीमीटर और बढ़कर 166.26 मीटर तक पहुंच गया। वहीं हथिनीकुंड बैराज से 3.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से हालात और बिगड़ सकते हैं।
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मथुरा में बाढ़ जैसे हालात की तस्वीरें
- फोटो : संवाद
विस्तार
हथिनीकुंड से अधिक मात्रा में छोड़े गए पानी के बाद सोमवार को जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने आपातकालीन बैठक बुलाई। सभी अधिकारियों से अलर्ट रहने और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में की जाने वाली विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। यह पानी चार से छह सितंबर तक मथुरा में पहुंचेगा। इससे यमुना का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच जाएगा।
डीएम ने जिले के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों सहित सभी उप-जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गांव-गांव में जाकर बैठक करें। ग्राम स्तर पर टीम बनाई जाए, जिसमें पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पशुपालन विभाग, विद्युत विभाग, विकास विभाग आदि के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को तैनात किया जाए। सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामों को चिन्हित करते हुए वहां पर टीम लगाई जाएं।
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डीएम ने जिले के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों सहित सभी उप-जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गांव-गांव में जाकर बैठक करें। ग्राम स्तर पर टीम बनाई जाए, जिसमें पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पशुपालन विभाग, विद्युत विभाग, विकास विभाग आदि के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को तैनात किया जाए। सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामों को चिन्हित करते हुए वहां पर टीम लगाई जाएं।
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सीएसओ को बाढ़ क्षेत्र में एंबुलेंस व मेडिकल टीम को तैनात करने के निर्देश हैं। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए परिवारों एवं पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की व्यवस्था करें। सभी के खाने, रहने, और व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्ति करें। ताकि हालात बेकाबू होने के बाद भी किसी को कोई परेशानी न हो सके।
साथ ही कहा कि शेल्टर होम में सभी मूल-भूत सुविधाएं होनी चाहिए और सभी उप जिलाधिकारी स्वयं जाकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा कि नाव व स्टीमर में बेसिक सेफ्टी इक्विपमेंट अवश्य होने चाहिए। पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं सड़कों पर समय पर बैरियर एवं बैरीकेडिंग की जाए। वाहनों का आवागमन रोका जाए। इस दौरान एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अमरेश कुमार, सभी एसडीएम, सीएमओ, सीवीओ समेत सभी अधिकारी मौजूद रहे।
साथ ही कहा कि शेल्टर होम में सभी मूल-भूत सुविधाएं होनी चाहिए और सभी उप जिलाधिकारी स्वयं जाकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा कि नाव व स्टीमर में बेसिक सेफ्टी इक्विपमेंट अवश्य होने चाहिए। पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं सड़कों पर समय पर बैरियर एवं बैरीकेडिंग की जाए। वाहनों का आवागमन रोका जाए। इस दौरान एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अमरेश कुमार, सभी एसडीएम, सीएमओ, सीवीओ समेत सभी अधिकारी मौजूद रहे।
सीमाओं को लांघ चुकी यमुना की धारा अब लोगों पर भारी पड़ रही है। बाढ़ के चलते घर का सामान बर्बाद होने के कारण लोगों की आंखों से भी अश्रुधारा बह रही है। पहले से ही खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना का जलस्तर सोमवार को पांच सेंटीमीटर और बढ़कर 166.26 मीटर तक पहुंच गया। वहीं हथिनीकुंड बैराज से 3.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से हालात और बिगड़ सकते हैं।
ऊपर से छोड़ा जा रहा पानी यमुना के रौद्र रूप को शांत नहीं होने दे रहा है। हालात इतने खराब हैं कि वृंदावन के खादर क्षेत्र, जयसिंहपुरा के साथ ही शेरगढ़ और नौहझील क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांवों में तो हालात इतने खराब हैं कि घरों तक में पानी भर गया है। हर दिन लोगों को यही उम्मीद रहती है कि शायद अब यमुना का जलस्तर घट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
ऊपर से छोड़ा जा रहा पानी यमुना के रौद्र रूप को शांत नहीं होने दे रहा है। हालात इतने खराब हैं कि वृंदावन के खादर क्षेत्र, जयसिंहपुरा के साथ ही शेरगढ़ और नौहझील क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांवों में तो हालात इतने खराब हैं कि घरों तक में पानी भर गया है। हर दिन लोगों को यही उम्मीद रहती है कि शायद अब यमुना का जलस्तर घट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
ऊपर से लगातार छोड़े जा रहे पानी से यमुना का जलस्तर तीन सेंटीमीटर और बढ़ गया। वहीं दूसरी तरफ अभी आगे भी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। दरअसल हथिनीकुंड बैराज से 329313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो आम दिनों में छोड़े जाने वाले पानी से चार गुना अधिक है। ऐसे में दो से तीन दिन में ये पानी जब मथुरा पहुंचेगा तो बाढ़ के हालात और विकराल होने की आशंका है। प्रशासन ने भी बाढ़ के हालातों को देखते हुए यमुना किनारे जाने और नौका संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
औरंगाबाद क्षेत्र की कॉलोनियों में भरा पानी
यमुना नदी में आई बाढ़ से गांव कोयला अलीपुर, औरंगाबाद एवं आसपास की काॅलोनियों में पानी भर गया है। लोगों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई दिन से हो रही बारिश और हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे कोयला अलीपुर और आसपास के निचले इलाकों में खेतों और कॉलोनियों में तीन फीट तक पानी भर गया है। इन इलाकों में जिला प्रशासन की ओर से मुनादी कराई जा रही है कि लोग ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। अगले 24 से 48 घंटे संकटपूर्ण रहेंगे। बाढ़ की स्थिति और विकराल हो सकती है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
औरंगाबाद क्षेत्र की कॉलोनियों में भरा पानी
यमुना नदी में आई बाढ़ से गांव कोयला अलीपुर, औरंगाबाद एवं आसपास की काॅलोनियों में पानी भर गया है। लोगों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई दिन से हो रही बारिश और हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे कोयला अलीपुर और आसपास के निचले इलाकों में खेतों और कॉलोनियों में तीन फीट तक पानी भर गया है। इन इलाकों में जिला प्रशासन की ओर से मुनादी कराई जा रही है कि लोग ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। अगले 24 से 48 घंटे संकटपूर्ण रहेंगे। बाढ़ की स्थिति और विकराल हो सकती है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीम मुस्तैद
बाढ़ से प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम मुस्तैद हैं। सोमवार को भी 25-30 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा दी गई। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया स्वास्थ्य टीम हर दिन 25-30 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा बांट रही है। पांच दिन पहले सुरजीत की गर्भवती पत्नी उमेश को स्टीमर से आगरा ले गए और सुरक्षित प्रसव कराया। उसके बालिका पैदा हुई है। टीम में डाॅ. अमित वरुण, राकेश शर्मा, राजेश कुमार आदि शामिल हैं। संवाद
जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में डर का माहौल
यमुना नदी के तटीय गांवों लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण ग्रामीणों में डर का माहौल व्याप्त गया है। सोमवार को प्रशासन ने कई गांवों में हालात खराब देख ग्रामीणों को घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए हैं। गांव अड्डा मीणा, छिनपारई, फिरोजपुर, अड्डा मल्हान, अड्डा जाटव, बाघर्रा, बरौठ, मंडारी, रायपुर, नानकपुर, भैरई, मुसमुना, मुकदुमपुर, खुशलागढ़ी, अनरदागढ़ी, भगवान गढ़ी, तिलकागढ़ी, जाफरपुर, मंगलखोर, इनायतगढ़, दौलतपुर, बसाऊ, देदना, मरहला मुक्खा, भूरगढ़ी,पालखेड़ा, पिथौरा व फरीदपुर में पानी लगातार बढ़ रहा है।
बाढ़ से प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम मुस्तैद हैं। सोमवार को भी 25-30 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा दी गई। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया स्वास्थ्य टीम हर दिन 25-30 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा बांट रही है। पांच दिन पहले सुरजीत की गर्भवती पत्नी उमेश को स्टीमर से आगरा ले गए और सुरक्षित प्रसव कराया। उसके बालिका पैदा हुई है। टीम में डाॅ. अमित वरुण, राकेश शर्मा, राजेश कुमार आदि शामिल हैं। संवाद
जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में डर का माहौल
यमुना नदी के तटीय गांवों लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण ग्रामीणों में डर का माहौल व्याप्त गया है। सोमवार को प्रशासन ने कई गांवों में हालात खराब देख ग्रामीणों को घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए हैं। गांव अड्डा मीणा, छिनपारई, फिरोजपुर, अड्डा मल्हान, अड्डा जाटव, बाघर्रा, बरौठ, मंडारी, रायपुर, नानकपुर, भैरई, मुसमुना, मुकदुमपुर, खुशलागढ़ी, अनरदागढ़ी, भगवान गढ़ी, तिलकागढ़ी, जाफरपुर, मंगलखोर, इनायतगढ़, दौलतपुर, बसाऊ, देदना, मरहला मुक्खा, भूरगढ़ी,पालखेड़ा, पिथौरा व फरीदपुर में पानी लगातार बढ़ रहा है।
यमुना नदी के रौद्र रूप को देख ग्रामीणों को क्षेत्र में वर्ष 2023 में आयी बाढ़ का खौफनाक मंजर फिर दिखने लगा है। वहीं हथिनीकुंड से सोमवार सुबह छोड़े गये पानी को लेकर ग्रामीणों को चिंता सताने लगी है। लगातार जलस्तर बढ़ने पर एसडीएम रितु सिरोही व नायब तहसीलदार राकेश उपाध्याय ने अतिसंवेदनशील गांवों का भ्रमण किया। अड्डा मल्हान, छिनपारई, अड्डा मीणा, फिरोजपुर, मांगरखोर व अड्डा जाटव में ग्रामीणों की समस्याएं सुन समाधान कराने को कहा।
गांव अड्डा मल्हान में पप्पू, सीताराम, ओमप्रकाश, दीपचंद, हेतराम, सोमिता, बिन्नू, रमेश चन्द्र, फुलेन्द्र, कन्हैया व मनोज के घर तक पानी पहुंच गया है। उन्हें घर खाली कर पशुओं सहित सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है। मंगलवार शाम तक जलस्तर बढ़ने की संभावना है। एसडीएम रितु सिरोही ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। क्षेत्र में कानूनगो, लेखपाल सहित टीमों को तैनात कर दिया गया है।
गांव अड्डा मल्हान में पप्पू, सीताराम, ओमप्रकाश, दीपचंद, हेतराम, सोमिता, बिन्नू, रमेश चन्द्र, फुलेन्द्र, कन्हैया व मनोज के घर तक पानी पहुंच गया है। उन्हें घर खाली कर पशुओं सहित सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है। मंगलवार शाम तक जलस्तर बढ़ने की संभावना है। एसडीएम रितु सिरोही ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। क्षेत्र में कानूनगो, लेखपाल सहित टीमों को तैनात कर दिया गया है।
जलस्तर बढ़ने से बाढ़ पीड़ितों की धड़कनें बढ़ीं
यमुना नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे नदी किनारे के गांवों में हालात खराब होने लगे हैं। बाढ़ पीड़ितों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। शेरगढ़-नौहझील मार्ग पर पानी के तेज बहाव के कारण आवागमन ठप हो गया है। ग्रामीण बढ़ते जलस्तर को देख परेशान नजर आ रहे हैं। जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित गांव बाबूगढ़, ढिमरी गुलालपुर, सपेरा नगला, चमन गढ़ी, ओवा-बहटा आदि में डेरा डाला हुआ है। वहीं समाजसेवी पीड़ितों को राहत सामग्री बांटकर मदद कर रहे हैं। शेरगढ़ थाना प्रभारी प्रदीप कुमार जल स्तर पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। सुरक्षा के लिए मजबूत इंतजाम किए हैं।
यमुना नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे नदी किनारे के गांवों में हालात खराब होने लगे हैं। बाढ़ पीड़ितों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। शेरगढ़-नौहझील मार्ग पर पानी के तेज बहाव के कारण आवागमन ठप हो गया है। ग्रामीण बढ़ते जलस्तर को देख परेशान नजर आ रहे हैं। जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित गांव बाबूगढ़, ढिमरी गुलालपुर, सपेरा नगला, चमन गढ़ी, ओवा-बहटा आदि में डेरा डाला हुआ है। वहीं समाजसेवी पीड़ितों को राहत सामग्री बांटकर मदद कर रहे हैं। शेरगढ़ थाना प्रभारी प्रदीप कुमार जल स्तर पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। सुरक्षा के लिए मजबूत इंतजाम किए हैं।
जलस्तर बढ़ने से फसलें जलमग्न
यमुना में लगातार जलस्तर बढ़ने से खादर एवं आसपास के खेतों के खड़ी फसलों में पानी भर गया है। नदी किनारे गांव मीरपुर, सुल्तानपुर, सुरीर, सिहावन, नगला नाहरिया, भिदौनी, औहावा, सामौली, सरकोरिया, इरौली-गूजर आदि हैं। किसान कन्हैयालाल राघव, दिनेश कुमार, महेश, रघुराज, प्रताप सिंह, किशन सिंह का कहना है रविवार रात से यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। पानी खादर के अलावा आसपास खेतों में खड़ी धान, बाजरा, ज्वार आदि की फसलों में भर गया है। इससे नुकसान होने की संभावना बनी हुई है।
यमुना में लगातार जलस्तर बढ़ने से खादर एवं आसपास के खेतों के खड़ी फसलों में पानी भर गया है। नदी किनारे गांव मीरपुर, सुल्तानपुर, सुरीर, सिहावन, नगला नाहरिया, भिदौनी, औहावा, सामौली, सरकोरिया, इरौली-गूजर आदि हैं। किसान कन्हैयालाल राघव, दिनेश कुमार, महेश, रघुराज, प्रताप सिंह, किशन सिंह का कहना है रविवार रात से यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। पानी खादर के अलावा आसपास खेतों में खड़ी धान, बाजरा, ज्वार आदि की फसलों में भर गया है। इससे नुकसान होने की संभावना बनी हुई है।
कंट्रोल रूम से हो रही निगरानी, अफसर भी लगा रहे दौड़
यमुना में जलस्तर बढ़ने से उपजे बाढ़ के हालातों की निगरानी के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम का संचालन किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में मौजूद स्टाफ लगातार जलस्तर की रिपोर्ट तैयार करता है, साथ ही आने वाले खतरे से भी संबंधित अधिकारियों को अवगत कराता है। इसके साथ ही बाढ़ वाले क्षेत्र जैसे नौहझील, शेरगढ़, वृंदावन आदि में एसडीएम भी निरीक्षण कर स्थितियों का जायजा ले रहे हैं। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा करने के साथ ही उन तक राहत सामग्री भी पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
यमुना में जलस्तर बढ़ने से उपजे बाढ़ के हालातों की निगरानी के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम का संचालन किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में मौजूद स्टाफ लगातार जलस्तर की रिपोर्ट तैयार करता है, साथ ही आने वाले खतरे से भी संबंधित अधिकारियों को अवगत कराता है। इसके साथ ही बाढ़ वाले क्षेत्र जैसे नौहझील, शेरगढ़, वृंदावन आदि में एसडीएम भी निरीक्षण कर स्थितियों का जायजा ले रहे हैं। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा करने के साथ ही उन तक राहत सामग्री भी पहुंचाने का काम किया जा रहा है।