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रोडवेज बस में आग, यात्री जिंदा जला
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बस में लगी आग बुझाते फायर कर्मी।
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मथुरा। बस में लगी आग के बाद वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने की शुरूआत बस के इंजन से हुई थी। जैसे ही यात्रियों को पता चला तो बस के अंदर अफरातफरी मच गई। कई यात्री तो बस में ही गिर गए। महिलाओं व बच्चों की चीख-पुकार मच गई। किसी तरह से बस से यात्री निकल ही पाए थे कि अचानक बस के अंदर विस्फोट सा हुआ और पूरी बस आग का गोला बन गई।
पीछे बैठा व्यक्ति भी अन्य यात्रियों की तरह से गेट या खिड़की से निकल जाता, लेकिन वह शरीर से भारी होने के कारण खिड़की में ही फंस गया। पूरी संभावना है कि बस में ही कोई यात्री ज्वलनशील पदार्थ लेकर जा रहा था। अग्निशमन अधिकारी संजय जयसवाल ने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने बस में लगी आग पर काबू पाया है। इसमें एक व्यक्ति का शव मिला है। उसकी पहचान नहीं हो सकी है।
उनका कहना है कि अगर समय से आग नहीं बुझ पाती तो डीजल टैंक फट सकता था, जो बड़ी घटना का कारण बन जाता। आग के दौरान टायर फटा तो वहां आसपास के लोग डर गए। तेज लपटों के कारण लोग राहत कार्य नहीं कर पाए। कुछ लोग बैटरी में स्पार्किंग बता रहे थे, बस में कोई ज्वलशील पदार्थ रखा था, इसकी संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
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लोग बनाते रहे वीडियो
जिस वक्त बस में आग लगी तो वहां मौजूद कुछ लोग मदद न करके वीडियो बनाते रहे। कुछ लोग कह रहे थे कि पीछे फंसे व्यक्ति को निकालने के लिए बस का पीछे का शीशा तोड़ दो, लेकिन वहां पहल करने वाला कोई नहीं था। गनीमत रही कि थोड़ा का वक्त मिल गया जिससे बस में सवार बच्चे व महिलाएं निकलने में कामयाब रहे। बस में सबसे पीछे बैठा व्यक्ति भीड़ के कारण नहीं निकल पाया। लोगों को इसका भी डर था कि अगर बस का डीजल टैंक फट गया तो आसपास कहर बरपा देगा। इसके लिए लोग बस से दूर ही रहे। वहां आसपास बाजार भी है।
तीन घंटे से बस का इंतजार कर रहे थे यात्री
बस में सवार यात्री महेंद्र कुमार ने बताया कि तीन घंटे से इंतजार के बाद अलीगढ़ के लिए अनुबंधित बस आई थी। इसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार हो गए। चालक-परिचालक फिर भी बस में नहीं थे। यात्री सोहन सिंह ने बताया कि आग लगने के बाद अधिकांश यात्री दरवाजे और खिड़कियों से निकल गए थे। अनेक खिड़कियों के शीशे तोड़कर लोग बस से बाहर निकले। इसमें पीछे सवार करीब 55 वर्षीय व्यक्ति फंस गया। उसे निकालने की कोशिश भी की गई, लेकिन आग की तेज लपटों से वह जिंदा जल गया। साबिर ने कहा कि हादसे के बाद भी यहां रोडवेज का कोई अधिकारी नजर नहीं आया। अलीगढ़-मेरठ की ओर जाने वाले यात्री घंटों से मारे-मारे फिरते रहे। रोडवेज के अधिकारियों ने यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अन्य वाहन की भी कोई व्यवस्था नहीं की। अफरोज ने यहां कोई अधिकारी यह बताने वाला नहीं था कि बस कब आएगी। अलीगढ़ के यात्री रोहताश ने बताया कि मथुरा बस स्टैंड पर यात्री सुविधाओं का बुरा हाल है। यहां न तो बस मौजूद हैं, और न ही उनके संचालन की जानकारी देने वाला कोई रोडवेज कर्मी है। यात्रियों के बैठने के लिए सीट भी नहीं है। शौचालय के आसपास बुरा हाल है। नाली के बाहर बह रही गंदगी के बीच से यात्रियों को निकलना पड़ रहा है। मालूम हो कि चुनाव के कारण रोडवेज बसों का अधिग्रहण कर लिया गया है। इसलिए यह कम चल रही हैं।
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पीछे बैठा व्यक्ति भी अन्य यात्रियों की तरह से गेट या खिड़की से निकल जाता, लेकिन वह शरीर से भारी होने के कारण खिड़की में ही फंस गया। पूरी संभावना है कि बस में ही कोई यात्री ज्वलनशील पदार्थ लेकर जा रहा था। अग्निशमन अधिकारी संजय जयसवाल ने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने बस में लगी आग पर काबू पाया है। इसमें एक व्यक्ति का शव मिला है। उसकी पहचान नहीं हो सकी है।
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उनका कहना है कि अगर समय से आग नहीं बुझ पाती तो डीजल टैंक फट सकता था, जो बड़ी घटना का कारण बन जाता। आग के दौरान टायर फटा तो वहां आसपास के लोग डर गए। तेज लपटों के कारण लोग राहत कार्य नहीं कर पाए। कुछ लोग बैटरी में स्पार्किंग बता रहे थे, बस में कोई ज्वलशील पदार्थ रखा था, इसकी संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
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लोग बनाते रहे वीडियो
जिस वक्त बस में आग लगी तो वहां मौजूद कुछ लोग मदद न करके वीडियो बनाते रहे। कुछ लोग कह रहे थे कि पीछे फंसे व्यक्ति को निकालने के लिए बस का पीछे का शीशा तोड़ दो, लेकिन वहां पहल करने वाला कोई नहीं था। गनीमत रही कि थोड़ा का वक्त मिल गया जिससे बस में सवार बच्चे व महिलाएं निकलने में कामयाब रहे। बस में सबसे पीछे बैठा व्यक्ति भीड़ के कारण नहीं निकल पाया। लोगों को इसका भी डर था कि अगर बस का डीजल टैंक फट गया तो आसपास कहर बरपा देगा। इसके लिए लोग बस से दूर ही रहे। वहां आसपास बाजार भी है।
तीन घंटे से बस का इंतजार कर रहे थे यात्री
बस में सवार यात्री महेंद्र कुमार ने बताया कि तीन घंटे से इंतजार के बाद अलीगढ़ के लिए अनुबंधित बस आई थी। इसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार हो गए। चालक-परिचालक फिर भी बस में नहीं थे। यात्री सोहन सिंह ने बताया कि आग लगने के बाद अधिकांश यात्री दरवाजे और खिड़कियों से निकल गए थे। अनेक खिड़कियों के शीशे तोड़कर लोग बस से बाहर निकले। इसमें पीछे सवार करीब 55 वर्षीय व्यक्ति फंस गया। उसे निकालने की कोशिश भी की गई, लेकिन आग की तेज लपटों से वह जिंदा जल गया। साबिर ने कहा कि हादसे के बाद भी यहां रोडवेज का कोई अधिकारी नजर नहीं आया। अलीगढ़-मेरठ की ओर जाने वाले यात्री घंटों से मारे-मारे फिरते रहे। रोडवेज के अधिकारियों ने यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अन्य वाहन की भी कोई व्यवस्था नहीं की। अफरोज ने यहां कोई अधिकारी यह बताने वाला नहीं था कि बस कब आएगी। अलीगढ़ के यात्री रोहताश ने बताया कि मथुरा बस स्टैंड पर यात्री सुविधाओं का बुरा हाल है। यहां न तो बस मौजूद हैं, और न ही उनके संचालन की जानकारी देने वाला कोई रोडवेज कर्मी है। यात्रियों के बैठने के लिए सीट भी नहीं है। शौचालय के आसपास बुरा हाल है। नाली के बाहर बह रही गंदगी के बीच से यात्रियों को निकलना पड़ रहा है। मालूम हो कि चुनाव के कारण रोडवेज बसों का अधिग्रहण कर लिया गया है। इसलिए यह कम चल रही हैं।