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Mathura News: समितियों पर घंटों इंतजार के बाद किसानों को नहीं मिल रही खाद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2024 03:06 AM IST
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Fertilizer is not available even after waiting for hours
गोवर्धन में डीएपी के लिए किसान परेशान
सौंख। रबी फसलों की बुबाई शुरू होते ही खाद की किल्लत बढ़ गई है। क्षेत्र में आलू की बुबाई चल रही है वहीं गेहूं और सरसों की तैयारी की जा रही है।सहकारी समितियाें पर खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। सुबह से लाइन में लगे किसान खाद न मिलने पर शाम को मायूस होकर लौट जाते हैं। मंगलवार को सहकारी समिति बछगांव पर खाद के लिए किसानों ने नंबर लगवाए लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल सका। वहीं सहकारी समिति फोड़र में पिछले कई दिनों से किसान बिना खाद के ही लौट रहे है l सींगापट्टी व मगोर्रा समितियां पर भी किसान सुबह 5 बजे से लाइन लगाकर खड़े हो गए। लेकिन अधिकांश को खाली हाथ लौटना पड़ा। अपर जिला सहकारी अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिह का कहना है कि शासन स्तर से डीएपी खाद की मात्रा कम भेजी जा रही है।
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सुबह से लाइन में लग गया, अब पता चला कि खाद ही नहीं है। बृहस्पतिवार को भी खाद नहीं मिला। जबकि प्रशासन कहता है पर्याप्त खाद है।
- श्याम सखा शर्मा, गांव पैठा


सब काम छोड़कर खाद के लिए समितियों के चक्कर लगाना शुरू कर देते हैं। आलू की फसल बुबाई करनी है, लेकिन कहीं खाद नहीं मिल रहा।
- विजेंद्र सिंह, गांव सबला


हर सीजन में परेशान होना पड़ता है। मुझे सरसों की बुबाई करनी है, लेकिन समिति पर खाद नहीं है। प्रशासन को खाद की व्यवस्था करनी चाहिए।
- बनवारी चौधरी, गांव फोड़र


आलू की बुबाई के लिए कई दिन से खाद के लिए समिति के चक्कर लगा रहा हूं। जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल रहा है। बुबाई कैसे होगी ।
- गोविंद सिंह, गांव नगला आशा





गोवर्धन में खाद के लिए किसान परेशान
गोवर्धन। क्षेत्र के किसान खाद उपलब्ध न होने के चलते परेशान हैं। सुबह से शाम तक सहकारी समितियों पर इंतजार करने के बाद उन्हें मात्र एक या दो बोरा खाद मिल पाती है।
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क्षेत्र में रबी की फसल, गेहूं, जौ, सरसों व आलू की बुबाई बहुतायत में होती है। इन फसलों के लिए करीब 50 किलो प्रति एकड़ खाद जरूरी है। सहकारी समितियों पर सुबह से ही किसानों की भीड़ एकत्रित हो जाती है। दिनभर धूप में खड़े होने के बाद जब उनकी बारी आती है तब स्टॉक खत्म होने की बात कहकर शाम को ले जाने के लिए कह दिया जाता है। वहीं मात्र एक ही बोरा खाद दी जाती है। गांव अड़ींग स्थित सहकारी समिति पर किसानों की लाइन सुबह 5 बजे से लग गई जो दिनभर लगी रही। किसान परेशान रहे। संवाद
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डीएपी की किल्लत के लिए डीएम को सौंपा ज्ञापन



मथुरा। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने मंगलवार को किसान समस्याओं और खाद की किल्लत के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह को सौंपा। जिलाध्यक्ष चौधरी भगवान सिंह वर्मा ने कहा कि रजबाहों की सफाई न होने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा हहै। आलू की बुवाई का सीजन चल रहा है। इस वक्त किसानों को लंबी लाइन में लगने के बाद भी जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही है।


जल्द से जल्द किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हुई और बारिश से नुकसान फसलों का मुआवजा नहीं मिला तो कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे। जिला प्रवक्ता विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि किसानों के धान की खरीद के लिए मंडी में शेड खाली नहीं हैं। ऐसे में किसानों का धान खुले में पड़ा हुआ है। किसानों के रात्रि विश्राम की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इस अवसर पर बृजेश शर्मा, प्रवीण ठाकुर, अशोक शर्मा, महेश चौबे, महिला जिलाध्यक्ष शिखा चौधरी, रोशन लाल, चंद्र मोहन जायसवाल, प्रकाश शर्मा आदि रहे। संवाद
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