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75000 किसानों को मिला उनका हक
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:25 PM IST
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किसान
- फोटो : अमर उजाला
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आखिरकार 75 हजार किसानों को उनका अधिकार मिला। उन्हें भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल कर लिया गया। अब केवल तीन ग्राम सभाएं शेष रह गईं हैं, जो वास्तव में शहरी आबादी क्षेत्र में शामिल हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना 31 जुलाई को जारी होनी थी। इसकी पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार को दी जानी थी। शहरी क्षेत्र से सटे और आबादी में आई ग्राम सभाओं को योजना से वंचित कर दिया गया था। शहरी क्षेत्र से सटे गांवों के 75 हजार किसान मायूस होकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। ‘अमर उजाला’ ने उनकी पीड़ा को स्वर दिया।
जिसके बाद शासन-प्रशासन का इस ओर ध्यान गया और संबंधित गांवों को भी योजना का हिस्सा बना लिया गया। अब केवल तीन ग्राम सभाएं शेष हैं जिन्हें योजना में शामिल नहीं किया गया है। इन्हीं ग्राम सभाओं में वृंदावन, राजपुर, बांगर और औरंगाबाद आते हैं।
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सभी ग्राम सभाओं को इस योजना में शामिल कर लिया गया है, केवल वो ही गांव नहीं लिए गए हैं, जो शहरी आबादी में आ गए हैं। अमर उजाला द्वारा दर्शाए गए सभी गांवों को योजना का हिस्सा बनाया गया है।
-राकेश बाबू, नोडल अधिकारी, फसल बीमा योजना
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना 31 जुलाई को जारी होनी थी। इसकी पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार को दी जानी थी। शहरी क्षेत्र से सटे और आबादी में आई ग्राम सभाओं को योजना से वंचित कर दिया गया था। शहरी क्षेत्र से सटे गांवों के 75 हजार किसान मायूस होकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। ‘अमर उजाला’ ने उनकी पीड़ा को स्वर दिया।
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जिसके बाद शासन-प्रशासन का इस ओर ध्यान गया और संबंधित गांवों को भी योजना का हिस्सा बना लिया गया। अब केवल तीन ग्राम सभाएं शेष हैं जिन्हें योजना में शामिल नहीं किया गया है। इन्हीं ग्राम सभाओं में वृंदावन, राजपुर, बांगर और औरंगाबाद आते हैं।
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सभी ग्राम सभाओं को इस योजना में शामिल कर लिया गया है, केवल वो ही गांव नहीं लिए गए हैं, जो शहरी आबादी में आ गए हैं। अमर उजाला द्वारा दर्शाए गए सभी गांवों को योजना का हिस्सा बनाया गया है।
-राकेश बाबू, नोडल अधिकारी, फसल बीमा योजना