{"_id":"6af06c84e0738bec2d045e6d","slug":"farmers-observed-black-diwali-at-chhata-sugar-mill-protest-site-2026-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने मनाई काली दिवाली: त्योहार पर भी जारी रहा छाता शुगर मिल के लिए धरना, एक दिन की भूख हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने मनाई काली दिवाली: त्योहार पर भी जारी रहा छाता शुगर मिल के लिए धरना, एक दिन की भूख हड़ताल
Sun, 08 Nov 2026 06:05 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 08 Nov 2026 06:05 PM IST
सार
किसानों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज "दोनों एक ही हैं"। सनातन के सबसे बड़े पर्व दिवाली के दिन भी किसानों के साथ घोर अन्याय किया गया है।
विज्ञापन
छाता शुगर मिल के लिए प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
दीपावली जैसे पावन पर्व पर जहां एक ओर पूरा देश रोशनी के दीप जलाकर खुशियां मना रहा था, वहीं मथुरा की छाता चीनी मिल में धरने पर बैठे किसानों ने रविवार को 89वें दिन एक दिन की भूख हड़ताल करते हुए 'काली दिवाली' मनाई। किसानों ने सिर पर काली पट्टी बांधकर सरकार के प्रति अपना कड़ा रोष व्यक्त किया और कहा कि बुरे वक्त में जो साथ न दे, वह अपना नहीं हो सकता।
धरना दे रहे किसानों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका जो त्योहार हंसी-खुशी से मनाना चाहिए था, वह आज प्रशासन और राजनीतिक उपेक्षा के कारण फीका पड़ गया है। किसानों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज "दोनों एक ही हैं" और सनातन के सबसे बड़े पर्व दिवाली के दिन भी किसानों के साथ घोर अन्याय किया गया है। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस सरकार और व्यवस्था को ईश्वर कभी माफ नहीं करेगा और इन्हें इनके कर्मों की सजा अवश्य मिलेगी।
इस दौरान भारी संख्या में किसान मौके पर मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी इस दिवाली को 'काली दिवाली' में बदलने वाला आखिरकार कौन वह इस क्षेत्र का 'कालनेमी' है? किसानों का यह विरोध प्रदर्शन इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। इस दौरान स्वामी सच्चिदानंद , फतेह पाल सिंह, श्री बाबा, जबर प्रधान, भोजपाल, शिवराम, वीरी सिंह, कान्हा सिंह, राजेश चौधरी, पवन दुबे, धर्मवीर चौधरी, मीना, लज्जा, कांता, महावती, प्ररभाती, गीता, राधा रानी उर्मिला, रवीना, नत्थो ,किरण रेखा ,शारदा , जमना, हरदेई, चेनवती आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
धरना दे रहे किसानों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका जो त्योहार हंसी-खुशी से मनाना चाहिए था, वह आज प्रशासन और राजनीतिक उपेक्षा के कारण फीका पड़ गया है। किसानों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज "दोनों एक ही हैं" और सनातन के सबसे बड़े पर्व दिवाली के दिन भी किसानों के साथ घोर अन्याय किया गया है। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस सरकार और व्यवस्था को ईश्वर कभी माफ नहीं करेगा और इन्हें इनके कर्मों की सजा अवश्य मिलेगी।
विज्ञापन
इस दौरान भारी संख्या में किसान मौके पर मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी इस दिवाली को 'काली दिवाली' में बदलने वाला आखिरकार कौन वह इस क्षेत्र का 'कालनेमी' है? किसानों का यह विरोध प्रदर्शन इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। इस दौरान स्वामी सच्चिदानंद , फतेह पाल सिंह, श्री बाबा, जबर प्रधान, भोजपाल, शिवराम, वीरी सिंह, कान्हा सिंह, राजेश चौधरी, पवन दुबे, धर्मवीर चौधरी, मीना, लज्जा, कांता, महावती, प्ररभाती, गीता, राधा रानी उर्मिला, रवीना, नत्थो ,किरण रेखा ,शारदा , जमना, हरदेई, चेनवती आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन